Revision summary
प्रशासन स्वतंत्रता और धन खर्च करता है, इसलिए गणराज्य में न्यायिक रोक आवश्यक है। अनुच्छेद 14, 21, 32 और 226 तथा नैसर्गिक न्याय मूल कारण हैं। रूपों में न्यायिक समीक्षा, पाँच रिट, वैधानिक अपील, जनहित याचिका, अवमानना, क्षति और स्थगन हैं। न्यायालय कुछ मनमानी नीति और प्रत्यायोजित विधायन भी जाँचते हैं। नियंत्रण आवश्यक और सीमाबद्ध है; न्यायालय तहसील न चलाएँ।
Model answer
Introduction
लोक प्रशासन नागरिक की स्वतंत्रता और धन खर्च करता है। न्यायिक नियंत्रण न्यायालय की वह रोक है कि यह शक्ति विधि, तर्क और अधिकार के भीतर रहे। गणराज्य में वह आवश्यक है, और उसके कई नामित रूप हैं।
Body
न्यायिक नियंत्रण क्यों आवश्यक
- प्रशासन विशेषज्ञ और तेज है; बिना बाहरी कानूनी रोक के वह खाकी या सचिवालय पत्रावली में निजी इच्छा बन सकता है।
- विधि का शासन और अनुच्छेद 14, 21, 32 तथा 226 राज्य को बोलती न्यायपालिका के प्रति उत्तरदायी बनाते हैं, केवल मंत्री के प्रति नहीं।
- नैसर्गिक न्याय — सुनवाई और निष्पक्ष मन — अक्सर वह एकमात्र ढाल है जो ढहाए झोपड़ी या बर्खास्त लिपिक के पास हो।
- भ्रष्टाचार, दुर्भावना और अधिकारातीत कर्म को ऐसे मंच चाहिए जो उसी पदानुक्रम का न हो जिसने टिप्पणी हस्ताक्षर की।
- आवश्यकता यह दावा नहीं कि न्यायालय तहसील चलाएँ; दावा यह है कि अवैध प्रशासन सुधार योग्य होना चाहिए।
न्यायिक नियंत्रण के रूप
- प्रशासनिक कर्म की न्यायिक समीक्षा: वैधता, संवैधानिकता, आनुपातिकता, और अयुक्तियुक्तता का आधार।
- अनुच्छेद 32 और 226 के अधीन रिट: अवैध निरोध पर बंदी प्रत्यक्षीकरण; लोक कर्तव्य बाध्य करने को परमादेश; अर्ध-न्यायिक अति रोकने या रद्द करने को प्रतिषेध और उत्प्रेषण; हथियाए पद पर अधिकार पृच्छा।
- वैधानिक अपील और पुनरीक्षण जहाँ कर, सेवा या भूमि क़ानून स्वयं पत्रावली अधिकरण या न्यायालय भेजे।
- विसरित हानि — प्रदूषण, बंधुआ श्रम, कारागार — के लिए जनहित याचिका जब पीड़ित आसानी से मुकदमा न कर सके।
- न्यायालय आदेश की अवज्ञा पर अवमानना, जो केवल पहले निर्णय नहीं, क्रियान्वयन का नियंत्रण है।
- राज्य की लापरवाही या अधिकार-उल्लंघन सिद्ध हो तो अपकृत्य या लोक-विधि गलत पर क्षति और मुआवजा।
- विवाद सुनते समय ध्वस्त या स्थानांतरण रोकने वाले व्यादेश और स्थगन।
- प्रत्यायोजित विधायन और कुछ नीति की समीक्षा यदि मनमानी हो, हर नीति चयन का विकल्प नहीं।
सीमाएँ
- विलंब, लागत और विशेषज्ञता अंतराल जरूरी परियोजना पंगु कर सकते हैं या धनी वादी बचा सकते हैं।
- न्यायिक नियंत्रण इसलिए आवश्यक, सीमाबद्ध, और अंकेक्षण, विधायिका तथा आंतरिक अपील का पूरक है।
Flow diagram
flowchart TD A[प्रशासनिक कर्म] --> J[न्यायिक नियंत्रण] J --> W[रिट समीक्षा] J --> P[जनहित अपील क्षति] W --> R[विधि का शासन] P --> R
Conclusion
न्यायिक नियंत्रण आवश्यक है क्योंकि बिना कानूनी रोक प्रशासन लगाम बिना शक्ति है। उसके रूप हैं समीक्षा, रिट, वैधानिक अपील, जनहित याचिका, अवमानना, क्षति और स्थगन। न्यायालय अवैधता सुधारे; दैनिक कलेक्टर न बने।
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Next question in the 2021 paper (Q15). View answer →
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क्या हर विलंबित पत्रावली रिट की हकदार है?
नहीं। जहाँ वास्तविक हों साधारण उपचार समाप्त करें। रिट कानूनी अधिकार की अस्वीकृति के लिए है, हर कतार के लिए नहीं।
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क्या जनहित याचिका प्रशासन का विकल्प है?
जनहित याचिका टॉर्च और धक्का है। वितरण को अभी विभाग चाहिए; न्यायालय हर राशन दुकान नहीं भर सकता।
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