Revision summary
सहिष्णुता थाना, शिविर और डेस्क पर भेद का अपमान ठुकराना है। करुणा अतिरिक्त विधिवत प्रयास है ताकि चिल्ला न सकने वाले का अधिकार चले। अंबेडकर, गांधी की कसौटी और रॉल्स के सबसे कमजोर अधिकारी को कलंकित की ओर खींचते हैं। मनरेगा, खाद्य सुरक्षा, आरटीई, दिव्यांगता डेस्क और आपदा रसोई कामकाजी उदाहरण हैं। ‘केवल हमारे गरीब’ करुणा नहीं; भूख को संस्कृति कहना सहिष्णुता नहीं।
Model answer
Introduction
कमजोर वर्ग राज्य से पहले डेस्क, थाना या शिविर में मिलते हैं। वहाँ सहिष्णुता भेद को अपमानित करने से इंकार है; करुणा वह अतिरिक्त विधिवत प्रयास है जो चिल्ला न सकने वाले के लिये अधिकार चलाए।
Body
दोनों मूल्य कैसे दिखते हैं
- सहिष्णुता अल्पसंख्यक जुलूस, दलित आवेदक, या प्रमाण कतार में ट्रांसजेंडर पहचान की समान सुनवाई के रूप में दिखती है — अनुच्छेद 15 और 17 दीवार पोस्टर नहीं, मांस।
- करुणा शीत लहर में रात्रि रसोई, लॉकडाउन में प्रवासी ट्रक, दृष्टिबाधित परीक्षार्थी के लिये लेखक, और शैयाग्रस्त पेंशनर के घर दौरे के रूप में दिखती है।
- अंबेडकर की संवैधानिक नैतिकता अधिकारी से कलंकित के साथ मोहल्ले की प्रथा के विरुद्ध खड़े होने को कहती है; गांधी की कसौटी पूछती है कि उस कतार में अंतिम कौन है।
- रॉल्स का अंतर सिद्धांत, प्रशासनिक वस्त्र में, दुर्लभ स्टाफ समय पहले उस व्यक्ति पर खर्च करना है जो बिचौलिये को रिश्वत न दे सके।
- द्वितीय एआरसी का नागरिक-केंद्रित शासन प्रक्रिया डिजाइन में ये मूल्य है: रैंप, स्थानीय भाषा, और सहायता डेस्क जो तिरस्कार न करे।
उदाहरण
- मनरेगा और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा: करुणा समय पर मजदूरी और अनाज है; सहिष्णुता कार्ड से पहले मुस्लिम या अनुसूचित जाति घर से ‘वफादारी सिद्ध करो’ न पूछना है।
- आरटीई और छात्रवृत्ति: प्रधानाचार्य जो गरीब बच्चे को बिना उपहास बैठाए, एक कक्षा में दोनों मूल्य चलाता है।
- पुलिस: सांप्रदायिक घेरने से इंकार सहिष्णुता है; बंधुआ मजदूर बचाव को तमाशा बनाए बिना लिखना करुणा है।
- आपदा: 2013 उत्तराखंड और 2019–20 बाढ़ रसोई, तथा कोविड प्रवासी विशेष, करुणा थे; राहत शिविर को बहुसंख्यक कब्जे से बचाना सहिष्णुता है।
- दिव्यांगता अधिनियम डेस्क और दंगे के बाद मानसिक स्वास्थ्य मदद करुणा हैं; मिश्रित वार्ड में विधिवत आस्था प्रथा देना सहिष्णुता है।
सावधानी
- करुणा जो मापदंड केवल ‘हमारे गरीब’ के लिये छोड़े, पक्षपात है। सहिष्णुता जो भूखी कतार देखकर उसे ‘उनकी संस्कृति’ कहे, क्रूरता है।
Flow diagram
flowchart TD T[सहिष्णुता] --> D[डेस्क पर समान गरिमा] C[करुणा] --> U[कमजोर के लिये चलता अधिकार] D --> Q[कतार का अंतिम व्यक्ति] U --> Q
Conclusion
कमजोर के प्रति सहिष्णुता डेस्क पर समान गरिमा है; करुणा अधिकार को पहुँच योग्य बनाना है। लोक सेवा दोनों तब प्रकट करती है जब अंतिम व्यक्ति उपदेश नहीं, चलता हक लेकर जाए।
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Explain the importance of persuasive communication in attitudinal change.
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क्या करुणा अतिरिक्त-विधिक मदद है?
नहीं। वह हर विधिवत खिड़की तेज और मानवीय प्रयोग है। अतिरिक्त-विधिक कृपा संरक्षण फिर पालती है।
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क्या सहिष्णुता प्रथा से सहमत होना है?
नहीं। असहमत रहकर भी समान स्वतंत्रता बचाई जा सकती है। हानिकारक प्रथाएँ अभी कानून से मिलती हैं।
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