Q12 · UPPSC PCS मुख्य परीक्षा 2020 · GS II · 12 अंक · कक्ष में ~200 शब्द · 2 min read

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एक संस्थागत रूप में चुनाव आयोग द्वारा वर्तमान में किन-किन समस्याओं का सामना किया जा रहा है? इसका समाधान भी उल्लेख कीजिए।

विषय: Representation of the People Act. पाठ्यक्रम: Salient features of the Representation of the People's Act. वही आधिकारिक प्रश्न वर्ष 2020 और Representation of the People Act से।

Revision summary

अनुच्छेद 324 चुनावों का अधीक्षण देता है, पर नियुक्ति कार्यपालिका रहती है। आचार संहिता तंत्र, धन, अपराध और सोशल मीडिया के विरुद्ध कमजोर है। ईवीएम-वीवीपैट राजनीति और उधार राज्य स्टाफ संस्थागत विश्वास घटाते हैं। समाधान: कॉलेजियम नियुक्ति, आचार को अपराध, परीक्षित व्यय, अधिक वीवीपैट, राज्य सचिवालय। मतपत्र समस्या नहीं; आयोग का वैधानिक कवच है।

Model answer

Introduction

चुनाव आयोग अनुच्छेद 324 के अधीन संवैधानिक निकाय है, जिसे स्वतंत्र और निष्पक्ष मत चलाने का विश्वास मिला। संस्था के रूप में वह अब नियुक्ति राजनीति, नरम आदर्श आचार संहिता, नामांकन में धन और अपराध, डिजिटल प्रचार और उधार नौकरशाही का सामना करता है।

Body

वर्तमान समस्याएँ

  • मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त कार्यपालिका द्वारा नियुक्त होते हैं; बहु-सदस्य स्वतंत्र कॉलेजियम की कमी व्यक्तिगत ईमानदारी रहने पर भी तटस्थता का रूप कमजोर करती है।
  • आदर्श आचार संहिता अधिकांशतः नैतिक दबाव है; स्टार प्रचारक दुरुपयोग, सरकारी तंत्र और अंतिम सप्ताह स्थानांतरण समय पर दंडित करना कठिन है।
  • अपराधीकरण और धन शक्ति: शपथ-पत्र मामले दिखाते हैं, फिर भी मतदाता महँगे, उम्मीदवार-केन्द्रित मुकाबले और कमजोर आंतरिक दल लोकतंत्र का सामना करता है।
  • सोशल मीडिया, पेड न्यूज और डीप-फेक अफवाहें अड़तालीस घंटे मौन और आयोग की हटाने की क्षमता से आगे निकल जाती हैं।
  • ईवीएम-वीवीपैट विश्वास उच्चतम न्यायालय के सीमित सत्यापन आदेश के बाद भी राजनीतिक विवाद है; संस्था मतदाता सूची चलाने से अधिक मशीनें बचाने में साख खर्च करती है।
  • आयोग का अपना क्षेत्र संवर्ग नहीं; वह राज्य के कलेक्टर, पुलिस और शिक्षकों को उधार लेता है, इसलिए सत्ताधारी लाभ और स्थानीय पक्षपात संरचनात्मक जोखिम रहते हैं।
  • बार-बार चुनाव और अगली जनगणना तक परिसीमन ठहराव संस्था को स्थायी प्रचार और पुराने सीट मानचित्र में रखते हैं।

समाधान

  • विपक्ष के नेता और न्यायिक सदस्य सहित वैधानिक बहु-सदस्य नियुक्ति समिति अनुच्छेद 324 की मूल बिना स्वतंत्रता कड़ी करेगी।
  • चुने आचार भंगों को भ्रष्ट आचरण या विशिष्ट अपराध बनाइए, त्वरित पीठ दें, और पूर्व-मत खिड़की में सरकारी विज्ञापन सीमित करें।
  • डिजिटल पगडंडी से व्यय सीमा लागू करें, दलों का लेखा परीक्षण करें, और मापित सार्वजनिक वित्त या निःशुल्क प्रसारण प्रयोग करें।
  • प्रचार खिड़की में मंच दायित्व वाला वैधानिक सोशल-मीडिया प्रकोष्ठ और अधिक यादृच्छिक वीवीपैट गणना विश्वास लौटाएगी।
  • प्रत्येक राज्य में छोटा स्थायी चुनाव सचिवालय और स्थानीय निकायों के साथ साझी मतदाता सूची बैठी सरकार पर निर्भरता काटेगी।
  • एक साथ चुनाव राजनीतिक पसंद हैं; संस्थागत रूप से बिखरे मत को कमजोर नहीं, मजबूत आयोग चाहिए।

Flow diagram

flowchart TD
  A[अनु 324 चुनाव आयोग] --> P[नियुक्ति आचार धन डिजिटल स्टाफ]
  P --> S[कॉलेजियम आचार अपराध लेखा वीवीपैट संवर्ग]
  S --> F[अधिक स्वतंत्र निष्पक्ष मत]

Conclusion

आयोग की समस्याएँ नियुक्ति की स्वतंत्रता, नरम संहिता, धन-अपराध, डिजिटल गति और उधार स्टाफ हैं। समाधान कॉलेजियम नियुक्ति कानून, आचार में दाँत, परीक्षित वित्त, प्रौद्योगिकी पारदर्शिता और समर्पित क्षेत्र भुजा में हैं—मतपत्र पर अविश्वास में नहीं।

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    नहीं। वह स्वतंत्र मत के लिए निर्देश दे सकने वाला संवैधानिक प्राधिकार है। चुनाव परिणाम विवाद विधि के अनुसार चुनाव याचिका से उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय जाते हैं।

  • क्या एक साथ चुनाव आयोग की समस्याएँ सुलझाएंगे?

    वे लागत और आचार थकान काट सकते हैं। वे स्वयं नियुक्ति, आपराधिक उम्मीदवार या सोशल-मीडिया झूठ नहीं सुधारते।

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