Q11 · UPPSC PCS मुख्य परीक्षा 2020 · GS II · 12 अंक · कक्ष में ~200 शब्द · 2 min read

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"लोकहित का प्रत्येक मामला, लोकहित याचिका का मामला नहीं होगा।" मूल्यांकन कीजिए।

विषय: Indian Constitution. पाठ्यक्रम: Indian Constitution — historical underpinnings, evolution, features, amendments, significant provisions and basic structure. वही आधिकारिक प्रश्न वर्ष 2020 और Indian Constitution से।

Revision summary

PIL ने अनुच्छेद 32 और 226 तक मूक की पहुँच के लिए स्थिति शिथिल की। क्षति लोक होनी चाहिए, निजी थैली या समाचार शीर्षक नहीं। जनता दल, अशोक कुमार पांडे और बाल्को प्रचार और नीति PIL पर बाड़ लगाते हैं। चौफल दिशानिर्देश सद्भाव और वास्तविक लोक क्षति माँगते हैं। कथन सत्य है: लोकहित और लोकहित याचिका एक नहीं।

Model answer

Introduction

लोकहित याचिका ने उन लोगों के लिए उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों का द्वार खोला जो पहुँच नहीं सकते थे। कथन ठोस है: सार्वजनिक जिज्ञासा, निजी झगड़ा या राजनीतिक हिसाब केवल इसलिए PIL नहीं बनता कि समाचार-पत्र रुचि रखते हैं।

Body

PIL किस लिए है

  • एस.पी. गुप्ता तथा बंधुआ मजदूरी और पर्यावरण मामलों के बाद लोकस स्टैंडी शिथिल किया गया ताकि लोक-भावना से प्रेरित व्यक्ति मूक के लिए अनुच्छेद 32 या 226 ले जा सके।
  • क्षति किसी वर्ग, संवैधानिक अधिकार या उस लोक कर्तव्य की होनी चाहिए जिसे राज्य टाल रहा हो, याचिकाकर्ता की निजी थैली की नहीं।
  • इसलिए PIL अंतिम-मील न्याय का उपचार है, दूसरी विधायिका या न्यायालय में दैनिक संपादकीय नहीं।

प्रत्येक लोकहित PIL क्यों नहीं

  • जनता दल बनाम एच.एस. चौधरी और अशोक कुमार पांडे बनाम संघ ने चेताया कि प्रचार हित, राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और लोक कारण बने कारोबारी झगड़े न्यायालय का समय बर्बाद करते हैं।
  • बाल्को कर्मचारी संघ ने कहा कि सक्षम कार्यपालिका की नीति और विनिवेश पसंद स्वतः PIL के रूप में न्याय्य नहीं।
  • मकान मालिक-किरायेदार विवाद, सेवा वरिष्ठता झगड़ा या निविदा हानि निजी वाद रहता है भले पड़ोस बात करे।
  • 2010 के बलवंत सिंह चौफल दिशानिर्देश सद्भावी याचिकाकर्ता, परिचय प्रकटन और वास्तविक लोक क्षति माँगते हैं; अनाम या प्रेरित याचिकाएँ खर्च सहित खारिज हो सकती हैं।

मूल्यांकन

  • कथन न्यायालय की सूची और PIL के विचार दोनों की रक्षा करता है: यदि सब कुछ PIL है तो कुछ नहीं है।
  • मूल्यांकन जेल, प्रदूषण, तस्करी और अधिकारों के अकाल पर वास्तविक PIL के लिए जगह छोड़ता है जहाँ पीड़ित मुकदमा नहीं कर सकता।
  • तुच्छ PIL प्रक्रिया का दुरुपयोग है; वास्तविक PIL अनुच्छेद 32 की आत्मा रहती है जब गरीब वकील नहीं दे सकता।

Flow diagram

flowchart TD
  R[लोक अधिकार या कर्तव्य] --> P[वैध PIL]
  V[मूक पीड़ित] --> P
  X[निजी वाद प्रचार राजनीति] --> N[PIL नहीं]
  G[चौफल सद्भाव] --> P

Conclusion

जो बात जनता को रुचिकर लगे वह सब लोकहित याचिका नहीं। PIL लोक क्षति और लोक कर्तव्य के लिए है, सद्भाव और न्यायालय के दिशानिर्देशों से घिरी। इसलिए कथन अनुशासन के नियम के रूप में सत्य है और मूक पर बंद द्वार के रूप में पढ़े जाने पर असत्य।

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  • What are the problems faced by the Election Commission as an institution at present? Also mention solution for them.

    Next question in the 2020 paper (Q12). View answer →

  • क्या पड़ोसी निजी संपत्ति विवाद पर PIL दाखिल कर सकता है?

    नहीं। वह निजी वाद रहता है। PIL को लोक क्षति या लोक-विधि कर्तव्य चाहिए, पड़ोस झगड़ा नहीं।

  • क्या कथन पर्यावरण PIL मारता है?

    नहीं। प्रदूषण और सार्वजनिक संपत्ति के मामले क्लासिक PIL रहते हैं जब वर्ग या पर्यावरण को हानि हो और याचिकाकर्ता सद्भावी हो।

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