Q10 · UPPSC PCS मुख्य परीक्षा 2024 · GS IV · 8 अंक · कक्ष में ~125 शब्द · 2 min read

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लोक सेवक अक्सर विविध पृष्ठभूमि और भिन्न दृष्टिकोणों वाले लोगों के साथ कार्य करते हैं। व्यावसायिकता बनाए रखते हुए उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति कैसे सुनिश्चित करेंगे?

विषय: Ethics and Human Interface. पाठ्यक्रम: Ethics and Human Interface — Essence, determinants and consequences of Ethics in human action. वही आधिकारिक प्रश्न वर्ष 2024 और Ethics and Human Interface से।

Revision summary

व्यावसायिकता वस्तुनिष्ठता, तटस्थता और सकारण आदेश है, गुट डेस्क नहीं। आवश्यकताएँ समान प्रक्रिया तथा निःशक्तता, भाषा और आयु के समायोजन से पूरी होती हैं। दृष्टिकोण सुनें, अधिनियम लगाएँ, व्यक्ति का अपमान न करें। नागरिक घोषणापत्र और आरटीआई सूची संरक्षक की जरूरत घटाते हैं। निजी आवेश उलझे तो हटें; आवेग पत्रावली से दूर रखें।

Model answer

Introduction

जाति, आस्था, भाषा, लिंग, निःशक्तता और राजनीति की विविधता भारतीय जनता है। व्यावसायिकता समान प्रक्रिया और व्यक्तिगत संयम है। आवश्यकताएँ नियम के भीतर समता से पूरी होती हैं, निजी सौदे से नहीं।

Body

मापदंड

  • व्यावसायिकता यहाँ नोलन की वस्तुनिष्ठता और आचरण नियमों की राजनीतिक तटस्थता है: अधिकारी गुट कर्मी नहीं।
  • आवश्यकता पूर्ति अनुच्छेद 14 समान संरक्षण है, और जहाँ संविधान दे, निःशक्तता, भाषा और ऐतिहासिक बहिष्कार के लिए युक्तियुक्त समायोजन
  • कौटिल्य राजा का सुख प्रजा के सुख में चाहते थे; आज वह परीक्षा उस व्यक्ति की चलती खिड़की है जो अधिकारी के निजी मत से असहमत हो।

मैं कैसे सुनिश्चित करूँगा

  • एक दृश्य प्रक्रिया: प्रत्येक दृष्टिकोण के लिए वही जाँच सूची, टोकन और सकारण आदेश, ताकि सरकार के आलोचक को लाइसेंस डेस्क पर दंड न मिले।
  • समता, एक जैसी अंधता नहीं: व्हीलचेयर रैंप, सांकेतिक भाषा सहायक, वृद्ध आवेदक को अतिरिक्त समय, और उत्तर प्रदेश में हिंदी-उर्दू-भोजपुरी व्याख्या व्यावसायिकता हैं, कृपा नहीं।
  • व्यक्ति को मत से अलग रखें: विरोध समूह की माँग सुनें, लिखें, अधिनियम लगाएँ; आदेश में आस्था या दल का अपमान न करें।
  • समय और सूचना: नागरिक घोषणापत्र घड़ी, धारा 4 सूची और सहायता डेस्क “किसी को जानने” की जरूरत काटते हैं।
  • टीम ब्रीफिंग: स्टाफ को बताएँ कि वेश, बोली या निःशक्तता पर व्यंग्य कदाचार है, हास्य नहीं।
  • संघर्ष प्रोटोकॉल: यदि मेरा निजी मत उलझे, तथ्य लिखूँ, जहाँ चाहिए स्वयं हटूँ, और सुनवाई पर सहकर्मी बिठाऊँ।
  • कठिन मामले: जुलूस टकराव दोनों पक्षों पर समान शर्त, पर्याप्त बल, और न्यायालय पढ़ सके ऐसी पत्रावली से मिले।
  • आत्म-नियमन: गोलेमन का आवेग नियंत्रण ताकि गाली देने वाले याचिकाकर्ता पर क्रोध अवैध रिमांड या विलंबित विधवा पेंशन न बने।

मामले के लिए तैयार

  • तहसील जो किसान संघ, व्यापारी संगठन और अल्पसंख्यक मोहल्ले को वही नामांतरण नियम दे, और निःशक्त आवेदक को भूतल खिड़की दे, आवश्यकताएँ पूरी करती है और व्यावसायिक रहती है।

Flow diagram

flowchart TD
  D[विविध जनता] --> P[एक प्रक्रिया]
  P --> A[युक्तियुक्त समायोजन]
  A --> N[आवश्यकता पूर्ति]
  R[तटस्थता] --> N

Conclusion

विविध जनता एक विधिवत प्रक्रिया, युक्तियुक्त समायोजन, और पक्ष न लेने वाले मुख से सेवित होती है। व्यावसायिकता वह संयम है; आवश्यकता पूर्ति वह पहुँच योग्य प्रक्रिया है।

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  • यदि एक समूह समायोजित किया तो क्या मैं पक्षपाती हूँ?

    विधि में नामित बाधा का समायोजन समता है। संरक्षक की गुप्त अतिरिक्त पक्षपात है। सकारण आदेश दिखाना चाहिए कौन सा क्या है।

  • क्या सेवा के लिए नागरिक के दृष्टिकोण से सहमत होना चाहिए?

    नहीं। व्यावसायिकता विधिवत आवश्यकता की सेवा है। सहमति निजी है और पत्रावली से बाहर रहे।

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