Revision summary
नैतिक आचार संहिता आचरण नियमों और नोलन जैसे सार्वजनिक जीवन मापदंडों से सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता और कर्तव्य बाँधती है। द्वितीय एआरसी ने मूल्य नामित और आचरण प्रवर्तनीय चाहा, दीवार नारा नहीं। कार्य संस्कृति समय, सत्य और शिष्टता की कार्यालय की असली आदत है। संस्कृति संहिता को पुष्ट या खोखला कर सकती है, क्योंकि कनिष्ठ वरिष्ठ की नकल करते हैं। बाढ़ राहत सूची, ई-ऑफिस और सुनी शिकायत दोनों की परीक्षा हैं।
Model answer
Introduction
सिविल सेवा लोक न्यास है। नैतिक आचार संहिता बताती है कि पद क्या कभी नहीं बेचा जाएगा; कार्य संस्कृति तय करती है कि वह संहिता पत्रावली में जीती है या केवल दीवार पर।
Body
(A) नैतिक आचार संहिता
- नैतिक आचार संहिता सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता और कर्तव्य-निष्ठा का लिखित तथा सिखाया मापदंड है जो कुर्सी पर बैठे व्यक्ति को बाँधती है, केवल कुर्सी को नहीं।
- भारत में यह केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964, अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम, 1968, और उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियम जैसे राज्य रूपों में दिखती है।
- सार्वजनिक जीवन के नोलन सिद्धांत — निःस्वार्थता, सत्यनिष्ठा, वस्तुनिष्ठता, जवाबदेही, खुलापन, ईमानदारी और नेतृत्व — वह नैतिक मानचित्र देते हैं जिन्हें ये नियम लागू करने का प्रयास करते हैं।
- द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग की शासन में नैतिकता रिपोर्ट ने संक्षिप्त आचार नीति और प्रवर्तनीय आचार संहिता दोनों माँगी, ताकि मूल्य नारा न रह जाएँ।
- कांट की परीक्षा यहाँ उपयोगी है: नागरिक को पदस्थापन, उपहार या राजनीतिक कृपा का मात्र साधन न बनाएँ।
- कौटिल्य का अमात्य के चरित्र पर जोर उसी माँग का पुराना भारतीय रूप है: सत्यनिष्ठा रहित क्षमता लोक खतरा है।
- सेवा में भूमिका: संहिता उपहार, निजी व्यापार, राजनीतिक प्रचार और अशोभनीय आचरण रोकती है; अवैध मौखिक आदेश को लिखित माँगने का कर्तव्य भी देती है।
- मामले के लिए तैयार: पूर्वी उत्तर प्रदेश में क्षति सूची से बाढ़ राहत बाँटने वाला जिला अधिकारी संहिता जीता है; जाति प्रमाण पत्र पर कटौती रोकने वाला लिपिक उसे तोड़ता है।
(B) कार्य संस्कृति
- कार्य संस्कृति वह साझा आदत है जिससे कार्यालय वास्तव में समय, सत्य, अधीनस्थों और खिड़की पर खड़े व्यक्ति के साथ पेश आता है, नियमावली की छपाई से परे।
- एडगर शाइन संस्कृति को दृश्य चिह्न, घोषित मूल्य और भीतरी मान्यता कहते हैं; कलेक्ट्रेट में नागरिक घोषणापत्र चिह्न हो सकता है जबकि मान्यता यह हो कि गरीब को प्रतीक्षा करनी है।
- स्वस्थ संस्कृति स्वच्छ टिप्पणी, सकारण आदेश और शिष्टता को पुरस्कृत करती है; रोगी संस्कृति रिश्वत, लीक पत्रावली और ईमानदार नोट के भय को पुरस्कृत करती है।
- द्वितीय एआरसी ने नागरिक-केंद्रित प्रशासन को कार्यालय संस्कृति से जोड़ा: समयपालन, अभिलेख, और सुनी गई शिकायत, मरने के लिए दाखिल शिकायत नहीं।
- संस्कृति नवागंतुक को व्याख्यान से तेज सिखाती है: नया पीसीएस अधिकारी समय पर हस्ताक्षर करने वाले वरिष्ठ की नकल करता है, या बंगले में छिपने वाले की।
- भूमिका: संस्कृति नैतिक संहिता को दैनिक अभ्यास बनाती है, या उसे फ्रेम किए शपथ-पत्र में खोखला कर देती है।
- मामले के लिए तैयार: ई-ऑफिस, प्रकाशित सुनवाई सूची और तहसील की सोमवार पत्रावली बैठक संस्कृति खिसका सकती है; व्हिसलब्लोअर को दंडित स्थानांतरण उसे तोड़ता है।
Flow diagram
flowchart TD C[नैतिक संहिता] --> R[आचरण नियम] W[कार्य संस्कृति] --> H[दैनिक आदत] R --> F[विश्वसनीय पत्रावली] H --> F
Conclusion
नैतिक आचार संहिता सेवा का नियमों में अंतःकरण है। कार्य संस्कृति गलियारे में वही अंतःकरण है। सिविल सेवा नैतिकता तभी टिकती है जब दोनों एक दिशा दें।
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क्या नैतिक संहिता आपराधिक विधि के समान है?
नहीं। आपराधिक विधि बाद में रिश्वत दंडित करती है। नैतिक संहिता पत्रावली की बिक्री पहले रोकना चाहती है, उपहार और पक्षपात सहित जो अभी आरोप पत्र न हों।
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क्या एक ईमानदार अधिकारी कार्य संस्कृति बदल सकता है?
एक अधिकारी स्थानीय उदाहरण और सकारण आदेश की आदत डाल सकता है। स्थायी संस्कृति को वरिष्ठ, मूल्यांकन और ईमानदार नोट की रक्षा चाहिए।
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