Revision summary
नैतिक अभिवृत्ति सही, गलत, ईमानदारी और क्रूरता का स्थिर मूल्यांकन है। राजनीतिक अभिवृत्ति राज्य, दलों और हम कौन गिने जाते हैं की ओर झुकाव है। आज का परिदृश्य पहचान, कल्याण और सोशल मीडिया से दोनों प्रशिक्षित करता है। वे अनुच्छेद 14 और 19 के अधीन अंतःकरण प्लस नागरिक भागीदारी के रूप में उचित हैं। पवित्र युद्ध, पूजा या जाति-सत्य के रूप में उचित नहीं; अधिकारियों को तटस्थता प्लस निष्पक्ष साहस चाहिए।
Model answer
Introduction
अभिवृत्ति वह स्थिर मूल्यांकन है जो भाव, बात और मत चलाती है। नैतिक अभिवृत्ति सही-गलत की ओर वह रुख है। राजनीतिक अभिवृत्ति शक्ति, दलों और लोक की ओर वह रुख है। आज के दृश्य में दोनों तभी उचित हैं जब संवैधानिक नैतिकता के नीचे रहें।
Body
नैतिक अभिवृत्ति
- ईमानदारी, क्रूरता, निष्पक्षता और कर्तव्य के प्रति अपेक्षाकृत स्थिर पसंद या नापसंद, घर, आस्था, विद्यालय और चोट से बनी।
- वह दिखती है कि संबंधी के लिए झूठ चतुर लगे या लज्जा, और कमजोर व्यक्ति अधिकार-धारक दिखे या नहीं।
- उसके संज्ञानात्मक, भावात्मक और व्यवहारात्मक पक्ष हैं: न्याय पर विश्वास, घृणा या गर्व की गर्मी, और कर्म की आदत।
- स्वस्थ नैतिक अभिवृत्ति अपरिचित तक सार्वभौम हो, केवल स्वजन तक नहीं।
राजनीतिक अभिवृत्ति
- राज्य, विचारधारा, नेता, भागीदारी, और राष्ट्र में “हम” कौन है, की ओर झुकाव।
- वह संस्थाओं पर विश्वास से निराशा तक, बहुलवाद से बहुसंख्यक गर्मी तक, उदासीनता से सड़क जुटाव तक फैली।
- वह दल कार्ड के समान नहीं; व्यक्ति लोकतांत्रिक अभिवृत्ति रख और सरकार आलोचना भी कर सकता है।
वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य
- उच्च जुटाव, सोशल मीडिया गति, पहचान गुट और कल्याण निशाना दोनों अभिवृत्तियाँ प्रतिदिन प्रशिक्षित करते हैं।
- नैतिक अभिवृत्तियाँ राजनीति में खिंचती हैं: सांप्रदायिक अफवाह “निष्ठा” परीक्षा बनती है, रिश्वत “प्रणाली ऐसे चलती है” बनती है।
- नकली समाचार, भुगतान समाचार और चयनित रोष दोनों अभिवृत्तियों का संज्ञानात्मक पक्ष कमजोर करते हैं।
औचित्य
- नैतिक अभिवृत्ति तब उचित है जब अंतःकरण प्लस लोक तर्क हो: सत्य कहो, घृणा संकेत मना करो, कमजोर को फ्रेम में रखो।
- राजनीतिक अभिवृत्ति तब उचित है जब नागरिक हो: मत दो, विधिवत विरोध करो, गणना पर हार स्वीकारो, और विपक्ष को वैध मानो।
- कोई भी पवित्र युद्ध, व्यक्तित्व पूजा या “मेरी जाति, मेरा सत्य” के रूप में उचित नहीं।
- वर्तमान परिदृश्य में जोड़ी संवैधानिक देशभक्ति के रूप में उचित है: तल के रूप में अनुच्छेद 14 और 19, विधि के रूप में बंधुत्व, और अमानवीकरण बिना असहमति।
- लोकसेवकों को विशेषकर तटस्थता की राजनीतिक अभिवृत्ति और निष्पक्ष साहस की नैतिक अभिवृत्ति रखनी चाहिए, नहीं तो परिदृश्य पत्रावली खा जाता है।
Flow diagram
flowchart TD M[नैतिक अभिवृत्ति] --> J[अपरिचित के प्रति न्याय] P[राजनीतिक अभिवृत्ति] --> C[नागरिक भागीदारी] J --> K[संवैधानिक नैतिकता] C[C] --> K[K]
Conclusion
नैतिक अभिवृत्ति सही की ओर रुख है; राजनीतिक अभिवृत्ति शक्ति की ओर रुख है। आज के ध्रुवित, तीव्र राजनीति में वे केवल संविधान के अधीन नागरिक अंतःकरण के रूप में उचित हैं, घृणा या नेता पूजा के लाइसेंस के रूप में नहीं।
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क्या अधिकारी के लिए मजबूत राजनीतिक अभिवृत्ति सदा बुरी है?
निजी मत अधिकार है। पद को दल या घृणा-गुट के लिए प्रयोग असफलता है।
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क्या नैतिक अभिवृत्ति राजनीति-मुक्त हो सकती है?
निजी ईमानदारी शांत हो सकती है। लोक नैतिक अभिवृत्ति तब राजनीति से मिलती है जब दंगा या राशन पत्रावली आए।
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