Q7 · UPPSC PCS मुख्य परीक्षा 2021 · GS IV · 8 अंक · कक्ष में ~125 शब्द · 2 min read

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सहानुभूति को परिभाषित कीजिए तथा कमजोर वर्ग की समस्याओं के समाधान में सहानुभूति की भूमिका की विवेचना कीजिए।

विषय: Ethics and Human Interface. पाठ्यक्रम: Ethics and Human Interface — Essence, determinants and consequences of Ethics in human action. वही आधिकारिक प्रश्न वर्ष 2021 और Ethics and Human Interface से।

Revision summary

समवेदना दूसरे के स्थान से देखना और परवाह है, दया की नीचे की दृष्टि नहीं। वह सुनने और जाँच योग्य कारण का पेशेवर कौशल है। कमजोर वर्ग पहले उन फॉर्म और खिड़कियों पर गिरते हैं जो सबल के लिए बनी हैं। समवेदना वैध पहुँच खोलती है: शिविर, लेखक, ढाल और समयबद्ध विस्तार। पसंदीदा के लिए कतार तोड़ना समवेदना नहीं; कब्जा है।

Model answer

Introduction

समवेदना (एम्पैथी) दूसरे के स्थान से स्थिति देखने की साधित क्षमता है, बिना उस व्यक्ति की भावना में डूबे। कमजोर वर्ग के लिए वह काउंटर पर आँसू नहीं; वह आदत है जो योजना को उस व्यक्ति तक पहुँचाती है जिसे पत्रावली भूल गई।

Body

परिभाषा

  • समवेदना संज्ञानात्मक और भावात्मक है: इसमें परिप्रेक्ष्य-ग्रहण (बाधा देखना) और चिंता (चोट की परवाह) शामिल हैं, बिना दूसरे की घबराहट में गिरे।
  • यह दया से भिन्न है जो नीचे देखती है, और कच्ची सहानुभूति से जो अधिकारी को जड़ कर दे या पसंदीदा चुन ले।
  • एडम स्मिथ का निष्पक्ष दर्शक और गांधी का तालिस्मान दोनों समवेदना का लोक उपयोग बताते हैं: सबसे दुर्बल चेहरा कल्पो, फिर दिखाया जा सकने वाला नियम लगाओ।
  • प्रशासन में समवेदना पेशेवर कौशल है: सुनो, पूछो कि फॉर्म क्या छिपाता है, और फिर भी कारण लिखो जिसे दूसरा अधिकारी जाँच सके।

कमजोर वर्ग के लिए भूमिका

  • कमजोर वर्ग — जाति, लिंग, निःशक्तता, आयु, आजीविका या विस्थापन पर — अक्सर पहली खिड़की पर गिरते हैं क्योंकि फॉर्म साक्षर, पुरुष, भूमि वाले वक्ता मानता है।
  • समवेदना गायब दस्तावेज को अपराध का प्रमाण नहीं, बाधा मानती है, और वैध मदद खोलती है: शिविर, लेखक, परिवहन, या उपचार सहित बोलता इन्कार।
  • वह लक्ष्यीकरण चलाती है: रुकी पेंशन आँकड़ा नहीं; वह बिना भोजन का सप्ताह है। वह पाठ समयबद्ध सेवा और पहुँच चलाता है, केवल परिपत्र नहीं।
  • वह सामाजिक लेखापरीक्षा और शिकायत का सहारा है: जो फुसफुसाहट सुन सके उसे केवल संरक्षक के पत्र की जरूरत नहीं।
  • वह समता के अंदर रहे। परिचित चेहरे के लिए कतार तोड़ना पक्षपात है। ढाल, बस्ती में शिविर या रात्रि सुनवाई डिजाइन करना न्याय है।

सीमाएँ

  • संविधि के बिना समवेदना मनमानी बनती है। समवेदना के बिना संविधि बंद तहसील। कमजोर वर्ग को देखने वाली भावना और बाँधने वाला नियम दोनों चाहिए।

Flow diagram

flowchart TD
  E[समवेदना] --> P[परिप्रेक्ष्य ग्रहण]
  E --> C[चिंता]
  P --> A[कमजोर वर्ग की पहुँच]
  C --> A
  R[नियम और समता] --> A

Conclusion

समवेदना परिप्रेक्ष्य-ग्रहण और चिंता का योग है, लोक तर्क के अंदर रखा। कमजोर वर्ग के लिए वह पत्रावली को हाशिये के व्यक्ति की ओर मोड़ती है। समस्या तब सुलझती है जब पहुँच और बोलता आदेश बने, जब आँसू बहें और कतार टूटे तब नहीं।

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    हाँ। वैध ‘ना’ की साफ, सभ्य व्याख्या, अगले कदम सहित, समवेदना है। खिड़की का मौन पटकना कठोरता नहीं; तिरस्कार है।

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