Revision summary
मनोवृत्ति दैहिक मुद्रा से सामाजिक मनोविज्ञान की सीखी मूल्यांकनात्मक तत्परता तक आई। ऑलपोर्ट की तत्परता और एबीसी घटक कार्य परिभाषा रहती हैं। अभिक्षमता निष्पादन की संभावना है; मनोवृत्ति लोक साध्य के प्रति अनुकूल या प्रतिकूल भाव है। बिना लोक मनोवृत्ति की चतुराई दोहन बनती है; बिना अभिक्षमता का उत्साह हानि। लोक सेवा चयन और प्रशिक्षण दोनों जोड़ें।
Model answer
Introduction
मनोवृत्ति किसी वस्तु के प्रति अनुकूल या प्रतिकूल मूल्यांकन की सीखी तत्परता है। इतिहास में यह विचार दैहिक ‘मुद्रा’ से मापे गए सामाजिक-मनोवैज्ञानिक रचना तक आया। अभिक्षमता कार्य सीखने की क्षमता है; मनोवृत्ति वह इच्छा और मूल्यांकन है जो तय करती है कि क्षमता लोकहित में लगे या उसके विरुद्ध।
Body
ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में मनोवृत्ति
- पुरानी भाषा मनोवृत्ति को शारीरिक रुख मानती थी। बीसवीं शताब्दी के आरंभिक सामाजिक मनोविज्ञान ने इसे व्यक्तियों, समूहों और मुद्दों के प्रति भीतरी उन्मुखता बनाया।
- ऑलपोर्ट ने मनोवृत्ति को मानसिक और तंत्रकीय तत्परता कहा, अनुभव से संगठित, व्यवहार पर निर्देशक प्रभाव डालती हुई।
- त्रि-घटक दृष्टि बाद में इसे भाव (अनुभूति), संज्ञान (विश्वास) और व्यवहार (कर्म प्रवृत्ति) में बाँटती है, जो आज भी कार्यालय ‘मानसिकता’ कैसे पढ़े इसका मार्ग दिखाती है।
- फेस्टिंजर की संज्ञानात्मक विसंवादिता और बाद का द्वि-प्रक्रम कार्य दिखाते हैं कि कर्म के बाद मनोवृत्ति खिसक सकती है, और वह हमेशा एक जाँचा विश्वास नहीं।
- लोक प्रशासन में इतिहास मायने रखता है: औपनिवेशिक ‘रुख’ अक्सर आज्ञाकारिता और दूरी था; गणतंत्रीय सेवा को एक ही नियम के अधीन समान सम्मान की मनोवृत्ति चाहिए।
अभिक्षमता और मनोवृत्ति
- अभिक्षमता संभावना है: संख्यात्मक, शाब्दिक, स्थानिक या स्थितिगत निर्णय जिसे भर्ती परीक्षा नमूना लेती है।
- मनोवृत्ति मूल्यांकनात्मक है: सत्यनिष्ठा, सहानुभूति और संविधान-सम्मान पहेली के उच्च अंक नहीं हैं।
- संबंध: लोक-सेवा मनोवृत्ति के बिना अभिक्षमता चतुर विलंब, रिसाव या कब्जा बन जाती है; न्यूनतम अभिक्षमता के बिना मनोवृत्ति सच्ची अक्षमता बनती है जो गरीब को तब भी चोट पहुँचाती है।
- प्रशिक्षण मनोवृत्ति को उस हद तक गढ़ सकता है जितना गायब अभिक्षमता नहीं गढ़ सकता; इसलिए चयन दोनों माँगता है — क्षमता की परीक्षा और साक्षात्कार तथा परिवीक्षा की नीति।
- प्रकरण: झुग्गी खिड़की से घृणा करने वाला प्रतिभाशाली अभियंता अभिक्षमता और शत्रु मनोवृत्ति रखता है; बजट न पढ़ सकने वाला गर्मजोश अधिकारी मनोवृत्ति और अभिक्षमता का खतरनाक अंतर रखता है।
लोक सेवा के लिए
- ऐतिहासिक पाठ: मनोवृत्ति परिवार, विद्यालय और पहली तैनाती में सिखाई जाती है। अभिक्षमता आंशिक दी हुई, आंशिक प्रशिक्षित। नैतिक प्रशासन उनके गठबंधन माँगता है, एक के चुनाव का नहीं।
Flow diagram
flowchart TD H[मुद्रा से सामाजिक मनोविज्ञान] --> A[तत्परता के रूप में मनोवृत्ति] Q[क्षमता के रूप में अभिक्षमता] --> U[कौशल का उपयोग] A --> U U --> P[लोक या निजी साध्य]
Conclusion
मनोवृत्ति सीखी मूल्यांकनात्मक तत्परता है, आधुनिक मनोविज्ञान में मुद्रा के पुराने विचार के बाद नामित। अभिक्षमता क्षमता है; मनोवृत्ति उस क्षमता की दिशा। लोक सेवा दोनों माँगती है, क्योंकि बिना लोक भावना की चतुराई और बिना कौशल के उत्साह दोनों नागरिक को चोट पहुँचाते हैं।
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क्या प्रशिक्षण कम अभिक्षमता की जगह ले सकता है?
प्रशिक्षण हाशिये पर कौशल सुधारता है। निर्णय या साक्षरता का बड़ा अंतर तब भी हानि पहुँचाता है; चयन को फर्श रखनी चाहिए।
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क्या मनोवृत्ति केवल व्यक्तित्व है?
व्यक्तित्व व्यापक है। मनोवृत्ति वस्तु-विशिष्ट है — नागरिक, नियम, दल — और मापी तथा अंशतः बदली जा सकती है।
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