Revision summary
निष्पक्षता मित्र और अजनबी पर एक विधिवत मापदंड लगाती है। प्रतिबद्धता पद के संवैधानिक प्रयोजन की सहनशक्ति है, संरक्षक की नहीं। नोलन और द्वितीय एआरसी दोनों को आधारभूत सेवा मूल्य मानते हैं। वेबर की निर्वैयक्तिकता निष्पक्षता है; पटेल की अखिल भारतीय सेवा भारत के प्रति प्रतिबद्धता है। बिना न्याय का जोश गुट है; बिना सहनशक्ति का न्याय बंद पत्रावली है।
Model answer
Introduction
निष्पक्षता व्यक्तियों के बीच न्याय है; प्रतिबद्धता लोक प्रयोजन की सहनशक्ति है। लोक सेवक को दोनों चाहिए: ठंडी तराजू और गर्म इच्छा, दोनों संविधान से बँधे, गुट से नहीं।
Body
(क) निष्पक्षता
- निष्पक्षता मित्र और अजनबी पर एक ही विधिवत मापदंड लगाने की आदत है — अनुच्छेद 14 की समता टिप्पणी में, केवल भाषण में नहीं।
- नोलन ने इसे वस्तुनिष्ठता और निःस्वार्थता नाम दिया; द्वितीय एआरसी ने निष्पक्षता को आधारभूत सिविल सेवा मूल्यों में गिना।
- वेबर निर्वैयक्तिकता माँगते हैं ताकि राशन कार्ड लिपिक की जाति, दल या निजी पसंद पर न टिके।
- उत्तर प्रदेश के अर्थ में यह मिश्रित मोहल्ले में वही राहत सूची, वही नामांतरण शुल्क, वही सुनवाई समय है — ‘अपने लोग पहले’ नहीं।
- निष्पक्षता उदासीनता नहीं: वह पक्षपात ठुकराती है, उस मदद को नहीं जो कानून पहले से देता है।
(ख) प्रतिबद्धता
- प्रतिबद्धता पद के संवैधानिक प्रयोजन — कल्याण, व्यवस्था, स्वच्छ पत्रावली — के प्रति टिकाऊ समर्पण है, जब आराम, स्थानांतरण का भय या फैशन खींचें।
- वह मंत्री के व्यक्ति या कैडर गपशप मंडली के प्रति वफादारी नहीं; सरदार पटेल अखिल भारतीय सेवा भारत के प्रति चाहते थे, संरक्षक के प्रति नहीं।
- कांट का कर्तव्य के लिये कर्तव्य और गीता की अनासक्ति दोनों चेताते हैं कि काम केवल प्रशंसा, पद या द्वेष के लिये न हो।
- मामले के लिये तैयार: अंतिम रसोई तक बाढ़ शिविर में रहना प्रतिबद्धता है; दौरे को खुश करने को आँकड़े पकाना उसकी नकल है।
- द्वितीय एआरसी के नागरिक-केंद्रित प्रशासन को ऐसे अधिकारी चाहिए जो विज्ञापन के बाद भी सुधार के साथ रहें।
वे कैसे जुड़ते हैं
- बिना निष्पक्षता की प्रतिबद्धता अपने समूह का जोश बन जाती है। बिना प्रतिबद्धता की निष्पक्षता बंद अलमारी बन जाती है।
- नैतिक अधिकारी लोक मापदंड के प्रति प्रतिबद्ध है, और उसे लगाने में निष्पक्ष।
Flow diagram
flowchart TD I[निष्पक्षता] --> C[एक विधिवत मापदंड] K[प्रतिबद्धता] --> P[लोक प्रयोजन की सहनशक्ति] C --> O[संवैधानिक पद] P[P] --> O[O]
Conclusion
निष्पक्षता विधिवत परीक्षा का समान प्रयोग है। प्रतिबद्धता उस लोक परीक्षा की सहनशक्ति है जब वह महँगी हो। साथ में वे लोक सेवक को गुट या मनोदशा नहीं, संविधान का सेवक बनाते हैं।
Quick related
Students also ask
-
An employee was taking a bribe in his office. His officer caught him red-handed. The officer knows that if the employee is dismissed from service, his old parents will become homeless and destitute. Therefore, the officer leaves him with a warning only. Imagine that you are the same officer. What will you do in these circumstances? Discuss in detail.
Next question in the 2020 paper (Q5). View answer →
-
क्या प्रतिबद्धता राजनीतिक वफादारी है?
नहीं। प्रतिबद्धता संविधान और राज्य के विधिवत कार्यक्रम के प्रति है। मंत्री के व्यक्ति के प्रति निजी वफादारी अलग, प्रायः खतरनाक आदत है।
-
क्या अधिकारी प्रतिबद्ध रहकर भी अलग हो सकता है?
हाँ। हित संघर्ष पर अलग होना निष्पक्षता है जो स्वच्छ प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्धता की सेवा करती है।
समान विषय · पिछले पेपर
UPPSC ने यह पहले भी पूछा है
ये पिछले वर्षों के प्रश्न उसी विषय पर हैं। अभ्यास के लिए खोलें।
-
2021 · Q4 · UPGS4 · 8 marks
Describe the relevance of the following in the context of civil services: (a) Ethical Governance (b) Probity in public life. -
2021 · Q19 · UPGS4 · 12 marks
‘Today objectivity and dedication is the need of the hour in civil services.’ Justify the statement. -
2020 · Q7 · UPGS4 · 8 marks
What do you understand by the term 'Public Servant'? What kind of aptitude is considered important for the civil services? Explain. -
2020 · Q14 · UPGS4 · 12 marks
What is Kant's doctrine of 'duty for duty's sake'? What is the role of this principle in civil services? Discuss. -
2019 · Q8 · UPGS4 · 8 marks
Examine the relevance of the following in the context of civil services: (A) Transparency (B) Accountability (C) Courage of conviction
More from this paper
Q1 · UPSC Mains 2020 · UPGS4 · 8 marks · Solution
मूल्य बोध में परिवार, समाज और शिक्षण संस्थानों की भूमिका की विवेचना कीजिए।
Civil Service aptitude and values
परिवार दैनिक उदाहरण से विश्वास, सहानुभूति और सम्मान बोता है, और पूर्वाग्रह भी बो सकता है। समाज गली, बाजार और मीडिया में उन आदतों को पुरस्कृत या दंडित करता है। विद्यालय सार्वजनिक तर्क जोड़ता है ताकि मूल्य कुल से परे टिके। नई तालीम, मध्याह्न भोजन और नागरिक सभाएँ व्याख्यान से अधिक समता का अभ्यास हैं। पद की नीति इन मानचित्रों पर परत है, स्थान नहीं।
Q2 · UPSC Mains 2020 · UPGS4 · 8 marks · Solution
शासन में पारदर्शिता के लिये ‘सूचना के अधिकार’ की भूमिका की विवेचना कीजिए।
Probity in Governance
आरटीआई पत्रावली देखने की इच्छा को विधिक दावा बनाता है। धारा 4 स्वतः प्रकटन नैतिक हृदय है; आवेदन पिछला सहारा हैं। द्वितीय एआरसी ने आरटीआई को सुशासन की मुख्य कुंजी माना। मजदूरी, राशन और ठेके की सामाजिक लेखापरीक्षा उसी कुंजी पर टिकती है। छूट संकीर्ण रहें और आवेदक सुरक्षित हो, नहीं तो पारदर्शिता व्यवहार में मरती है।
Q3 · UPSC Mains 2020 · UPGS4 · 8 marks · Solution
“बेईमान अधिकारियों के अभियोजन के लिये सरकार की स्वीकृति की आवश्यकता, भ्रष्टाचार के लिये एक सुरक्षा कवच है।” इस कथन का परीक्षण कीजिए।
Probity in Governance
पूर्व स्वीकृति सद्भावपूर्ण सरकारी कर्म को प्रेरित एफआईआर से बचाने के लिये थी। दं.प्र.सं. 197 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम धारा 19 सामान्य ताले हैं। ताला नहीं, अनंत विलंब भ्रष्टाचार का कवच है। द्वितीय एआरसी और सीवीसी घड़ी तथा कारणयुक्त आदेश चाहते थे, मानी गई स्वीकृति सहित। समय-रेखा और बोलता आदेश सुधारें; हर छलनी मत मिटाएँ।