Revision summary
ब्लड मून पूर्ण चंद्र ग्रहण में चंद्रमा का ताँबा-लाल रूप है। पृथ्वी की अम्ब्रा सीधा सूर्य रोकती है; लाल प्रकाश वायुमंडल से डिस्क पर मुड़ता है। यह केवल पात के पास पूर्णिमा पर होता है, हर महीने नहीं। आंशिक ग्रहण प्रायः ब्लड मून नहीं कहलाते; सूर्य ग्रहण अलग ज्यामिति है। ज्वालामुखी धूल लाल को गहरा कर सकती है।
Model answer
Introduction
ब्लड मून पूर्ण चंद्र ग्रहण के समय ताँबे-लाल दिखने वाले चंद्रमा का लोकप्रिय नाम है। यह दूसरा चंद्रमा या अलग पिंड नहीं है। रंग पृथ्वी की छाया के पूर्ण भाग में बैठे चंद्रमा पर वायुमंडल से मुड़कर छनी सूर्य किरण है।
Body
यह क्या है
- पूर्ण चंद्र ग्रहण में पूर्णिमा का चंद्रमा पृथ्वी की अम्ब्रा, यानी केंद्रीय काली छाया, से गुजरता है।
- सीधी सफेद धूप रुकती है। पृथ्वी को छूती किरणें लंबी वायु पथ से जाती हैं; नीला प्रकाश बिखरता है (रेले प्रकीर्णन) और लाल-नारंगी प्रकाश अम्ब्रा में अपवर्तित होता है।
- वह लाल चमक चंद्र डिस्क जलाती है, इसलिए दर्शक उसे ब्लड मून कहते हैं। ज्वालामुखी धूल या प्रदूषण लाल को गहरा कर सकते हैं।
यह कब होता है
- ज्यामिति: सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा लगभग एक रेखा में हों, पृथ्वी बीच में — केवल पूर्णिमा पर संभव।
- हर पूर्णिमा ग्रहण नहीं होता, क्योंकि चंद्र कक्षा क्रांतिवृत्त से लगभग पाँच डिग्री झुकी है; चंद्रमा को चंद्र पात के पास होना चाहिए।
- पूर्णता लगभग सौ मिनट तक चल सकती है; आंशिक और उपछाया चरण धूसर दिखते हैं, रक्त-लाल नहीं।
- इसलिए ब्लड मून मौसम और धूल से रंगा पूर्ण चंद्र ग्रहण है, ज्योतिष पिंड नहीं और सूर्य ग्रहण नहीं (जो अमावस्या पर होता है)।
Flow diagram
flowchart TD A[पात के पास पूर्णिमा] --> L[सूर्य पृथ्वी चंद्र रेखा] L --> U[चंद्र पृथ्वी अम्ब्रा में] U --> R[लाल अपवर्तित धूप] R --> B[ब्लड मून] D[धूल वायु पथ] --> R
Conclusion
ब्लड मून पृथ्वी की अम्ब्रा में पूर्णता के समय लाल हुई पूर्णिमा है। यह तभी होता है जब पात के पास पूर्णिमा हो और पृथ्वी की हवा से छनी धूप डिस्क तक पहुँचे। नाम लोकप्रिय है; भौतिकी पूर्ण चंद्र ग्रहण है।
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क्या हर पूर्णिमा पर ब्लड मून होता है?
नहीं। पाँच डिग्री झुकाव से चंद्रमा प्रायः पृथ्वी की छाया चूकता है। पात के पास संरेखण चाहिए।
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क्या ब्लड मून खतरनाक या अलौकिक है?
नहीं। यह साधारण ग्रहण प्रकाशिकी और वायुमंडल है। संस्कृति कहानियाँ जोड़ सकती है; भौतिकी नहीं।
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