Q2 · UPPSC PCS मुख्य परीक्षा 2023 · GS III · 8 अंक · कक्ष में ~125 शब्द · 2 min read

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किसानों की सहायता के लिए ई-तकनीक के प्रयोग के निहितार्थों को समझाइए।

विषय: Science and technology in daily life. पाठ्यक्रम: Science and Technology developments and applications in everyday life. Achievements of Indians in science and technology, indigenisation of technology. वही आधिकारिक प्रश्न वर्ष 2023 और Science and technology in daily life से।

Revision summary

ई-तकनीक फोन या कियोस्क पर कीमत, मौसम, मिट्टी और सब्सिडी के उपकरण हैं। ई-नाम खोज चौड़ी कर सकता है; सलाह कीट-वर्षा देरी काटती है; पीएम-किसान डीबीटी और पीएमएफबीवाई ऐप रिसाव काटते हैं। मृदा स्वास्थ्य कार्ड और एग्रीस्टैक इनपुट को भूखंड से मिला सकते हैं। बटाईदार, महिलाएँ और ऑफलाइन गाँव बाहर रह सकते हैं; व्यापारी लॉगिन कब्जा कर सकते हैं। निहितार्थ: तेज बाजार और भुगतान, साथ विभाजन और डेटा कर्तव्य।

Model answer

Introduction

ई-तकनीक फोन, उपग्रह और डेटाबेस हैं जो किसान को कीमत, मौसम जोखिम, मिट्टी की मात्रा या सब्सिडी जमा बताते हैं। निहितार्थ केवल तेज सूचना नहीं; यह बाजार और डेटा पर नई शक्ति है, और स्मार्टफोन या भूखंड मानचित्र के बिना वालों के लिए विभाजन भी है।

Body

सहायक निहितार्थ

  • ई-नाम और अन्य ई-व्यापार खिड़कियाँ स्थानीय आढ़तिया से परे कीमत खोज चौड़ी कर सकती हैं, यदि लॉट ग्रेड हों और किसान वास्तव में बोली या भाव देख सके।
  • एमकिसान, किसान सुविधा, आईएमडी नाउकास्ट तथा ड्रोन या उपग्रह फसल मानचित्र कीट, वर्षा और बुआई सलाह में देरी काटते हैं।
  • पीएम-किसान पर प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, फसल बीमा (पीएमएफबीवाई) नामांकन ऐप और किसान क्रेडिट कार्ड डिजिटल पगडंडियाँ सहायता भुगतान में रिसाव घटाती हैं।
  • मृदा स्वास्थ्य कार्ड डेटा, एग्रीस्टैक / डिजिटल फसल सर्वेक्षण और कस्टम-हायरिंग ऐप बीज, उर्वरक और मशीन को भूखंड से मिला सकते हैं।

कठिन निहितार्थ

  • सस्ते डेटा, स्थानीय भाषा इंटरफेस या साक्षर सहायक के बिना फोन बटाईदार और महिला किसानों को उन्हीं उपकरणों से बाहर छोड़ देता है।
  • बिचौलिए ई-मंडी लॉगिन कब्जा कर सकते हैं; डिजिटल भाव अकेले खेत-द्वार चेक नहीं बढ़ाता।
  • भूखंड और बायोमेट्रिक डेटा गोपनीयता और बहिष्करण जोखिम उठाते हैं यदि भूमि अभिलेख या आधार सीडिंग असफल हों।
  • ड्रोन (कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन) और आईओटी सिंचाई उनको मदद करते हैं जिनके पास पहले से पूँजी है, जब तक कस्टम-हायरिंग केंद्र उन्हें साझा न करें।

Flow diagram

flowchart TD
  E[ई तकनीक फोन उपग्रह] --> P[ईनाम कीमत]
  E --> A[सलाह मौसम कीट]
  E --> D[पीएमकिसान डीबीटी पीएमएफबीवाई]
  E --> S[मृदा स्वास्थ्य एग्रीस्टैक]
  P --> H[किसान लाभ]
  A[A] --> H[H]
  D[D] --> H[H]
  S[S] --> H[H]
  X[डिजिटल विभाजन डेटा जोखिम] --> H

Conclusion

ई-तकनीक तब किसान की मदद करती है जब भूखंड से कीमत, सलाह और भुगतान का रास्ता छोटा हो। निहितार्थ डिजिटल विभाजन और डेटा जोखिम भी हैं। ई-नाम, पीएम-किसान डीबीटी और मृदा स्वास्थ्य कार्ड तभी चलते हैं जब अंतिम-मील साक्षरता, ग्रेडिंग और बटाई मान्यता हों।

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