Revision summary
अवसंरचना साझा पूँजी है जो रसद लागत काटती है और उत्पादकता बढ़ाती है। भारतमाला, सागरमाला, डीएफसी और पीएम गति शक्ति परिवहन-रसद परत हैं। बिजली, सिंचाई और सामाजिक योजनाएँ परिसंपत्ति को अधिशेष और रोजगार योग्य श्रम बनाती हैं। भारतनेट और यूपीआई डिजिटल बाजार फैलाते हैं; एनआईपी/एनएमपी निजी धन खींचते हैं। फँसी सड़क या बिना रखरखाव विकास नहीं देती।
Model answer
Introduction
आधारभूत संरचना साझा पूँजी है — सड़क, रेल, बंदरगाह, बिजली, सिंचाई, स्कूल, स्वास्थ्य और डिजिटल पाइप — जिसे निजी फर्म सस्ते में अकेले नहीं बना सकतीं। यह रसद लागत घटाती है, उत्पादकता बढ़ाती है और तय करती है कि जिला उद्योग रख सकता है या नहीं। कथन सत्य है, किंतु तभी जब परिसंपत्ति उपयोग और रखरखाव में हो।
Body
अवसंरचना विकास कैसे चलाती है
- परिवहन और रसद (भारतमाला, सागरमाला, समर्पित माल गलियारे, पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान) बाजार तक समय काटते हैं और कारखानों को भीड़ भरे महानगर छोड़ने देते हैं।
- बिजली, सिंचाई और भंडारण खेत और विनिर्माण अधिशेष बढ़ाते हैं; फीडर और शीत गृह राजमार्ग फीते जितना मायने रखते हैं।
- सामाजिक अवसंरचना — समग्र शिक्षा, एनएचएम और स्किल इंडिया के तहत स्कूल, प्राथमिक स्वास्थ्य और कौशल — भौतिक परिसंपत्तियों को रोजगार योग्य श्रम बनाती है।
- डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (भारतनेट, यूपीआई, ओएनडीसी) गाँवों तक बाजार और सेवाएँ फैलाती है जिन्हें नई सड़क अकेले नहीं दे सकती।
- राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन और राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन निजी पूँजी खींचने का प्रयास करती हैं ताकि राजकोष एकमात्र नल न रहे।
विवेचना में सावधानियाँ
- बिना बिजली की सड़क या बिना पृष्ठ रेल के बंदरगाह फँसी परिसंपत्ति है; गति शक्ति बहु-विध नियोजन के लिए है।
- भूमि, पर्यावरण और देरी से स्वीकृतियाँ पूँजीगत व्यय को वृद्धि की जगह ऋण बोझ बना सकती हैं।
- यदि खर्च पहले से समृद्ध गलियारों पर रहे तो क्षेत्रीय असंतुलन रहता है; अंतिम ग्रामीण और पहाड़ी कड़ियाँ समावेश तय करती हैं।
- रखरखाव और उपयोग शुल्क मायने रखते हैं; बिना संचालन मॉडल के निर्माण विकास नहीं है।
Flow diagram
flowchart TD I[अवसंरचना] --> T[भारतमाला सागरमाला डीएफसी] I --> P[बिजली सिंचाई] I --> S[स्वास्थ्य स्कूल कौशल] I --> D[भारतनेट यूपीआई] T --> G[वृद्धि रोजगार क्षेत्र] P --> G S --> G D --> G M[गति शक्ति एनआईपी] --> I
Conclusion
आधारभूत संरचना आर्थिक विकास का आवश्यक इंजन है क्योंकि यह लागत काटती है और अवसर फैलाती है। नामित केंद्र कार्यक्रम आशय दिखाते हैं। विकास तभी आता है जब भौतिक, सामाजिक और डिजिटल परतें तथा रखरखाव साथ चलें।
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क्या अवसंरचना केवल सड़क और बिजली है?
नहीं। स्वास्थ्य, स्कूल और डिजिटल रेल भी अवसंरचना हैं; उनके बिना भौतिक परिसंपत्ति कम चलती है।
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क्या अधिक पूँजीगत व्यय हमेशा वृद्धि बढ़ाता है?
केवल यदि परियोजनाएँ पूरी हों, जुड़ें और चलें। देरी या अलग परिसंपत्तियाँ बिना उत्पादन ऋण बढ़ा सकती हैं।
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