Revision summary
केंद्र बजट अनुच्छेद 112 तथा विनियोग और वित्त विधेयक हैं। मंत्रालय अनुमान भेजते हैं; डीईए बजट प्रभाग और एफआरबीएम सीमा तय करते हैं; वित्त मंत्री प्रायः 1 फरवरी प्रस्तुत करते हैं। रेल बजट 2017–18 से मिला; बाद में सीएजी लेखापरीक्षा करता है। योजना व्यय पंचवर्षीय योजनाएँ थीं; गैर-योजना ब्याज, रक्षा, वेतन, सब्सिडी थी। योजना/गैर-योजना लेबल 2017–18 में समाप्त; अब राजस्व/पूँजी और योजना प्रकार।
Model answer
Introduction
केंद्र बजट अनुच्छेद 112 के अधीन वार्षिक वित्तीय विवरण है, साथ वित्त विधेयक और विनियोग विधेयक जो उसे कानूनी बल देते हैं। बनाना वित्त मंत्रालय में वर्ष भर का अनुमान चक्र है। योजना और गैर-योजना व्यय पुराना पंचवर्षीय योजना विभाजन था; 2017–18 से हटा दिया गया।
Body
बजट बनाने की प्रक्रिया
- आर्थिक कार्य विभाग का बजट प्रभाग परिपत्र जारी करता है; मंत्रालय संशोधित और बजट अनुमान वित्तीय सलाहकारों से भेजते हैं।
- नीति आयोग, भारतीय रिजर्व बैंक और उद्योग के साथ पूर्व-बजट बैठकें तथा वित्त आयोग का कर-हिस्सा ढाँचा एफआरबीएम अधिनियम के अधीन राजकोषीय सीमा तय करते हैं।
- वित्त मंत्री लोक सभा में बजट प्रस्तुत करते हैं (परंपरा से 1 फरवरी)। रेल बजट 2017–18 से इसी सामान्य बजट में मिला दिया गया।
- संसद सामान्य चर्चा, अनुदान माँगों की स्थायी समिति जाँच, गिलोटिन, फिर विनियोग विधेयक (अनुच्छेद 114) और करों के लिए वित्त विधेयक करती है।
- यदि पूरा अनुदान देर हो तो लेखानुदान (अनुच्छेद 116) पहले सप्ताह चलाता है। बाद में भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक व्यय की लेखापरीक्षा करते हैं।
योजना बनाम गैर-योजना व्यय
- योजना व्यय पंचवर्षीय योजना योजनाओं और राज्यों को योजना सहायता पर खर्च था; पुरानी पुस्तकों में उसे विकासात्मक माना जाता था।
- गैर-योजना व्यय शेष था: ब्याज, रक्षा, वेतन, पेंशन और अधिकांश सब्सिडी — अक्सर बड़ा हिस्सा, और वास्तविक जीवन में गैर-विकास नहीं।
- विभाजन ने प्राथमिकताएँ तोड़ी (रखरखाव से ऊपर नई योजना योजनाएँ) और विशेषज्ञ समिति के बाद बजट 2017–18 से समाप्त हुआ। व्यय अब राजस्व और पूँजी तथा केंद्रीय क्षेत्र बनाम केंद्र प्रायोजित योजनाओं के रूप में दिखता है।
Flow diagram
flowchart TD C[बजट परिपत्र अनुमान] --> E[एफआरबीएम सीमा] E --> P[वित्त मंत्री अनुच्छेद 112] P --> G[माँग विनियोग वित्त विधेयक] G --> V[आवश्यक तो लेखानुदान] O[पुराना योजना गैरयोजना] --> N[अब राजस्व पूँजी योजनाएँ] N[N] --> P[P]
Conclusion
बजट बनाना परिपत्र, मंत्रालय अनुमान, एफआरबीएम सीमा, प्रस्तुति और दो विधेयक हैं। योजना बनाम गैर-योजना योजना आयोग युग का लेबल था, सच्चा विकास परीक्षण नहीं; आज राजस्व बनाम पूँजी साफ विभाजन है।
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क्या गैर-योजना व्यय हमेशा बर्बादी है?
नहीं। ब्याज, रक्षा और स्कूल वेतन गैर-योजना थे। लेबल ने रखरखाव छिपाया और योजना को विकास बता अतिरंजित किया।
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केंद्र बजट कौन तैयार करता है?
वित्त मंत्रालय (बजट प्रभाग, डीईए) मंत्रालय अनुमानों के साथ; अनुदान और कर कानून संसद को मत देना होता है।
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