Q9 · UPPSC PCS मुख्य परीक्षा 2020 · GS II · 8 अंक · कक्ष में ~125 शब्द · 1 min read

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भारत प्रवासी-नीति क्या है? वर्तमान में भारतीय प्रवासियों के समक्ष क्या चुनौतियाँ हैं?

विषय: Indian Constitution. पाठ्यक्रम: Indian Constitution — historical underpinnings, evolution, features, amendments, significant provisions and basic structure. वही आधिकारिक प्रश्न वर्ष 2020 और Indian Constitution से।

Revision summary

प्रवासी नीति विदेश मंत्रालय-नेतृत्व जुड़ाव है—ओसीआई, प्रवासी भारतीय दिवस और श्रमिक पोर्टल। उत्प्रवास अधिनियम, 1983, मदद और प्रवासी भारतीय बीमा योजना नीले कॉलर रक्षा लक्ष्य करते हैं। भारत द्वितीय नागरिकता नहीं देता; ओसीआई विशेषाधिकार है, मत नहीं। वर्तमान दबाव खाड़ी श्रम दुरुपयोग, अमेरिकी वीजा सख्ती और मेजबान शत्रुता हैं। कोविड-19 निकासी ने नीति की पहुँच और क्षमता सीमा दोनों दिखाई।

Model answer

Introduction

भारत की प्रवासी नीति विदेशी भारतीयों को सामरिक, आर्थिक और सांस्कृतिक परिसंपत्ति मानती है, द्वितीय नागरिकता से इनकार के साथ। 2016 में प्रवासी भारतीय कार्य मंत्रालय के विलय के बाद यह मुख्यतः विदेश मंत्रालय चलाता है।

Body

नीति

  • भारतीय मूल की विदेशी नागरिकता (ओसीआई) और पुराना पीआईओ मार्ग (ओसीआई में विलय) राजनीतिक अधिकारों के बिना बहु-प्रवेश आजीवन वीजा-सदृश दर्जा देते हैं।
  • प्रवासी भारतीय दिवस, प्रवासी भारतीय सम्मान, भारत जानो कार्यक्रम और छात्रवृत्तियाँ राजनीतिक तथा युवा कड़ी रखती हैं।
  • उत्प्रवास अधिनियम, 1983, ई-माइग्रेट, मदद और प्रवासी भारतीय बीमा योजना खाड़ी में विशेषतः नीले कॉलर श्रमिकों की, असमान रूप से, रक्षा करते हैं।
  • प्रेषण, ज्ञान नेटवर्क और कांसुलर निकासी (जैसा कोविड-19 वंदे भारत में) निजी यात्रा नहीं, राष्ट्रीय हित माने जाते हैं।

प्रवासियों की वर्तमान चुनौतियाँ

  • खाड़ी श्रमिक वेतन चोरी, कफाला-सदृश निर्भरता और अचानक छँटनी झेलते हैं; छात्र और एच-1बी पेशेवर संयुक्त राज्य में वीजा सख्ती झेलते हैं।
  • मेजबान राज्यों में नस्लीय हमले, घृणा अपराध और राजनीतिक ध्रुवीकरण, कुछ देशों में खालिस्तान-संबंधी तनाव सहित, सुरक्षा और छवि को खतरा देते हैं।
  • भारत द्वितीय नागरिकता नहीं देता; ओसीआई रद्द हो सकता है, जिससे दर्जा चिंता बनती है।
  • कोविड-19 में फँसे श्रमिक और छात्र पोर्टेबल सामाजिक सुरक्षा और समय पर चार्टर क्षमता की रिक्ति दिखा गए।

कड़ी

  • नीति जुड़ाव-plus-रक्षा है; चुनौतियाँ विदेश में श्रम अधिकार, वीजा राष्ट्रवाद और ओसीआई की कानूनी छत हैं।

Flow diagram

flowchart TD
  D[भारतीय प्रवासी] --> P[ओसीआई प्रवासी दिवस ई-माइग्रेट]
  P --> E[जुड़ाव और प्रेषण]
  D --> C[खाड़ी वीजा शत्रुता कोविड]
  C --> R[रक्षा अंतर]
  P --> R

Conclusion

भारत की प्रवासी नीति द्वितीय नागरिकता के बिना ओसीआई जुड़ाव, श्रमिक-रक्षा क़ानून और प्रवासी कूटनीति है। वर्तमान चुनौतियाँ खाड़ी अनिश्चितता, पश्चिमी वीजा राष्ट्रवाद, मेजबान शत्रुता और संकट में ओसीआई की सीमाएँ हैं।

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  • क्या ओसीआई धारक भारत में मतदान कर सकता है?

    नहीं। ओसीआई द्वितीय नागरिकता नहीं। राजनीतिक अधिकार भारतीय नागरिकता के रहते हैं।

  • क्या हर अनिवासी भारतीय उत्प्रवास अधिनियम से ढका है?

    अधिनियम काम हेतु उत्प्रवास लक्ष्य करता है, विशेषतः ईसीआर श्रेणी गंतव्य। साधारण पासपोर्ट पर पेशेवर अलग कांसुलर पटरी इस्तेमाल करते हैं।

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