Q13 · UPPSC PCS मुख्य परीक्षा 2020 · GS II · 12 अंक · कक्ष में ~200 शब्द · 2 min read

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वित्त आयोग के क्या कार्य हैं? राजकोषीय संघवाद में इसकी उभरती भूमिका का समीक्षात्मक परीक्षण कीजिए।

विषय: Finance Commission. पाठ्यक्रम: Role of the Finance Commission in Centre-State financial relations. वही आधिकारिक प्रश्न वर्ष 2020 और Finance Commission से।

Revision summary

अनुच्छेद 280 कर बाँटने और अनुदान सुझाने के लिए वित्त आयोग बनाता है। वह पंचायतों और नगरपालिकाओं के लिए राज्य निधि बढ़ाने की भी सलाह देता है। योजना आयोग के बाद वह मुख्य सूत्र-आधारित अंतरण बन गया। जीएसटी, आपदा खिड़कियाँ और 2011 जनसंख्या ने भूमिका बढ़ाई और राजनीतिक की। उपकर और संघ संशोधन अभी अवार्ड की संघीयता सीमित करते हैं।

Model answer

Introduction

वित्त आयोग संघ-राज्य थैली का संवैधानिक लेखाकार है। उसका क्लासिकी काम यह सुझाना है कि कर कैसे बँटें और राज्यों को कौन से अनुदान जाएँ। योजना आयोग की समाप्ति के बाद वह काम भारतीय राजकोषीय संघवाद का मुख्य सूत्र बन गया है।

Body

संवैधानिक कार्य

  • अनुच्छेद 280 राष्ट्रपति से प्रत्येक पाँच वर्ष, या पहले, वित्त आयोग गठित कराने को कहता है।
  • वह संघ और राज्यों के बीच करों की शुद्ध प्राप्ति का वितरण और राज्यों के बीच आवंटन सुझाता है—ऊर्ध्व और क्षैतिज अंश।
  • वह भारत की संचित निधि से अनुच्छेद 275 के अधीन सहायता-अनुदान के सिद्धांत सुझाता है।
  • तिहत्तरवें और चौहत्तरवें संशोधन के बाद वह राज्य वित्त आयोग प्रतिवेदनों के आधार पर पंचायतों और नगरपालिकाओं के लिए राज्य निधि बढ़ाने के उपाय भी सुझाता है।
  • राष्ट्रपति स्वस्थ वित्त हित में निर्दिष्ट किसी अन्य विषय पर प्रतिवेदन माँग सकता है, जिससे आपदा, जीएसटी और प्रदर्शन शर्तें विचारार्थ विषय में आती हैं।

क्लासिकी राजकोषीय संघवाद

  • अनुच्छेद 270 के अधीन बँटने योग्य कर, अनुदान और राज्य का अपना कर क्षेत्र मिलकर तय करते हैं कि राज्य भीख के कटोरे बिना पुलिस, स्कूल और अस्पताल चला सकता है या नहीं।
  • प्रथम से चौदहवें आयोग तक राज्यों का अंश बढ़ा और जनसंख्या, आय दूरी, क्षेत्र और वन आवरण जैसे मानदण्ड परिष्कृत हुए।

उभरती भूमिका

  • योजना आयोग और योजना/गैर-योजना भेद की समाप्ति ने वित्त आयोग को प्रमुख सूत्र-आधारित अंतरण बना दिया, नीति आयोग सलाहकार रहा, चेक लेखक नहीं।
  • चौदहवें का 42 प्रतिशत अंश, पंद्रहवें द्वारा लगभग उसी पट्टी में जारी, आयोग को संघीय सौदे का केंद्र बनाता है।
  • जीएसटी ने अनेक राज्य कर बदल दिए; आयोग अब क्षतिपूर्ति तर्क, उपकर और 2020 के राजस्व झटके पर जीएसटी परिषद के साथ बैठता है।
  • स्थानीय निकाय अनुदान, शहरी प्रदर्शन और आपदा-जोखिम खिड़कियाँ उसे केवल संघ-राज्य विभाजक नहीं, तीसरे स्तर का राजकोषीय निकाय बनाती हैं।
  • 2011 जनसंख्या, रक्षा और आंतरिक सुरक्षा तथा कर प्रयास के विचारार्थ विषय संघ का संचालन दिखाते हैं; राज्य इसे केन्द्रीकरण कहते हैं।

परीक्षण

  • उभरती भूमिका बड़ी और अधिक राजनीतिक है: वह योजना-अंतराल भरती है, राज्यों को अनुशासित करती है, शहरों को निधि देती है।
  • वह अभी सिफारिशी है; संघ अवार्ड बदल सकता है, और विभाज्य पूल से बाहर उपकर उसी अंश को सिकोड़ते हैं जो आयोग घोषित करता है।
  • इसलिए राजकोषीय संघवाद अब आयोग के सूत्र प्लस जीएसटी राजनीति पर चलता है, योजना आयोग ब्लॉक अनुदान पर नहीं।

Flow diagram

flowchart TD
  P[राष्ट्रपति अनु 280] --> FC[वित्त आयोग]
  FC --> V[ऊर्ध्व अंश]
  FC --> H[राज्यों में क्षैतिज]
  FC --> G[अनु 275 अनुदान]
  FC --> L[स्थानीय निकाय]
  N[नीति चेक नहीं] --> FC

Conclusion

वित्त आयोग के कार्य अनुच्छेद 280 के अधीन कर अंतरण, सहायता-अनुदान और स्थानीय निकाय वृद्धि हैं। उभरती भूमिका योजना अंतरण की समाप्ति के बाद राजकोषीय संघवाद की मुख्य नियम-पुस्तिका बनना है—सूत्र में शक्तिशाली, उपकर, जीएसटी और संघ के विचारार्थ विषयों से अभी घिरी।

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  • क्या वित्त आयोग अवार्ड न्यायालय डिक्री जैसा बाध्य है?

    नहीं। वह सिफारिशी है। व्यवहार में संघ प्रायः मूल अंश लागू करता है, पर उपकर और कुछ अनुदान पूल के बाहर बनाए जा सकते हैं।

  • क्या नीति आयोग ने वित्त आयोग बदल दिया?

    नहीं। नीति थिंक-टैंक है। सूत्र अंतरण अब मुख्यतः वित्त आयोग के पास हैं।

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