Revision summary
सुंदरबन, भितरकनिका और पिचावरम के मैंग्रोव तलछट रोकते और तूफानी लहरें घटाते हैं। वे झींगा, केकड़ा और किशोर मछली का पालन करते हैं जो बाद में मत्स्यन में जाती हैं। मन्नार, कच्छ, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार की भित्तियाँ मछली को आश्रय देती और निम्न द्वीपों पर लहर तोड़ती हैं। विरंजन और झींगा-फार्म परिवर्तन दोनों संसाधन घटाते हैं। सीआरजेड, वन कानून और समुद्री संरक्षित क्षेत्र मुख्य प्रबंधन औजार हैं।
Model answer
Introduction
मैंग्रोव और प्रवाल भित्तियाँ जीवित तटीय संरचनाएँ हैं। वे तट की रक्षा, मछली के पालन और कार्बन भंडारण से समुद्री संसाधनों का प्रबंधन करती हैं, और भारत के भिन्न तटों पर दोनों हैं।
Body
मैंग्रोव
- मैंग्रोव जड़ें तलछट रोकती हैं और तूफानी लहर की ऊर्जा घटाती हैं, जिससे सुंदरबन, भितरकनिका और पिचावरम में मत्स्य तालाब, बंदरगाह और डेल्टा गाँव सुरक्षित रहते हैं।
- वही वन झींगा, केकड़ा और किशोर मछली के नर्सरी क्षेत्र हैं जो बाद में खुले मत्स्यन में जाती हैं।
- मैंग्रोव पीट और जैवभार कार्बन जमा करते हैं, जिसे अब तटीय जलवायु प्रबंधन में गिना जाता है।
- भारतीय वन सर्वेक्षण मैंग्रोव आवरण मानचित्रित करता है, और वन संरक्षण ढाँचे तथा सीआरजेड नियम झींगा फार्म में परिवर्तन सीमित करते हैं।
प्रवाल भित्तियाँ
- मन्नार की खाड़ी, कच्छ की खाड़ी, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार श्रृंखला की भित्तियाँ रीफ मछली, मोलस्क और सजावटी प्रजातियों को आश्रय देती हैं।
- स्वस्थ भित्ति लहरों को निम्न द्वीप तक पहुँचने से पहले तोड़ती है, जो लक्षद्वीप और अंडमान के भागों के लिए तटरेखा प्रबंधन है।
- भित्तियाँ पर्यटन और शोध सहारा देती हैं, किंतु गर्म जल से विरंजन और विनाशकारी मत्स्यन वह संसाधन घटाते हैं।
- भारत ने समुद्री संरक्षित क्षेत्र और राष्ट्रीय प्रवाल भित्ति कार्यक्रम घोषित किए हैं ताकि सर्वेक्षण, पुनर्स्थापन और हानिकारक जाल सीमित हों।
संयुक्त योगदान
- मैंग्रोव और भित्तियाँ साथ तलछट, पोषक और युवा मछली को तटीय खाद्य जाल में रखती हैं, जो कारीगर पकड़ का आधार है।
- इसलिए प्रबंधन को वन, मत्स्य और सीआरजेड एजेंसियों को जोड़ना होता है, क्योंकि कटा मैंग्रोव या विरंजित भित्ति उसी गाँव की पकड़ घटाती है।
Flow diagram
flowchart TD C[तट] --> M[मैंग्रोव नर्सरी तूफान बफर] C --> R[भित्ति मछली लहर तोड़] M --> F[कारीगर पकड़] R[R] --> F[F]
Conclusion
भारतीय मैंग्रोव तूफानी क्षति घटाकर और नर्सरी मछली बढ़ाकर तट का प्रबंधन करते हैं। भारतीय भित्तियाँ चार रीफ क्षेत्रों में समुद्री जीवन और द्वीप तटों का प्रबंधन करती हैं। दोनों केवल दृश्य नहीं, संसाधन तंत्र हैं, और दोनों को कानूनी तथा ताप सुरक्षा चाहिए।
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क्या मैंग्रोव और भित्तियाँ एक ही तट पर होती हैं?
कभी डेल्टा-भित्ति समुद्रदृश्य में, किंतु भारत के सबसे बड़े मैंग्रोव डेल्टाई हैं जबकि सबसे बड़ी भित्तियाँ ऊपर नामित चार रीफ क्षेत्रों में हैं।
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क्या पर्यटन यहाँ समुद्री संसाधन है?
भित्ति और मैंग्रोव पर्यटन आर्थिक उपयोग है, किंतु वह संसाधन तभी है जब विरंजन, कचरा और नाव क्षति नियंत्रित हों।
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