Revision summary
भारतीय हिमनद मुख्यतः वृहत् हिमालय, कराकोरम, जास्कर और पूर्वी उच्च श्रेणियों में हैं। घाटी हिमनद और सर्क हिमनद भिन्न रूप हैं। मलबा आवरण और स्नआउट झीलें पिघलाव और बाढ़ जोखिम बदलती हैं। कराकोरम बर्फ कुछ दशकों में कई मध्य हिमालयी जिह्वाओं से अधिक स्थिर रही है। पिघलाव भिन्न द्रोणियों में सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र को जल देता है।
Model answer
Introduction
भारत के हिमनद एक ही प्रकार की एक बर्फ राशि नहीं हैं। वे श्रेणी, ऊँचाई, मलबा आवरण, और हिमालय, कराकोरम या ट्रांस-हिमालय के छोटे क्षेत्र में स्थिति के अनुसार भिन्न हैं।
Body
स्थान और प्रकार
- अधिकांश भारतीय हिमनद वृहत् हिमालय में हैं, तथा कराकोरम, जास्कर, लद्दाख और सिक्किम तथा अरुणाचल के भागों में और बर्फ है।
- गंगोत्री और सियाचिन जैसी घाटी हिमनद लंबी द्रोणियाँ भरती हैं, जबकि छोटी सर्क हिमनद ऊँचे गर्तों में रहती हैं।
- कुछ जिह्वाएँ साफ बर्फ हैं; कई हिमालयी जिह्वाएँ शैल मलबे से ढकी हैं, जिससे पिघलने का ढंग बदलता है।
- कराकोरम हिमनदों ने कुछ दशकों में अधिक स्थिर या अग्रसर जिह्वाएँ दिखाई हैं, जिसे कभी कराकोरम विसंगति कहा जाता है।
आकार, मलबा और व्यवहार
- सियाचिन भारतीय हिमालय की सबसे लंबी हिमनदों में है; उत्तराखंड और हिमाचल की कई हिमनद बहुत छोटी घाटी जिह्वाएँ हैं।
- मलबा-आवृत हिमनदों के स्नआउट पर अक्सर झीलें होती हैं, जिससे उत्तराखंड और सिक्किम में हिमनद-झील विस्फोट बाढ़ का जोखिम बढ़ता है।
- गंगोत्री और संबंधित द्रोणियों का ग्रीष्म पिघलाव गंगा तंत्र को जल देता है; पश्चिमी बर्फ सिंधु को, पूर्वी बर्फ ब्रह्मपुत्र को देती है।
- कराकोरम और लद्दाख के भागों में सर्ज-प्रकार व्यवहार और हिमस्खलन-पोषित हिमनद हैं, इसलिए गति एक समान नहीं है।
विविधता क्यों मायने रखती है
- ‘हिमालयी बर्फ’ का एक पिघलाव अंक ढाल, मलबा, और मानसून बनाम पश्चिमी हिमपात के इन अंतरों को छिपाता है।
- जल योजना और आपदा मानचित्र को साफ, तीव्र उत्तराखंड हिमनद और मलबा-आवृत कराकोरम हिमनद को भिन्न प्राकृतिक पिंड मानना चाहिए।
Flow diagram
flowchart TD I[भारतीय हिमनद] --> H[वृहत् हिमालय घाटी] I --> K[कराकोरम विसंगति] I --> D[मलबा स्नआउट झील] H --> R[गंगा सिंधु ब्रह्मपुत्र]
Conclusion
भारतीय हिमनद श्रेणी, लंबाई, मलबा आवरण और जलवायु स्रोत से भिन्न हैं। घाटी और सर्क रूप, कराकोरम विसंगति, और स्नआउट झीलें उनकी प्रकृति के मुख्य अंतर हैं, और उनका अलग परीक्षण होना चाहिए।
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क्या सभी हिमालयी हिमनद एक दर से पीछे हट रहे हैं?
नहीं। मलबा आवरण, ऊँचाई और कराकोरम हिमपात पैटर्न भिन्न दरें और स्थानीय अग्रसरता भी पैदा करते हैं।
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क्या हिमनद केवल पश्चिमी हिमालय में हैं?
नहीं। सिक्किम और अरुणाचल में भी हिमनद हैं, यद्यपि सबसे लंबी जिह्वाएँ पश्चिम और कराकोरम में हैं।
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