Revision summary
हिमालयी क्षेप और उत्तर-पूर्व संधि-गाँठ भारत की सबसे प्रबल भूकंप पट्टी हैं। सिंधु-गंगा जलोढ़ हिमालयी कंपन बढ़ाता है; उत्तर प्रदेश के भाग क्षेत्र III–IV में बैठते हैं। कच्छ 2001 और 1819 पश्चिमी रिफ्ट-किनारा पट्टी चिह्नित करते हैं (कच्छ में क्षेत्र V)। कोयना और लातूर पुराने रिफ्ट और जलाशयों पर प्रायद्वीपीय अंतः-प्लेट जोखिम दिखाते हैं। अंडमान-निकोबार सबडक्शन पट्टी है, 2004 से सिद्ध; बीआईएस क्षेत्र II–V इन पट्टियों को संहिता हेतु मानचित्रित करते हैं।
Model answer
Introduction
भारत की भूकंप पट्टियाँ प्लेट किनारों और कुछ अंतः-प्लेट दुर्बल क्षेत्रों का अनुसरण करती हैं। वर्णन का अर्थ हिमालयी टक्कर पट्टी, सिंधु-गंगा और गुजरात-कच्छ रेखाएँ, प्रायद्वीपीय जेबें और अंडमान-निकोबार चाप स्थित करना, तथा उन्हें भारतीय मानक ब्यूरो के क्षेत्र मानचित्र के सापेक्ष पढ़ना है।
Body
हिमालयी और उत्तर-पूर्वी टक्कर पट्टी
- भारतीय प्लेट अभी यूरेशिया के नीचे धकेलती है; मुख्य केंद्रीय क्षेप, मुख्य सीमा क्षेप और हिमालयी фронटल क्षेप के साथ विकृति पूरे हिमालय चाप को देश की सर्वोच्च भूकंपीय पट्टी बनाती है।
- कश्मीर (2005 मुजफ्फराबाद रेखा पार था), कांगड़ा 1905, बिहार-नेपाल 1934, उत्तरकाशी 1991, चमोली 1999 और नेपाल 2015 इसी पट्टी पर बैठते हैं; उत्तराखंड और हिमाचल बीआईएस में क्षेत्र V/IV हैं।
- उत्तर-पूर्व (शिलांग 1897, असम 1950) हिमालय और इंडो-बर्मा श्रेणियों का संधि-गाँठ है; उत्तर-पूर्व का बड़ा भाग क्षेत्र V है।
- गहरे और उथले क्षेप भूकंप, भूस्खलन और घाटी प्रवर्धन संबद्ध खतरे हैं; यह प्लेट-सीमा पट्टी है, यादृच्छिक बिखराव नहीं।
सिंधु-गंगा, पश्चिमी और कच्छ पट्टियाँ
- गंगा-ब्रह्मपुत्र जलोढ़ हिमालय में अधिकेंद्र होने पर भी कंपन बढ़ा सकता है; उत्तर प्रदेश और बिहार की पट्टियों सहित उत्तरी मैदान के भाग इस बेसिन प्रभाव और छिपे भ्रंशों के कारण क्षेत्र III–IV में बैठते हैं।
- दिल्ली-हरिद्वार कटक और पश्चिमी उत्तर प्रदेश नगर दिखाते हैं कि मैदान स्वतः सुरक्षित नहीं।
- कच्छ रिफ्ट और पश्चिमी महाद्वीपीय किनारे ने 1819 अल्लाह बंध और 2001 भुज (Mw 7.7) भूकंप दिए; गुजरात का कच्छ क्षेत्र V है।
- मकरान-जुड़ा पश्चिमी किनारा और मरे कटक प्रणाली पाकिस्तान-ईरान के लिए अधिक मायने रखती है, किंतु वे भारत की पश्चिमी भूकंपीय कथा का ढाँचा हैं।
प्रायद्वीपीय और द्वीपीय पट्टियाँ
- प्रायद्वीपीय भारत पुराने रिफ्ट और जलाशयों पर अंतः-प्लेट घटनाओं वाला स्थिर शील्ड है: कोयना 1967 (प्रेरित भूकंपनीयता), लातूर 1993, जबलपुर 1997, और कभी आंध्र-कर्नाटक झटके।
- हिमालय से आवृत्ति कम है किंतु प्रभाव ऊँचा क्योंकि चिनाई तैयार नहीं; बीआईएस अभी जेबें क्षेत्र II–III मानचित्रित करता है, कोयना ऊँचा।
- अंडमान-निकोबार चाप बर्मा माइक्रोप्लेट के नीचे भारतीय प्लेट का सबडक्शन पट्टी है; 2004 सुमात्रा-अंडमान भूकंप और सुनामी ने दिखाया कि यह द्वीप पट्टी भारत की सबसे खतरनाक में है।
- बीआईएस क्षेत्र V द्वीप, उत्तर-पूर्व और हिमालयी कोर ढकता है; क्षेत्र IV उत्तरी पट्टी और गुजरात के भाग; क्षेत्र III उत्तरी मैदान और तटों का बड़ा भाग; क्षेत्र II अधिक स्थिर प्रायद्वीप।
- पट्टियों का वर्णन इसलिए प्लेट सीमा, असफल रिफ्ट और जलोढ़ प्रवर्धन का मानचित्र है, केवल तिथियों की सूची नहीं।
Flow diagram
flowchart TD H[हिमालय पूर्वोत्तर टक्कर] --> Z[बीआईएस क्षेत्र] K[कच्छ पश्चिमी किनारा] --> Z P[प्रायद्वीपीय रिफ्ट] --> Z A[अंडमान सबडक्शन] --> Z
Conclusion
भारत की मुख्य भूकंप पट्टियाँ हिमालय-उत्तर-पूर्व टक्कर क्षेत्र, जलोढ़-प्रवर्धित उत्तरी मैदान, कच्छ-पश्चिमी किनारा, प्रायद्वीपीय अंतः-प्लेट जेबें और अंडमान-निकोबार सबडक्शन चाप हैं। बीआईएस क्षेत्र II–V उस भूविज्ञान को भवन-संहिता भूगोल में अनुवाद करते हैं।
Quick related
Students also ask
-
Presenting the details of the popular folk songs in the 'Purvanchal region' of Uttar Pradesh. Mention their salient features.
Next question in the 2022 paper (Q20). View answer →
-
क्या प्रायद्वीपीय भारत भूकंप-मुक्त है?
नहीं। हिमालय से आवृत्ति कम है, किंतु लातूर, कोयना और जबलपुर दिखाते हैं कि शील्ड क्षेत्र अभी विनाशक अंतः-प्लेट झटके दे सकते हैं।
-
क्या उत्तर प्रदेश हिमालयी पट्टी पर है?
राज्य का हिमालयी किनारा और उत्तरी मैदान हिमालयी पट्टी भूकंप महसूस करते हैं। जलोढ़ प्रवर्धन और फ्रंटल क्षेप निकटता के कारण राज्य का अधिकांश भाग क्षेत्र III है, उत्तरी पट्टियाँ ऊँची।
PYQ trend
When UPSC asked this
Related PYQs from other years, newest first. Open a question to read it.
-
2024 · Q8 · UPGS1 · 8 marks
Explain the interrelationship between climate, soils and vegetation. -
2023 · Q8 · UPGS1 · 8 marks
Soil profile plays an important role in agriculture. Do you agree? -
2023 · Q18 · UPGS1 · 12 marks
Discuss the relationship between El Nino and south-east monsoon in India and its impact on agriculture. -
2023 · Q19 · UPGS1 · 12 marks
Write a short note on temperate cyclones. How it impacts India? -
2022 · Q17 · UPGS1 · 12 marks
Describe the causes of origin, structure and weather associated with tropical cyclones. -
2021 · Q18 · UPGS1 · 12 marks
What is cyclone? Explain the causes of the origin of temperate cyclones. -
2020 · Q17 · UPGS1 · 12 marks
Discuss the causes of volcanic eruption and describe the land-forms formed by deposition of its lava. -
2020 · Q20 · UPGS1 · 12 marks
Describe the role of Glaciers in shaping the land-forms in high mountain areas.
More from this paper
Q1 · UPSC Mains 2022 · UPGS1 · 8 marks
मौर्यकालीन कला एवं स्थापत्यकला की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
Indian culture
मौर्य कला दरबारी बलुआ पत्थर है: अशोक स्तंभ, सारनाथ सिंह शीर्ष, और पॉलिश यक्ष मूर्तियाँ। स्थापत्य में बराबर आजीविक गुफाएँ, सांची-सारनाथ के प्रारंभिक स्तूप, और पाटलिपुत्र के काष्ठ प्रासाद जुड़ते हैं। उच्च पॉलिश और पशु शीर्ष पहचान हैं, बाद का मंदिर शिखर नहीं। शैली साम्राज्यिक और मिश्र धर्म है, केवल बौद्ध विहार निर्माण नहीं।
Q2 · UPSC Mains 2022 · UPGS1 · 8 marks
उन्नीसवीं सदी में उत्तर प्रदेश में पुनर्जागरण के स्वरूप पर प्रकाश डालिए।
Uttar Pradesh — history, culture and society
उन्नीसवीं सदी का यूपी पुनर्जागरण क्षेत्रीय है: बनारस में हिंदी, लखनऊ में उर्दू, और अलीगढ़ आंदोलन। भारतेंदु का मुद्रण और हिंदी-उर्दू बहस ने भाषा को सार्वजनिक प्रश्न बनाया। सर सैयद का 1875 का एमएओ कॉलेज मुस्लिम धारा का मुख्य शैक्षिक स्मारक है। सभाएँ, आर्य समाज और कन्या शिक्षा इसे साहित्य के साथ सामाजिक बनाती हैं। यह इतालवी पुनर्जागरण की नकल नहीं है।
Q3 · UPSC Mains 2022 · UPGS1 · 8 marks
प्रेस की आज़ादी के लिये संघर्ष में राष्ट्रवादी नेता बाल गंगाधर तिलक के योगदान का वर्णन कीजिए।
Modern Indian history
तिलक 1881 से केसरी (मराठी) और मराठा (अंग्रेजी) को राष्ट्रवादी संगठन की तरह प्रयोग करते हैं। 1897 का रैंड-प्लेग मुकदमा और 1908 का मांडले दंड उन्हें प्रमुख प्रेस बंदी बनाते हैं। धारा 124A हिंसा पर नहीं, राजनीतिक टिप्पणी पर गैग के रूप में दिखाई देती है। होम रूल बाद में उन्हीं पत्रों को जन स्वराज शिक्षण में ले जाता है। प्रेस स्वतंत्रता उनके लिए राजनीतिक अधिकार है, व्यावसायिक विशेषाधिकार नहीं।
Toppers' copies
Toppers' copies for this question will be uploaded soon.