Revision summary
नाजी विचारधारा ने नस्ल घृणा को पूर्वी जीवन-स्थान और वर्साय बदला से जोड़ा। 1933–34 तानाशाही और पुनर्शस्त्र ने युद्ध राज्य बनाया। राइनलैंड, एंश्लुस और म्यूनिख ने हिटलर को सिखाया कि लोकतंत्र झुकेंगे। प्राग 1939 ने असीमित लक्ष्य खोले; सोवियत समझौते ने पोलैंड का पथ साफ किया। 1 सितंबर आक्रमण, अकेला म्यूनिख नहीं, ने यूरोपीय विश्व युद्ध खोला। तुष्टीकरण और अन्य अक्ष साझेदार संदर्भ थे, उसकी एजेंसी के विकल्प नहीं।
Model answer
Introduction
द्वितीय विश्व युद्ध के कई जनक थे—वर्साय कटुता, मंदी, जापानी और इतालवी आक्रमण, तथा ब्रिटिश-फ्रांसीसी तुष्टीकरण। हिटलर की भूमिका की विवेचना को फिर भी नस्ल, पुनर्शस्त्र और लेबेन्स्राम के नाजी कार्यक्रम को उस यूरोपीय युद्ध के केंद्र में रखना चाहिए जो 1 सितंबर 1939 को खुला।
Body
विचारधारा और जर्मन राज्य का कब्जा
- माइन काम्फ और नाजी भाषणों ने यहूदी, स्लाव और वर्साय व्यवस्था को शत्रु नामित किया, और पूर्व में लेबेन्स्राम को जर्मनी के कथित घेराव का इलाज बताया।
- जनवरी 1933 में चांसलर नियुक्ति, एनेबलिंग एक्ट, लॉन्ग नाइव्स की रात, और 1934 में राष्ट्रपति व फ्यूहरर का विलय ने पार्टी को युद्ध-सक्षम तानाशाही बनाया।
- पुनर्शस्त्र, भर्ती (1935) और लुफ्टवाफे ने वर्साय के सैन्य खंड तोड़े और यूरोप को सिखाया कि संधियाँ बल से जाँची जाएँगी।
संशोधन से खुले युद्ध तक
- राइनलैंड का पुनर्सैनिकीकरण (1936) जुआ था जिसे पेरिस और लंदन ने नहीं रोका; इसने 1919 का अंतिम बफर नष्ट किया और हिटलर की घरेलू प्रतिष्ठा उठाई।
- रोम–बर्लिन अक्ष, स्पेन हस्तक्षेप, ऑस्ट्रिया के साथ एंश्लुस (मार्च 1938) और चेकोस्लोवाकिया का म्यूनिख विखंडन (सितंबर 1938) एक विधि दिखाते हैं: धमकाओ, लोकतंत्रों को बाँटो, फिर कब्जा करो।
- मार्च 1939 में प्राग कब्जे ने दिखावा समाप्त किया कि हिटलर केवल जर्मन-भाषी चाहता था; ब्रिटेन ने तब पोलैंड को गारंटी दी।
- मोलोटोव–रिबेंट्रोप समझौता (अगस्त 1939) ने एक सप्ताह के लिए पूर्वी मोर्चा मुक्त किया; 1 सितंबर को पोलैंड आक्रमण, 17 सितंबर को सोवियत प्रवेश के साथ, ने 3 सितंबर को ब्रिटेन-फ्रांस युद्ध घोषणा के बाद यूरोपीय युद्ध निश्चित किया।
एकल-कारण मिथक के बिना एजेंसी
- म्यूनिख तुष्टीकरण, मंचूरिया और अबीसीनिया में लीग की विफलता, तथा जापान का चीन युद्ध वह जलवायु बनाते हैं जिसमें हिटलर चल सका, किंतु उन्होंने पोलिश अल्टीमेटम नहीं लिखा।
- हिटलर का निजी समय-पत्र—आत्मनिर्भरता, चार-वर्ष योजना, और युद्ध जिसे वह मानता था जर्मनी के सबल रहते आना चाहिए—ने संशोधनवाद को सीमित सीमा सुधार की जगह सामान्य युद्ध बनाया।
- न्यायपूर्ण विवेचना इसलिए हिटलर को निर्णायक यूरोपीय एजेंसी देती है और 1919 व्यवस्था के व्यापक टूट को अभी नामित करती है।
Flow diagram
flowchart TD V[वर्साय शिकायत] --> N[नाजी राज्य पुनर्शस्त्र] N --> R[राइनलैंड एंश्लुस म्यूनिख] R --> P[प्राग फिर पोलैंड 1939] P --> W[ब्रिटेन फ्रांस युद्ध घोषणा]
Conclusion
हिटलर ने शस्त्र में वर्साय तोड़कर, ऑस्ट्रिया और चेक भूमि निगलकर, और सोवियत समझौते के बाद पोलैंड पर आक्रमण कर यूरोपीय युद्ध बनाया। तुष्टीकरण और अन्य आक्रांता संदर्भ थे; ट्रिगर और नस्लीय-साम्राज्य कार्यक्रम उसके थे।
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क्या हिटलर के बिना युद्ध आता?
वर्साय सीमाओं से जर्मन-पोलिश संकट फिर भी उठ सकता था, किंतु नस्लीय-साम्राज्य समय-पत्र, प्राग और सोवियत समझौता हिटलर के चुनाव थे। प्रति-तथ्य वह एजेंसी नहीं मिटाते।
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क्या युद्ध केवल हिटलर बनाम पश्चिम था?
नहीं। जापान का चीन युद्ध और इटली के अफ्रीकी साहस समानांतर आक्रमण थे। प्रश्न, तथापि, 1939 के यूरोपीय युद्ध को शुरू करने में उसकी भूमिका है, जो फिर वैश्विक हुआ।
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