Revision summary
पटेल और वी. पी. मेनन जुलाई 1947 से राज्य विभाग चलाते हैं। विलय-पत्र रक्षा, विदेश और संचार कवर करता है। अधिकांश शासक प्रिवी पर्स और राजप्रमुख पद से माने; संघ 1950 से पहले बने। जूनागढ़ जनमत संग्रह से, हैदराबाद सितंबर 1948 ऑपरेशन पोलो से तय हुआ। सेना, मुद्रा और सेवाओं का प्रशासनिक विलय विलय-पत्र को वास्तविक बनाता है।
Model answer
Introduction
15 अगस्त 1947 को भारत को एक राज्य नहीं, ब्रिटिश प्रांत और लगभग 562 रियासतों का मोज़ेक मिला। उप-प्रधानमंत्री और राज्य मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने सचिव वी. पी. मेनन के साथ विलय-पत्र, संघ और, जहाँ समझाइश असफल हुई, सीमित बल से उस मोज़ेक को संघ बनाया।
Body
विलय तंत्र और समझाइश
- जुलाई 1947 में बना राज्य विभाग प्रत्येक शासक को रक्षा, विदेश और संचार वाले विलय-पत्र तथा विद्यमान प्रशासनिक कड़ियाँ बनाए रखने वाला स्थगन समझौता देता था।
- पटेल की विधि व्यक्तिगत दबाव के साथ प्रिवी पर्स, तोप-सलामी और राजप्रमुख पद का वचन थी: त्रावणकोर, भोपाल, जोधपुर और इंदौर 15 अगस्त के आसपास स्वतंत्र जेब बनने के बजाय भीतर आए।
- उन्होंने जोर दिया कि सर्वोच्चता की समाप्ति तीसरा डोमिनियन नहीं बनाती; भूगोल, सांप्रदायिक शांति और भारतीय सेना की रसद किसी रियासत के अलगाव को नए गणराज्य के लिए खतरा बनाती थी।
- सौराष्ट्र, मत्स्य, राजस्थान, मध्य भारत, विंध्य प्रदेश, पेप्सू जैसे प्रारंभिक संघ पटेल-मेनन की रचनाएँ थीं, जिन्होंने 26 जनवरी 1950 से पहले दर्जनों ठिकानों को व्यवहार्य इकाइयों में बाँधा।
हठधर्मी मामले और प्रशासनिक समापन
- जूनागढ़ के नवाब ने हिंदू-बहुल आबादी के विरुद्ध पाकिस्तान विलय किया; पटेल ने अनंतिम सरकार, नाकाबंदी और फरवरी 1948 जनमत संग्रह का समर्थन किया जिसने भारत संघ की पुष्टि की।
- निजाम और रज़ाकारों के अधीन हैदराबाद ने विलय अस्वीकार किया; महीनों की बातचीत के बाद सितंबर 1948 का ऑपरेशन पोलो गतिरोध समाप्त कर राज्य को विलय तक सैन्य प्रशासक के अधीन रख गया।
- 26 अक्टूबर 1947 का जम्मू-कश्मीर विलय युद्ध-परिस्थिति में हुआ; पटेल का बड़ा मानचित्र-कार्य प्रायद्वीप का शेष था, जबकि कश्मीर फाइल मंत्रिमंडल और संयुक्त राष्ट्र की समस्या रही।
- विलय अनुबंध, पृथक राज्य सेनाओं और मुद्राओं का अंत, तथा अखिल भारतीय सेवाओं का विस्तार राजनीतिक विलय को प्रशासनिक एकीकरण से पूरा करते हैं, ताकि संविधान की पहली अनुसूची एक भारत सूचीबद्ध कर सके।
Flow diagram
flowchart TD L[सर्वोच्चता की समाप्ति] --> I[विलय-पत्र] I --> U[रियासत संघ पेप्सू राजस्थान] I --> J[जूनागढ़ जनमत संग्रह] I --> H[हैदराबाद ऑपरेशन पोलो] U --> C[संविधान पहली अनुसूची] J --> C H --> C
Conclusion
पटेल की भूमिका सर्वोच्चता की समाप्ति को विलय-पत्र में, फिर विलय-पत्र को संघ में बदलना था — विलय-पत्र, प्रिवी-पर्स सौदे, और जूनागढ़ तथा हैदराबाद में निर्णायक राज्य शक्ति से। उस राज्य विभाग श्रम के बिना 15 अगस्त प्रांतों के चारों ओर खंडित भीतरी प्रदेश छोड़ जाता।
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क्या पटेल ने कश्मीर को हैदराबाद की तरह जोड़ा?
नहीं। कश्मीर आक्रमण के दौरान विलय हुआ और संयुक्त राष्ट्र-मंत्रिमंडल फाइल बना। पटेल की सामान्य विधि — विलय-पत्र और संघ — 562 में से अधिकांश पर लागू हुई; बल जूनागढ़ और हैदराबाद के लिए रहा।
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क्या विलय-पत्र और विलय एक ही हैं?
विलय-पत्र पहले तीन विषयों पर डोमिनियन से बाँधता था। विलय अनुबंध और बाद का भाग क/ख/ग वर्गीकरण पृथक सेना, मुद्रा और न्यायालय समाप्त करता है।
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