Q7 · UPPSC PCS मुख्य परीक्षा 2019 · GS IV · 8 अंक · कक्ष में ~125 शब्द · 2 min read

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जनता के विरोध के संदर्भ में अनुनय के गुणों और अवगुणों की व्याख्या कीजिए।

विषय: Attitude. पाठ्यक्रम: Attitude — Content, structure, function, its influence, and relation with thought and behavior. वही आधिकारिक प्रश्न वर्ष 2019 और Attitude से।

Revision summary

विरोध संवैधानिक वाणी है; अनुनय दूसरे को मिटाए बिना खिसकाने का प्रयास है। गुण: कम हिंसा, जाँच योग्य आश्वासन, वैधता, आंदोलन का आंतरिक अनुशासन। अवगुण: विलंब बना संवाद, झूठे वचन, सहयोजन, तीसरे पक्ष की हानि की अनदेखी। ‘वार्ता’ के दौरान बुलडोजर चले तो एथोस मरता है। सुनें, दर्ज करें, विधिवत कदम दें, झूठ न बोलें; बल अंत में और जवाबदेह।

Model answer

Introduction

जन विरोध सड़क का संवैधानिक भाषण है। अनुनय वह शिल्प है जो तर्क, भाव और विश्वसनीय वक्ता दे ताकि क्रोध आग नहीं सौदा बने। गणतंत्र में उसके वास्तविक गुण हैं, और जब उसे टाल या झूठ बनाया जाए तो वास्तविक अवगुण।

Body

जन विरोध और अनुनय क्यों आता है

  • अनुच्छेद 19 शांतिपूर्ण सभा और वाणी बचाता है; जो जिला हर विरोध को दंगा माने वह लाठी को एकमात्र भाषा चुन चुका है।
  • अरस्तू के एथोस–पाथोस–लोगोस में अनुनय वह तरीका है जिससे अधिकारी, संघ या आंदोलन दूसरे को मिटाए बिना खिसकाए।
  • होवलैंड की स्रोत विश्वसनीयता और विस्तार-संभावना मॉडल दोनों कहते हैं कि विश्वसनीय, स्पष्ट, दो-तरफा बात मेगाफोन या आधी रात परिपत्र से अधिक टिकती है।

विरोध में अनुनय के गुण

  • वह हिंसा रोक सकता है: अफवाह, असली शिकायत और अगली तारीख नाम लेने वाला बोलता डीएम अक्सर उस भीड़ को ठंडा करे जिसे मौन शिविर भड़काए।
  • वह विरोध को नीति बना सकता है: कृषि, शुल्क या भूमि वार्ता जो लिखित आश्वासन दर्ज करे गर्मी को जाँच योग्य वचन बनाती है।
  • वह वैधता बचाता है: जब राज्य अंत में प्रवर्तन करे, जिन्हें सुना गया वे गणतंत्र को शत्रु कम मानते हैं।
  • आंदोलन के भीतर अनुनय विरोध को स्वयं अनुशासित करता है — गांधी की अहिंसा स्वयंसेवकों का अनुनय थी, केवल राज का नहीं।
  • वह लाठीचार्ज से सस्ता है जो जाँच आयोग बन जाए।

विरोध में अनुनय के अवगुण

  • अनुनय संवाद बने विलंब हो सकता है: बिना शक्ति की समितियाँ, और बुलडोजर चलते ‘वार्ता’, एथोस मारती हैं और सिखाती हैं कि केवल आग सुनी जाती है।
  • झूठे आश्वासन अनुनय नहीं; वे कपट हैं, और बाद में बड़ा कड़वा विरोध पक्का करते हैं।
  • असमान शक्ति: सचिवालय मेज के सामने भूखी भीड़ संगोष्ठी नहीं; बिना वास्तविक रियायत या विधिवत व्याख्या बात अपमान है।
  • सहयोजन: नेता कमरे में मनाए जाएँ और मूल शिकायत दफन हो — अवगुण जिसे उग्र बाद की हर बात के विरुद्ध उद्धृत करेंगे।
  • जब विरोध स्वयं घृणा सभा या अस्पताल नाकाबंदी हो, अनुनय तीसरे पक्ष की रक्षा का कर्तव्य नहीं बदल सकता; तब लोगोस में आईपीसी भी है।

अधिकारी कैसे प्रयोग करे

  • सार्वजनिक सुनें, लिखित दर्ज करें, विधिवत अगला कदम दें, चैनल रखें, झूठ न बोलें। बात को चलती सेवा से जोड़ें। बल अंत में, आनुपातिक और जवाबदेह।

Flow diagram

flowchart TD
  P[शांतिपूर्ण विरोध] --> T[अनुनय]
  T --> B[लिखित सौदा]
  T --> D[विलंब या झूठ]
  D --> V[अधिक कड़वा संघर्ष]

Conclusion

जन विरोध में अनुनय के गुण हिंसा ठंडक, क्रोध का लिखित सौदा और गणतंत्र का चेहरा बचाना हैं। अवगुण टालमटोल, झूठे वचन, सहयोजन और तीसरे पक्ष के अधिकार की अनदेखी वाली बात हैं। नीति ईमानदार संवाद है जिसके साथ असली अगला कदम हो, विलंब का मेगाफोन नहीं।

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    Next question in the 2019 paper (Q8). View answer →

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    अक्सर भय है। शक्ति विधिवत व्याख्या और दर्ज अगला कदम है। मौन आग का निमंत्रण हो सकता है।

  • क्या वार्ता शुरू होते ही हर माँग माननी है?

    नहीं। अनुनय में तर्कयुक्त ना भी है। मानने का नाटक झूठ अवगुण है, ईमानदार इंकार नहीं।

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