Q2 · UPPSC PCS मुख्य परीक्षा 2019 · GS IV · 8 अंक · कक्ष में ~125 शब्द · 2 min read

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नैतिक मूल्यों के सुदृढ़ीकरण की क्या प्रक्रिया है? क्या नैतिक मूल्यों के सुदृढ़ीकरण से चरित्र-निर्माण में सहायता प्राप्त होती है? विवेचना करें।

विषय: Civil Service aptitude and values. पाठ्यक्रम: Aptitude and foundational values for Civil Service — integrity, impartiality, non-partisanship, objectivity, dedication to public services. वही आधिकारिक प्रश्न वर्ष 2019 और Civil Service aptitude and values से।

Revision summary

मूल्य आदत, विश्वसनीय आदर्श, क्षमा और निष्पक्षता पुरस्कृत करने वाली संस्थाओं से बढ़ते हैं। लोक तर्क माँगता है कि मूल्य कुल से परे बताया जाए। चरित्र वे मूल्य हैं जो बिना निगरानी स्थायी इच्छा बन गए। सुदृढ़ीकरण तभी चरित्र बनाता है जब कर्म लागत से मिले और पद ईमानदारी दंडित न करे। तथ्य ठुकराने वाला ड्रिल सम्मान हठ है, गणतांत्रिक चरित्र नहीं।

Model answer

Introduction

नैतिक मूल्य योग्य चुनाव के स्थायी मापदंड हैं। वे बार-बार सही कर्म, विश्वसनीय उदाहरण और लोक तर्क से सुदृढ़ होते हैं — और वही प्रक्रिया चरित्र बनाती है, एक शपथ नहीं।

Body

नैतिक मूल्यों के सुदृढ़ीकरण की प्रक्रिया

  • अरस्तू की आदत पहला प्रक्रिया है: मूल्य तब बढ़ता है जब व्यक्ति उपयुक्त कर्म फिर करे, जब दीवार नारा ढोए नहीं।
  • परिवार और विद्यालय आदर्श देते हैं; बंदूरा का सामाजिक अधिगम कहता है बच्चे वही नकल करते हैं जिसे बड़े पुरस्कृत, भयभीत और दोहराते हैं।
  • अंतःकरण स्वीकार, क्षमा और बोलती आंतरिक समीक्षा से प्रशिक्षित होता है — गांधी के सत्य के प्रयोग डायरी को कार्यशाला मानते थे, प्रदर्शन नहीं।
  • संस्थाएँ तब मूल्य सुदृढ़ करती हैं जब निष्पक्षता पुरस्कृत हो: साझा मध्याह्न भोजन, सम्मानित कतार, असहमति दर्ज पत्रावली, अपमान न करने वाली कक्षा।
  • कोहलबर्ग के घर-निष्ठा से सिद्धांत की ओर कदम में लोक तर्क माँगता है कि मूल्य अजनबी को बताया जाए; अनुच्छेद 51A वही नागरिक परत देता है।
  • बिना आचरण का अनुष्ठान मूल्य कमजोर करता है; ईमानदार लिपिक पर हँसने वाला समाज भी। सुदृढ़ीकरण इसलिए सामाजिक है, केवल निजी नहीं।

क्या इससे चरित्र-निर्माण होता है

  • चरित्र बिना निगरानी योग्य कर्म चुनने की स्थायी प्रवृत्ति है; वह मूल्य की आदत है, इसलिए मूल्यों का सुदृढ़ीकरण चरित्र का साधारण मार्ग है।
  • सत्य भाषण, बाँटना और संयम का अभ्यास करने वाला बच्चा पहले से चरित्र बना रहा है; बाद का लाल बहादुर शास्त्री प्रकार का प्रशिक्षण उसी मानचित्र पर व्यावसायिक नीति चढ़ाता है।
  • सुदृढ़ीकरण तभी सहायक है जब मूल्य लागत के नीचे जिया जाए: जो सत्यनिष्ठा घूस या धमकी से कभी न मिले वह अभी अव्यक्त भाषण रह सकती है।
  • चरित्र को ऐसी संस्थाएँ भी चाहिए जो ईमानदार को दंड न दें; द्वितीय एआरसी ने नीति प्रशिक्षण को कार्यकाल और मूल्यांकन से जोड़ा ताकि चरित्र करियर आत्महत्या न बने।
  • सीमा: रटाया हुआ मूल्य हठ या सांप्रदायिक सम्मान बन सकता है; गणतंत्र में चरित्र विधि और तथ्य से सुधार के लिए खुला रहना चाहिए।
  • मामले के लिए तैयार: एनसीसी, एनएसएस और मौखिक दबाव में सत्य टिप्पणी चरित्र बनाते हैं क्योंकि वे मूल्य को मँहगे कर्म से जोड़ते हैं।

Flow diagram

flowchart TD
  H[आदत और उदाहरण] --> V[सुदृढ़ मूल्य]
  I[न्यायपूर्ण संस्थाएँ] --> V
  V --> K[स्थायी इच्छा के रूप में चरित्र]
  C[मँहगी परीक्षा] --> K

Conclusion

नैतिक मूल्य आदत, उदाहरण, संस्था और लोक तर्क से सुदृढ़ होते हैं। यह प्रक्रिया चरित्र-निर्माण में सहायता करती है, क्योंकि चरित्र स्थायी इच्छा बना मूल्य है। वह तब गिरती है जब नारे मँहगे अभ्यास की जगह लें, या पद ईमानदार को दंडित करे।

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Students also ask

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    Next question in the 2019 paper (Q3). View answer →

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    वह आदत और साथी मानचित्र शुरू कर सकता है। चरित्र को शिविर के बाद भी बार-बार मँहगे कर्म चाहिए।

  • क्या धार्मिक व्यक्ति अपने आप अच्छे चरित्र का है?

    नहीं। अनुष्ठान क्रूरता के साथ बैठ सकता है। चरित्र बिना निगरानी का चुनाव है, पहचान का लेबल नहीं।

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  1. 2024 · Q14 · UPGS4 · 12 marks

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