Revision summary
राष्ट्रीय शक्ति सैन्य, आर्थिक और वैधता क्षमता है; विज्ञान-प्रौद्योगिकी तीनों में बैठती है। नाभिकीय और अंतरिक्ष कार्यक्रम 1998 और इसरो/नैविक के बाद रणनीतिक स्वायत्तता दिखाते हैं। कृषि विज्ञान और फार्मा खाद्य व स्वास्थ्य कमजोरी काटते हैं। डिजिटल रेल और आईटी राजकोषीय पहुँच और कौशल निर्यात बढ़ाते हैं। शक्ति संगठित ज्ञान-प्रयोग से आती है, केवल प्रयोगशाला प्रतिष्ठा से नहीं।
Model answer
Introduction
राष्ट्रीय शक्ति किसी राज्य की क्षेत्र रक्षा, आर्थिक वृद्धि और दूसरों की पसंद प्रभावित करने की क्षमता है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी अब इनमें से प्रत्येक क्षमता के अंदर बैठती है, इसलिए मिसाइल, टीका, उपग्रह और डिजिटल सार्वजनिक रेल सभी शक्ति के उपकरण हैं, केवल प्रयोगशाला प्रतिष्ठा नहीं।
Body
कठोर शक्ति और रणनीतिक स्वायत्तता
- नाभिकीय विज्ञान और प्रक्षेपण प्रणालियों ने 1998 के परीक्षणों और विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोध सिद्धांत के बाद भारत को घोषित निवारक वाला राज्य बनाया।
- अंतरिक्ष प्रक्षेपण, सुदूर संवेदन और नेविगेशन (इसरो, आईआरएनएसएस/नैविक) विदेशी तारामंडल पर पूर्ण निर्भरता के बिना मानचित्रण, आपदा चेतावनी और सैन्य सी4आईएसआर देते हैं।
- डीआरडीओ और उत्पादन एजेंसियाँ मिसाइल, रडार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध आपूर्ति करती हैं; स्वदेशी डिजाइन प्रतिबंध के वीटो को कम करता है।
- साइबर उपकरण, एन्क्रिप्शन और स्पेक्ट्रम प्रबंधन तय करते हैं कि संकट के पहले घंटों में कमान नेटवर्क जीवित रहें।
आर्थिक और विकासात्मक शक्ति
- हरित क्रांति कृषि विज्ञान, सिंचाई इंजीनियरिंग और बाद की जैव प्रौद्योगिकी ने खाद्य उत्पादन बढ़ाया और संघर्ष या मानसून विफलता में अनाज आयात जैसी क्लासिक कमजोरी घटाई।
- सूचना प्रौद्योगिकी सेवाएँ, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (आधार, यूपीआई, जीएसटीएन) राजकोषीय पहुँच बढ़ाती हैं, भुगतान औपचारिक करती हैं और कुशल काम निर्यात करती हैं।
- औषधि और टीका क्षमता, कोविड-19 वर्षों में दिखी, स्वास्थ्य सुरक्षा और कूटनीतिक आपूर्ति शक्ति दोनों है।
मृदु शक्ति और राज्य क्षमता
- वैज्ञानिक संस्थाएँ, पेटेंट और उच्च तकनीकी शिक्षा क्षमता संकेत देती हैं और पूँजी व प्रतिभा आकर्षित करती हैं।
- टेलीमेडिसिन, मानसून मॉडल और आपदा उपग्रह ज्ञान को दृश्य सार्वजनिक वस्तु में बदलते हैं, जो घरेलू वैधता मजबूत करती है।
Flow diagram
flowchart TD ST[विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी] --> H[कठोर शक्ति नाभिकीय अंतरिक्ष साइबर] ST --> E[आर्थिक खाद्य आईटी फार्मा] ST --> S[मृदु क्षमता वैधता] H --> P[राष्ट्रीय शक्ति] E --> P S --> P
Conclusion
विज्ञान और प्रौद्योगिकी तब राष्ट्रीय शक्ति बढ़ाते हैं जब वे निवारण, खाद्य और स्वास्थ्य सुरक्षा, डिजिटल व औद्योगिक क्षमता और विदेशी स्विच के बिना कार्य करने की राज्य क्षमता उठाएँ। नाभिकीय, अंतरिक्ष, कृषि, फार्मा और डिजिटल रेल के उदाहरण वही तर्क दिखाते हैं: ज्ञान शक्ति तभी है जब संगठित, वित्तपोषित और प्रयुक्त हो।
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क्या राष्ट्रीय शक्ति केवल परमाणु हथियार है?
नहीं। खाद्य, स्वास्थ्य, डिजिटल रेल और औद्योगिक कौशल भी तय करते हैं कि संकट में राज्य कार्य कर सके।
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क्या प्रौद्योगिकी आयात राष्ट्रीय शक्ति बढ़ाता है?
अंतर भर सकता है, पर प्रतिबंध जोखिम तब तक रहता है जब तक डिजाइन, सामग्री और उत्पादन घर पर न हों।
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