Revision summary
1857 ने सत्ता कंपनी से क्राउन को दी। कांग्रेस, लीग, स्वदेशी और गांधी सत्याग्रह ने याचिका को जन राष्ट्रीय आंदोलन बनाया। 1935 अधिनियम तथा 1947 की स्वतंत्रता और विभाजन ने राज्य और मानचित्र बदले। रेल, मिल और निष्कासन ने अर्थव्यवस्था बदली; सुधार और जाति राजनीति ने समाज बदला। भूमि, श्रेणी और गरीबी जारी रहीं, इसलिए परिवर्तन व्यापक था, पूर्ण नहीं।
Model answer
Introduction
1857 के विद्रोह से 1947 की स्वतंत्रता तक की शताब्दी ने भारत पर शासन कौन करे, अर्थव्यवस्था ब्रिटेन से कैसे बँधे, और जाति, लिंग तथा समुदाय सार्वजनिक बहस में कैसे आएँ, यह बदला। कथन मजबूत है, और विश्लेषण को परिवर्तन का पैमाना तथा जो जारी रहा दोनों दिखाने चाहिए।
Body
राजनीतिक परिवर्तन
- 1857 ने कंपनी शासन समाप्त कर ब्रिटिश क्राउन, 1858 का अधिनियम और मजबूत छावनी राज्य लाया।
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (1885), मुस्लिम लीग (1906), जन स्वदेशी, गांधी के सत्याग्रह और 1935 के प्रांतीय मंत्रिमंडलों ने राजनीति को याचिका से राष्ट्रीय आंदोलन बनाया।
- मॉर्ले-मिंटो और मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार, फिर 1935 अधिनियम, ने 1947 तक संप्रभुता दिए बिना निर्वाचित तत्व जोड़े।
- 1947 का विभाजन और स्वतंत्रता सबसे बड़ा राजनीतिक विच्छेद था, जिससे दो राज्य और विशाल जन स्थानांतरण बने।
आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन
- रेल, तार, सूती मिलें और गहरी धन-निष्कासन ने भारतीय अर्थव्यवस्था को ब्रिटिश उद्योग और विश्व कीमतों से बाँधा।
- अकाल, व्यापारिक कृषि और नए पेशेवर वर्गों ने ग्रामीण और शहरी समाज साथ बदला।
- सामाजिक-धार्मिक सुधार, मुद्रण और कन्या शिक्षा ने परिवार की बहस बदली; जाति संगठन और दलित आंदोलन ने पद बदला।
- सांप्रदायिक निर्वाचन क्षेत्र और बाद के दंगे दिखाते हैं कि सार्वजनिक पहचान कठोर भी हुई, जो गहरे रंग का परिवर्तन है।
कितना व्यापक, और क्या जारी रहा
- गाँव की श्रेणी, कई क्षेत्रों में जमींदारी शक्ति, और किसान गरीबी 1947 में गायब नहीं हुई, इसलिए व्यापक परिवर्तन पूर्ण प्रतिस्थापन नहीं है।
- कथन टिकता है क्योंकि संप्रभुता, मानचित्र, राष्ट्रीय आंदोलन और औद्योगिक श्रमिक वर्ग 1947 में 1857 जैसे नहीं थे।
Flow diagram
flowchart TD U[1857 क्राउन] --> N[कांग्रेस जन आंदोलन] N --> I[1947 विभाजन स्वतंत्रता] E[रेल मिल निष्कासन] --> S[सुधार जाति मुद्रण] S --> I
Conclusion
1857 से 1947 स्वतंत्रता और विभाजन में समाप्त होने वाला व्यापक राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन का समय था। विश्लेषण तभी पूरा है जब भूमि, जाति और गरीबी गणतंत्र में जारी रहना भी नोट हो।
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क्या 1857 ने आधुनिक राष्ट्रवाद शुरू किया?
उसने नया साम्राज्यिक ढाँचा शुरू किया। कांग्रेस-प्रकार संगठित राष्ट्रवाद बाद का है, यद्यपि 1857 राजनीतिक स्मृति बना रहा।
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क्या विभाजन इस कालखंड के ‘भारतीय इतिहास’ का भाग है?
हाँ। 1947 कथन में नामित काल का अंत है और उसके भीतर सबसे बड़ा राजनीतिक परिवर्तन है।
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