Q14 · UPPSC PCS मुख्य परीक्षा 2019 · GS I · 12 अंक · कक्ष में ~200 शब्द · 2 min read

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‘भारतीय संस्कृति विविधता में एकता का प्रतीक है।’ उपयुक्त उदाहरण देते हुए इस कथन का तार्किक विश्लेषण कीजिए।

विषय: Indian culture. पाठ्यक्रम: History of Indian Culture — Art Forms, literature and Architecture from ancient to modern times. वही आधिकारिक प्रश्न वर्ष 2019 और Indian culture से।

Revision summary

भारत की भाषाएँ, धर्म और क्षेत्रीय कलाएँ संरचना से अनेक हैं। साझा महाकाव्य, भक्ति-सूफी आदान-प्रदान और गंगा-जमुनी रूप सामासिक संस्कृति बनाते हैं। संविधान उस बहुलता पर एक नागरिकता बाँधता है। उत्तर प्रदेश के अपने क्षेत्र वही पैटर्न दिखाते हैं। एकता दंगे और जाति श्रेणी के विरुद्ध परियोजना है, एकरूपता नहीं।

Model answer

Introduction

भारतीय संस्कृति एक सभ्यतागत क्षेत्र और 1950 से एक संविधान के भीतर कई भाषाएँ, आस्थाएँ, व्यंजन और क्षेत्रीय कलाएँ रखती है। कथन तार्किक है जब एकता साझा स्थान और मूल्य हो, अंतर का मिटाना नहीं।

Body

विविधता जो नारा नहीं

  • आठवीं अनुसूची बाईस भाषाएँ सूचीबद्ध करती है; भारोपीय, द्रविड़, ऑस्ट्रो-एशियाटिक और तिब्बती-बर्मी परिवार उपमहाद्वीप साझा करते हैं, इसलिए भाषाई बहुलता संरचनात्मक है।
  • हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और जनजातीय आस्थाएँ उन्हीं नगरों में रही हैं; काशी, अजमेर शरीफ, वेलांकन्नी और बोधगया अतिव्यापी पवित्र भूगोल दिखाते हैं, रद्द नहीं।
  • भोजन, वेश और त्योहार कैलेंडर केरल के ओणम से पंजाब के बैसाखी और उत्तर प्रदेश के कुंभ तक बदलते हैं, जो अभ्यास की विविधता है, एक ही विधि नहीं।
  • शास्त्रीय और लोक धाराएँ—भरतनाट्यम और नौटंकी, हिंदुस्तानी और कर्नाटक, अवधी और ब्रज—दिखाती हैं कि ‘भारतीय संस्कृति’ शैलियों का परिवार है।

एकता जिसे उदाहरण थामते हैं

  • महाकाव्य, भक्ति-सूफी आदान-प्रदान, और साझा धर्म-ओ-अदब सार्वजनिक क्षेत्र ने उर्दू, कव्वाली और दोआब की गंगा-जमुनी तहजीब जैसे सामासिक रूप बनाए।
  • अशोक का धम्म, अकबर का सुलह-ए-कुल, और राष्ट्रीय आंदोलन का ‘विविधता में एकता’ नारा (नेहरू की डिस्कवरी ऑफ इंडिया) ऐतिहासिक तर्क हैं कि राज्य कई समुदाय थाम सकता है।
  • संविधान की धर्मनिरपेक्षता, मौलिक अधिकार और राजकीय बहुभाषिकता उस सभ्यतागत आदत को विधि बनाते हैं: एक नागरिकता, कई व्यक्तिगत और भाषाई जीवन।
  • उत्तर प्रदेश स्वयं—अवध, ब्रज, बुंदेलखंड, पूर्वांचल और बड़ा मुस्लिम तथा दलित सार्वजनिक—अखिल भारतीय दावे का कार्यशील लघु रूप है।

वाक्यांश की तार्किक सीमा

  • सांप्रदायिक दंगे, भाषा आंदोलन और जाति बहिष्कार दिखाते हैं कि एकता परियोजना है, स्वतः तथ्य नहीं; प्रतीक तभी ठहरता है जब राज्य और समाज अंतर की रक्षा बिना श्रेणी के करें।
  • विश्लेषण इसलिए कथन को सांस्कृतिक अभिलेखागार का सत्य वर्णन और नैतिक-राजनीतिक कार्य मानता है, यह दावा नहीं कि संघर्ष कभी नहीं हुआ।

Flow diagram

flowchart TD
  D[भाषाएँ आस्थाएँ क्षेत्र] --> C[सामासिक अभ्यास]
  C --> U[सभ्यतागत संवैधानिक एकता]
  U --> T[दंगे और बहिष्कार के विरुद्ध कार्य]

Conclusion

भारतीय संस्कृति विविधता में एकता का प्रतीक है क्योंकि कई भाषाएँ, आस्थाएँ और कलाएँ महाकाव्य, बाजार और संवैधानिक नागरिकता साझा करती हैं। तर्क तभी गिरता है जब एकता को एकरूपता पढ़ा जाए या हिंसा अनदेखी हो।

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    नहीं। अर्थ है कई संस्कृतियाँ एक सभ्यतागत क्षेत्र और समान नागरिकता साझा करें। एकरूपता वाक्यांश का खंडन करेगी।

  • यदि दंगे हों तो क्या कथन झूठा है?

    दंगे दिखाते हैं परियोजना असफल हो सकती है। वे सामासिक अभ्यास के लंबे अभिलेखागार नहीं मिटाते; वे दिखाते हैं प्रतीक को विधि और राजनीति क्यों चाहिए।

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