Correct answer: (a) वाजसनेयी
व्याख्या
- A
वाजसनेयी
(a) वाजसनेयी। शुक्ल यजुर्वेद वाजसनेयी संहिता के रूप में माध्यंदिन और काण्व शाखाओं में बचा है, याज्ञवल्क्य से जुड़ा। संग्रहीत आधिकारिक कुंजी यही है। शुक्ल में मंत्र और ब्राह्मण परतें अलग रहती हैं।
- B
मैत्रायणी
(b) मैत्रायणी। मैत्रायणी कृष्ण यजुर्वेद की संहिता है, ब्राह्मण गद्य मिली, शुक्ल नहीं।
- C
तैत्तिरीय
(c) तैत्तिरीय। तैत्तिरीय संहिता कृष्ण यजुर्वेद की मुख्य शाखा है, शुक्ल नहीं।
- D
Kathak
(d) कथक। काठक कृष्ण यजुर्वेद का और स्कूल है, कापिष्ठल के साथ, वाजसनेयी नहीं।
Summary. आधिकारिक कुंजी (a) है। चार नामों में केवल वाजसनेयी शुक्ल यजुर्वेद संहिता है। मैत्रायणी, तैत्तिरीय और काठक कृष्ण यजुर्वेद के हैं। माध्यंदिन, काण्व और याज्ञवल्क्य पड़ोसी नाम हैं। नृत्य कथक को इस वैदिक शाखा से न मिलाएँ।