व्याख्या
- A
120 अध्याय और 8 खंड
विकल्प (a) बताता है कि चरक संहिता 120 अध्यायों और 8 खंडों में विभाजित है। आयुर्वेद के इस प्राचीन मूलभूत ग्रंथ की संरचना वास्तव में आठ अलग-अलग खंडों में की गई है, जिन्हें स्थान कहा जाता है, और इनमें कुल 120 अध्याय शामिल हैं। इसलिए, यह विकल्प ग्रंथ के पारंपरिक संगठन को सटीक रूप से दर्शाता है।
- B
100 अध्याय और 5 खंड
विकल्प (b) दावा करता है कि इस ग्रंथ में 100 अध्याय और 5 खंड हैं। हालांकि, यह संख्या प्राचीन आयुर्वेद पांडुलिपियों में संरक्षित पारंपरिक संरचनात्मक विभाजन से मेल नहीं खाती है। परिणामი, यह विकल्प अध्यायों और खंडों की संख्या के संबंध में तथ्यात्मक रूप से गलत है।
- C
80 अध्याय और 7 खंड
विकल्प (c) सुझाव देता है कि इस कृति में 80 अध्याय और 7 खंड हैं। यह विभाजन ग्रंथ में अध्यायों की कुल संख्या और खंडों की मानक संख्या दोनों को कम आंकता है। इसलिए, यह विकल्प संहिता का सही संरचनात्मक विवरण प्रदान करने में विफल रहता है।
- D
60 अध्याय और 8 खंड
विकल्प (d) में 60 अध्याय और 8 खंडों का उल्लेख है। हालांकि खंडों की संख्या पारंपरिक आठ स्थानों से मेल खाती है, लेकिन अध्यायों की संख्या को काफी कम बताया गया है। इस प्रकार, यह विकल्प गलत रहता है क्योंकि अध्यायों की वास्तविक संख्या 120 है।
Summary. आधिकारिक कुंजी (a) 120 अध्याय और 8 खंड है। चरक संहिता प्राचीन भारतीय चिकित्सा और आयुर्वेद का एक मूलभूत ग्रंथ है। इसे पारंपरिक रूप से आठ अलग-अलग खंडों या स्थानों में वर्गीकृत किया गया है। इन खंडों में सामूहिक रूप से स्वास्थ्य, रोग और उपचार के विभिन्न पहलुओं को कवर करने वाले कुल 120 अध्याय शामिल हैं। परीक्षार्थी अक्सर इन पारंपरिक आंकड़ों को अन्य शास्त्रीय ग्रंथों जैसे सुश्रुत संहिता की संरचनात्मक गणना के साथ भ्रमित कर देते हैं। इसलिए, विकल्प (a) ही एकमात्र ऐसा विकल्प है जो ग्रंथ के पारंपरिक विभाजन का सटीक विवरण देता है।
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