Correct answer: (a) (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
व्याख्या
- A
(A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है। तुर्की अश्वारोही उत्तर भारत में सफल हुए; संग्रहीत कारण राजपूत और अन्य शक्तियों में राजनीतिक एकता का अभाव है। फूट ने गजनवी और गुरीद वार को एक-एक राज्य चुनने दिया। यही आधिकारिक कुंजी है।
- B
(A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(b) दोनों सत्य पर (R) व्याख्या नहीं। प्रश्नपत्र फूट को सफलता की व्याख्या मानता है, अतः सत्य को व्याख्या से तोड़ना कुंजी नहीं।
- C
(A) सत्य है, किन्तु (R) असत्य है है, लेकिन (R) गलत है।
(c) (A) सत्य, (R) असत्य। ग्यारहवीं-बारहवीं शताब्दी में उत्तर भारतीय राजनीतिक एकता सचमुच नहीं थी, अतः (R) असत्य नहीं।
- D
(A) असत्य है, किन्तु (R) सत्य है है, लेकिन (R) सही है।
(d) (A) असत्य, (R) सत्य। तुर्की आक्रमण सल्तनत तक सफल हुए; (A) असत्य नहीं।
Summary. आधिकारिक कुंजी (a) है। कथन और कारण दोनों ठहरते हैं: उत्तर भारत में एक मोर्चा न होने पर तुर्की आक्रमण सफल हुए। तराइन द्वितीय (1192) खंडित राजपूत राजनीति के बाद आया। महमूद गजनवी और मुहम्मद गोरी पड़ोसी नाम हैं।
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