Correct answer: (b) (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
व्याख्या
- A
(A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
दोनों कथन सत्य हैं, पर चिश्ती समा का शौक अकेला यह नहीं समझाता कि संगीत की संस्कृत कृतियाँ फारसी में क्यों अनूदित हुईं। दरबारी भारत-फारसी संस्कृति व्यापक कारण है। अतः (R) सही व्याख्या नहीं। यह विकल्प कुंजी नहीं है।
- B
(A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
मध्यकाल में संगीत की संस्कृत कृतियाँ फारसी में आईं, और आरंभिक चिश्ती समा सभाएँ करते थे। दूसरा तथ्य पहले का कारण नहीं: अनुवाद व्यापक दरबारी विद्या थी। दोनों सत्य, (R) (A) की व्याख्या नहीं, यही आधिकारिक कुंजी है।
- C
(A) सत्य है, किन्तु (R) असत्य है है, लेकिन (R) गलत है।
(A) सत्य है, यह विकल्प (R) को असत्य बनाता है जबकि (R) भी सत्य है। अतः यह विकल्प गलत है।
- D
(A) असत्य है, किन्तु (R) सत्य है है, लेकिन (R) सही है।
(A) असत्य नहीं है। अतः यह विकल्प कुंजी नहीं है।
Summary. आधिकारिक कुंजी (b) है। भारत-फारसी दरबारों ने भारतीय संगीतशास्त्र अनूदित किया; चिश्ती समा संगीत श्रवण की पृथक सूफी रीति है। समा सूफी रुख समझाता है, अनुवाद कार्यक्रम को कारण रूप में नहीं। सत्य-मूल्य और कारण अंतराल केवल (b) में बैठते हैं।