Correct answer: (c) अयोध्या लेऽ
व्याख्या
- A
सारनाथ लेऽ
सारनाथ लेख अशोक और बौद्ध इतिहास के केंद्र हैं, पुष्यमित्र के दो अश्वमेधों का अभिलेख नहीं। अतः यह विकल्प कुंजी नहीं है।
- B
बेसनगर लेऽ
हेलियोडोरस का बेसनगर (विदिशा) लेख भागवत राजदूत का गरुड़ स्तंभ है, पुष्यमित्र के अश्वमेध नहीं। अतः यह विकल्प गलत है।
- C
अयोध्या लेऽ
धनदेव का अयोध्या लेख, शुंग वंशज दावे वाला प्रथम शताब्दी ईसा पूर्व शासक, कहता है कि पुष्यमित्र ने दो अश्वमेध किए। यही पूछा स्रोत है। यही आधिकारिक कुंजी है।
- D
हाथीगुम्फा लेऽ
कलिंग के खारवेल का हाथीगुम्फा लेख यह पुष्यमित्र विवरण नहीं देता। अतः यह विकल्प कुंजी नहीं है।
Summary. आधिकारिक कुंजी (c) है। धनदेव के अयोध्या प्रस्तर पर सेनापति पुष्यमित्र को मौर्यों के बाद दो अश्वमेध दिए गए हैं। सारनाथ, बेसनगर और हाथीगुम्फा प्रसिद्ध पर अन्य कथाएँ हैं। दो-अश्वमेध सूचना केवल (c) में है।