Revision summary
बिरहा अवध और पूर्वांचल का विरह गीत है, ऐतिहासिक रूप से ग्वालों में मजबूत। कजरी मिर्जापुर, बनारस और बुंदेलखंड का सावन वर्षा गीत है। दोनों अभी भी मेले, विवाह और रात सभा में चलते हैं। बिरहा सामाजिक जीवन पर व्यंग्य करता है; कजरी स्त्रियों की सावन प्रतीक्षा गाती है। वे ध्वनि में उत्तर प्रदेश के दो आंतरिक क्षेत्रों का मानचित्र बनाते हैं।
Model answer
Introduction
बिरहा और कजरी उत्तर प्रदेश के जीवित लोकगीत हैं, संग्रहालय वस्तु नहीं। उनका महत्व यह है कि वे अभी भी अवध, पूर्वांचल, मिर्जापुर और बुंदेलखंड में श्रम, सावन और विरह चिह्नित करते हैं।
Body
बिरहा
- विरह से निकला बिरहा विछोह का गीत है, पारंपरिक रूप से अवध और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अहीर-यादव ग्वालों में मजबूत।
- खरी और अन्य बिरहा रूप मुख्य गायक और सहयोगी दल रखते हैं, अक्सर नगाड़ा या ढोलक के साथ, रात सभा और मेले में।
- गीत पशु मार्ग, जाति मान, प्रेम और सामाजिक व्यंग्य लाता है, इसलिए वह ग्रामीण अखबार भी है, केवल राग नहीं।
- हीरालाल यादव जैसे गायकों ने बिरहा को गाँव अखाड़े से सार्वजनिक मंच पर लिया बिना पूर्वांचल बोली छोड़े।
कजरी
- कजरी या कजली सावन का वर्षा गीत है, मिर्जापुर–बनारस पट्टी में सबसे मजबूत और बुंदेलखंड में भी सुना जाता है।
- झूले, बादल और अनुपस्थित पति पर स्त्रियों का गायन कजरी को प्रतीक्षा और पूर्वी पठार की मौसमी आवाज बनाता है।
- मिर्जापुर कजरी नामित स्थानीय स्कूल है; बनारस घराना ठुमरी ने कजरी को लघु-शास्त्रीय सहोदर के रूप में भी लिया।
- मंदिर और रेडियो ने कुछ विकासखंडों में फसल श्रम घटने के बाद रूप को सार्वजनिक रखा।
सांस्कृतिक जीवन में महत्व
- दोनों विधाएँ यूपी के आंतरिक सांस्कृतिक भूगोल का मानचित्र बनाती हैं: बिरहा अवध–पूर्वांचल ग्वाली मैदान के लिए, कजरी मिर्जापुर–बुंदेलखंड वर्षा के लिए।
- वे बिना स्कूल भाषा, लिंग भूमिका और मौसम सिखाते हैं, इसलिए पॉप संगीत की होड़ में भी सांस्कृतिक जीवन में केंद्रीय हैं।
- त्योहार, विवाह और राजनीतिक सभाएँ अभी भी उनकी धुन उधार लेती हैं, इसलिए यहाँ लोकगीत घरेलू के साथ नागरिक भी है।
Flow diagram
flowchart TD B[बिरहा] --> A[अवध पूर्वांचल] K[कजरी] --> M[मिर्जापुर बुंदेलखंड] A --> C[यूपी सांस्कृतिक जीवन] M --> C
Conclusion
बिरहा विरह और पशु जीवन के गीतों से अवध तथा पूर्वांचल को बाँधता है; कजरी सावन से मिर्जापुर तथा बुंदेलखंड को बाँधती है। यूपी सांस्कृतिक जीवन में उनका महत्व यह है कि वे अभी भी मौसम और अपनी पहचान को देशी भाषा में चलाते हैं।
Quick related
Students also ask
-
Describe the Constitutional provisions related to Centre-State relations in Indian Constitution and throw light on its relevance in the context of Uttar Pradesh.
Next question in the 2025 paper (Q15). View answer →
-
क्या बिरहा और कजरी एक ही गीत हैं?
नहीं। बिरहा मुख्यतः अवध–पूर्वांचल का मैदानी विरह-कथा रूप है। कजरी मिर्जापुर–बुंदेलखंड का वर्षा गीत है।
-
क्या वे दैनिक संस्कृति में अभी मायने रखते हैं?
हाँ। वे मेले, सावन और विवाह में गाए जाते हैं, और रेडियो तथा राजनीति में उनकी धुन दोहराई जाती है।
PYQ trend
When UPSC asked this
Related PYQs from other years, newest first. Open a question to read it.
-
2025 · Q4 · UPGS5 · 8 marks
Elucidate the cultural significance of literature and music in day-to-day life of people of Uttar Pradesh. -
2025 · Q8 · UPGS5 · 8 marks
Define Social Media and identify few threats it has generated for internal security with special reference to Uttar Pradesh. -
2025 · Q12 · UPGS5 · 12 marks
Elucidate the significance of Magh Mela and Kumbh Mela in the culture of Uttar Pradesh and focus on their salient features. -
2024 · Q14 · UPGS5 · 12 marks
Elucidate in detail the characteristics of major festivals and their socio-economic role in the rural areas of Uttar Pradesh. -
2023 · Q14 · UPGS5 · 12 marks
How do caste hierarchies and power structure affect access to resources and opportunities in rural Uttar Pradesh? Discuss.
More from this paper
Q1 · UPSC Mains 2025 · UPGS5 · 8 marks
प्राचीन साहित्य के आधार पर ‘अयोध्या’ के सांस्कृतिक महत्व का वर्णन कीजिए।
UP history, civilisation and culture
रामायण अयोध्या को राम की कोसल राजधानी बनाती है। स्कंद पुराण का अयोध्या माहात्म्य उसे मोक्षपुरियों में रखता है। बौद्ध ग्रंथ साकेत याद करते हैं, जैन ग्रंथ विनीता या साकेत में तीर्थंकर जन्म याद करते हैं। ये ग्रंथ मिलकर उत्तर प्रदेश में अयोध्या का स्थायी सांस्कृतिक भार देते हैं।
Q2 · UPSC Mains 2025 · UPGS5 · 8 marks
आगरा की इंडो-इस्लामिक वास्तुकला में भारतीय, फारसी और इस्लामी शैलियों का समन्वय दिखाई देता है। टिप्पणी कीजिए।
UP history, civilisation and culture
आगरा के मुगल भवन भारतीय शिल्प, फारसी बाग और इस्लामी मकबरे मिलाते हैं। आगरा किला एक परिसर में अकबर का बलुआ पत्थर और शाहजहाँ का संगमरमर दिखाता है। ताज महल भारतीय कारखानों द्वारा बना फारसी बाग-मकबरा है। एतमादुद्दौला आगरा का प्रारंभिक सफेद संगमरमर जड़ाऊ मकबरा है।
Q3 · UPSC Mains 2025 · UPGS5 · 8 marks
उत्तर प्रदेश की शिक्षा के क्षेत्र में आर्य समाज के योगदान की संक्षेप में चर्चा कीजिए।
Health and education in UP
आर्य समाज ने संयुक्त प्रांत में वैदिक और आधुनिक स्कूल को एक कार्यक्रम माना। DAV स्कूल और कॉलेज मुख्य शहरी श्रृंखला बने। गुरुकुल कांगड़ी और कन्या गुरुकुल ने आवासीय तथा स्त्री शिक्षा का मॉडल दिया। हिंदी माध्यम उत्तर प्रदेश में समाज की स्थायी छाप है। प्रसार पूर्व से अधिक पश्चिम में रहा।
Toppers' copies
Toppers' copies for this question will be uploaded soon.