Revision summary
यूपी डाटा सेंटर नीति 2021 राज्य की पहली डीसी-पार्क नीति थी (आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स)। उद्देश्य: पसंदीदा गंतव्य, लगभग 20,000 करोड़, लगभग 250 मेगावाट, कम से कम तीन निजी पार्क। उसका लक्ष्य अधिक भारतीय डाटा भारत में रखना और डिजिटल इंडिया क्लाउड भरना था। हरित पार्क, द्वि-ग्रिड बिजली, तथा पूर्वांचल और बुंदेलखंड के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन डिजाइन का हिस्सा थे। रोजगार और कारोबार सुगमता मेगावाट लक्ष्य के साथ बैठते हैं।
Model answer
Introduction
सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग द्वारा अधिसूचित उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति, 2021 राज्य की डाटा-सेंटर पार्क और इकाइयों की पहली समर्पित नीति थी। उद्देश्य निवेश, मेगावाट, पार्क, भारत में रखा डाटा और रोजगार हैं, सामान्य आईटी नीति नहीं।
Body
घोषित लक्ष्य
- उत्तर प्रदेश को डाटा-सेंटर उद्योग के लिए पसंदीदा भारतीय गंतव्य बनाना, तब के राष्ट्रीय डाटा-सेंटर सोच और डिजिटल इंडिया क्लाउड माँग के साथ।
- राज्य में लगभग 20,000 करोड़ रुपये निवेश खींचना और लगभग 250 मेगावाट का डाटा-सेंटर उद्योग बनाना।
- कम से कम तीन अत्याधुनिक निजी डाटा-सेंटर पार्क स्थापित करना, पार्कों के अंदर इकाइयाँ, नोएडा में केवल अकेले शेड नहीं।
पारिस्थितिकी उद्देश्य
- भंडारण का देशीकरण: भारत विश्व डाटा का बड़ा अंश पैदा करता है किंतु तब घर पर कम रखता था; नीति 2019 डाटा-संरक्षण बहस के बाद उस संप्रभुता अंतर का उत्तर यूपी पार्कों को मानती है।
- ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अधीन प्लग-एंड-प्ले अवसंरचना—भूमि, द्वि-ग्रिड बिजली, जल, ब्रॉडबैंड—क्योंकि डाटा सेंटर सॉफ्टवेयर से अधिक बिजली पर असफल होते हैं।
- हरित डाटा सेंटर पार्क और सौर पार्क ताकि 24×7 भार केवल तापीय न हो; ई-गवर्नेंस पहुँच के लिए क्लाउड बढ़ावा।
क्षेत्रीय और रोजगार विवेचना
- पूर्वांचल और बुंदेलखंड में प्रोत्साहन अधिक आकर्षक बनाये गये ताकि पार्क नोएडा–ग्रेटर नोएडा पर न रुकें।
- प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार, कुशल जनशक्ति, और पार्कों के इर्द-गिर्द एमएसएमई/स्टार्टअप परत घोषित विकास चालक हैं।
- विवेचना: उद्देश्य अवसंरचना-औद्योगिक हैं, निजता विधि नहीं; सफलता सस्ती विश्वसनीय बिजली और इस पर निर्भर है कि तीन पार्क वास्तव में पश्चिमी एक्सप्रेसवे पट्टी छोड़ें।
Flow diagram
flowchart TD V[पसंदीदा डीसी गंतव्य] --> T[20000 करोड़ 250 मेगावाट] V --> P[तीन निजी पार्क] V --> L[डाटा देशीकरण] V --> G[हरित बिजली रोजगार] T --> UP[यूपी डीसी पारिस्थितिकी]
Conclusion
2021 के प्रमुख उद्देश्य यूपी को डाटा-सेंटर गंतव्य बनाना, लगभग 20,000 करोड़ और 250 मेगावाट खींचना, कम से कम तीन निजी पार्क उठाना, डाटा देशीकरण, बिजली हरित करना और नोएडा से परे रोजगार फैलाना थे। नीति आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स का औद्योगिक स्थान उपकरण है, राष्ट्रीय डाटा-संरक्षण क़ानून का विकल्प नहीं।
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क्या यह सॉफ्टवेयर-निर्यात नीति के समान है?
नहीं। यह डाटा-सेंटर पार्क और इकाइयों के लिए है: बिजली, भूमि और भंडारण हाल, बीपीओ सीटें नहीं।
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यूपी ने 2021 में डीसी नीति क्यों लिखी?
राष्ट्रीय डाटा-देशीकरण माँग पकड़ने और बिजली-भूमि लाभ का औद्योगीकरण करने के लिए, विशेषकर पश्चिमी एक्सप्रेसवे पर और कागज पर पूर्व तथा बुंदेलखंड में।
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