Q3 · UPPSC PCS मुख्य परीक्षा 2023 · GS V (UP) · 8 अंक · कक्ष में ~125 शब्द · 2 min read

← Q2 Q4 →

उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायत विकास योजना (जी.पी.डी.पी.) के निर्माण के प्रमुख चरणों का वर्णन कीजिए।

विषय: Local self-government in UP. पाठ्यक्रम: Local Self Government — Urban and Panchayati Raj, Public Policy, Right-related issues in UP. वही आधिकारिक प्रश्न वर्ष 2023 और Local self-government in UP से।

Revision summary

यूपी जीपीडीपी पंचायती राज और ई-ग्रामस्वराज से पीपुल्स प्लान अभियान का अनुसरण करती है। चरण आईईसी और पीआरए स्थिति विश्लेषण से शुरू होते हैं, वार्ड और महिला सभा सहित। मसौदा अंतर को वित्त आयोग, मनरेगा और अभिसरित योजनाओं से मिलाता है। ग्राम सभा स्वीकृति यूपी पंचायत राज अधिनियम के अधीन वैधानिक हृदय है। खंड–जिला मंजूरी और पोर्टल अपलोड निर्माण पूरा करते हैं।

Model answer

Introduction

ग्राम पंचायत विकास योजना चौदहवें और पंद्रहवें वित्त आयोग अनुदान के अधीन गाँव की वार्षिक और परिप्रेक्ष्य योजना है, जिसे ई-ग्रामस्वराज पर चढ़ाया जाता है। उत्तर प्रदेश में चरण संघ के पीपुल्स प्लान अभियान का अनुसरण करते हैं, पंचायती राज विभाग और त्रिस्तरीय पंचायतों से।

Body

अग्रभाग: वातावरण और साक्ष्य

  • पहले वातावरण निर्माण आता है: दीवार लेखन, रंगोली, स्कूल रैली और फ्रंटलाइन कर्मी ग्राम सभा को बताते हैं कि वित्त आयोग धन प्रधान सूची नहीं, योजना खर्च करेगी।
  • स्थिति विश्लेषण मिशन अंत्योदय और एसईसीसी-शैली द्वितीयक आँकड़े तथा पीआरए भ्रमण—जल स्रोत, आंगनवाड़ी, स्कूल, नाले, अनुसूचित जाति/जनजाति टोला अंतर—उत्तर प्रदेश गाँव मानचित्र पर करता है।
  • वार्ड सभा और महिला सभा पूरी ग्राम सभा से पहले माँगें निकालने के लिए हैं; 73वें संशोधन के बाद यथासंशोधित उ.प्र. पंचायत राज अधिनियम, 1947 के अधीन ग्राम सभा वैधानिक मंच है।

योजना का मसौदा

  • पंचायत तब संसाधन लिफाफा पढ़ती है: पंद्रहवाँ वित्त आयोग असीमित और बँधा अनुदान, मनरेगा श्रम बजट, जल जीवन, स्वच्छ भारत, प्रधानमंत्री आवास-ग्रामीण, और राज्य योजनाएँ जो एक ही काम पर जुड़ सकती हैं।
  • मसौदा जीपीडीपी क्षेत्रवार लिखा जाता है—जल, स्वच्छता, सड़क, आजीविका, सामाजिक कल्याण—अंतर को लिफाफे से मिलाते हुए, प्रायः सचिव, आशा, आंगनवाड़ी और ग्रामीण विभागीय स्टाफ के साथ।
  • ग्राम सभा मसौदा पारित करती है; उस प्रस्ताव के बिना योजना जन-योजना नहीं है।

पश्चभाग: स्वीकृति और अपलोड

  • तकनीकी जाँच और प्रशासनिक स्वीकृति क्षेत्र पंचायत (विकासखंड) तथा आवश्यकता पर जिला पंचायत और लाइन विभागों से चलती है ताकि अनुमान अभियंता-हस्ताक्षरित हों।
  • स्वीकृत योजना ई-ग्रामस्वराज / प्लानप्लस पर दर्ज होती है, जो लेखापरीक्षा और अगले वर्ष के पीपुल्स प्लान अभियान के लिए यूपी पोर्टल पगडंडी है।
  • क्रियान्वयन, सामाजिक अंकेक्षण और जियो-टैग चक्र बंद करते हैं; वे निर्माण नहीं हैं, किंतु उनके बिना अगली जीपीडीपी पिछले वर्ष का कागज दोहराती है।

Flow diagram

flowchart TD
  E[आईईसी वातावरण] --> S[स्थिति पीआरए]
  S --> R[संसाधन लिफाफा]
  R --> D[मसौदा जीपीडीपी]
  D --> GS[ग्राम सभा]
  GS --> T[खंड जिला मंजूरी]
  T --> P[ईग्रामस्वराज]

Conclusion

उत्तर प्रदेश में जीपीडीपी के प्रमुख चरण वातावरण निर्माण, स्थिति विश्लेषण, संसाधन लिफाफा, मसौदा योजना, ग्राम सभा स्वीकृति, खंड–जिला तकनीकी मंजूरी और ई-ग्रामस्वराज अपलोड हैं। योजना तभी मान्य है जब सूची पर प्रधान ही नहीं, ग्राम सभा मालिक हो।

Quick related

Students also ask

  • Highlight the greater possibilities of tourism in Uttar Pradesh.

    Next question in the 2023 paper (Q4). View answer →

  • यूपी गाँव में जीपीडीपी अंत में कौन पारित करता है?

    ग्राम सभा। खंड या जिले की तकनीकी मंजूरी उस प्रस्ताव की जगह नहीं ले सकती।

  • क्या जीपीडीपी केवल वित्त आयोग का कागज है?

    केंद्र एफसी अनुदान है, किंतु यूपी व्यवहार मनरेगा, जल जीवन, स्वच्छ भारत और राज्य योजनाओं को उसी गाँव योजना में जोड़ता है।

PYQ trend

When UPSC asked this

Related PYQs from other years, newest first. Open a question to read it.

  1. 2024 · Q16 · UPGS5 · 12 marks

    "Panchayati Raj System has long success stories in Uttar Pradesh." Corroborate with suitable examples.

    View answer →

  2. 2023 · Q13 · UPGS5 · 12 marks

    Throw light on the e-District Project of Uttar Pradesh government. Is it a good initiative in the direction of E-governance in Uttar Pradesh? Examine.

    View answer →

More from this paper

Q1 · UPSC Mains 2023 · UPGS5 · 8 marks

उत्तर प्रदेश में महाधिवक्ता की नियुक्ति की प्रक्रिया तथा उसके कार्यों का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

Public service and constitutional bodies in UP

अनुच्छेद 165 राज्यपाल को उत्तर प्रदेश के लिए उच्च न्यायालय-योग्य महाधिवक्ता नियुक्त करने देता है। मंत्री चुनाव सलाह देते हैं; अवधि प्रसादपर्यंत है, निश्चित कार्यकाल नहीं। कार्य सलाह, न्यायालय उपस्थिति और विधानमंडल में बिना मत की आवाज हैं। प्रयागराज और लखनऊ खंडपीठ पद को बड़ा और सरकार के निकट बनाते हैं। आलोचनात्मक अंतर स्वतंत्रता है जब राज्य स्वयं वादी हो।

Q2 · UPSC Mains 2023 · UPGS5 · 8 marks

उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय दलों की प्रकृति की विवेचना कीजिए। राज्य राजनीति में उनके महत्व पर प्रकाश डालिए।

Public service and constitutional bodies in UP

यूपी क्षेत्रीय दल राज्य-मुखी सामाजिक गठबंधन हैं, राष्ट्रीय विचारधारा की पतली प्रति नहीं। सपा, बसपा और आरएलडी मुख्य प्रकार हैं; छोटे जाति दल सहयोगी बनते हैं। उन्होंने 1990 से 2012 तक राज्य चलाया और अभी विपक्ष गढ़ते हैं। महत्व विधानसभा अंकगणित, सामाजिक न्याय भाषा और संघीय सौदा है। नेता-केंद्रित संगठन शक्ति और सीमा दोनों है।

Q4 · UPSC Mains 2023 · UPGS5 · 8 marks

उत्तर प्रदेश में पर्यटन की वृहत्तर संभावनाओं पर प्रकाश डालिए।

UP current affairs, schemes and tourism

यूपी का वृहत्तर पर्यटन स्थान परिपथ है, ताज का एक और पोस्टर नहीं। अयोध्या, काशी, मथुरा और प्रयागराज बहु-दिवसीय पवित्र ठहराव रख सकते हैं। सारनाथ–कुशीनगर–श्रावस्ती बौद्ध निर्यात परिपथ है। दुधवा, ओडीओपी शिल्प और नए हवाई अड्डे प्रकृति तथा पहुँच जोड़ते हैं। लाभ आगमन ही नहीं, नागरिक गुणवत्ता माँगते हैं।

Toppers' copies

Toppers' copies for this question will be uploaded soon.