Revision summary
यूपी हड़प्पा स्थल पश्चिमी यमुना–हिंडन दोआब में हैं, पूर्वी यूपी में नहीं। मेरठ का आलमगीरपुर सबसे पूर्वी स्वीकृत हड़प्पा बस्ती है। सहारनपुर के हुलास और बरगाँव उत्तर-हड़प्पा गाँव स्थल हैं। बागपत का सनौली गाड़ियों और ताँबे हथियारों वाला संबंधित उत्तर श्मशान है। मानचित्र पूर्वी किनारा है, दूसरा मोहनजोदड़ो नहीं।
Model answer
Introduction
उत्तर प्रदेश में हड़प्पा और उत्तर-हड़प्पा सामग्री पश्चिम के हिंडन–यमुना दोआब पर बैठती है, काशी के गंगा हृदय पर नहीं। पहचान उत्खनित स्थानों का नाम लेनी चाहिए और बताना चाहिए कि संस्कृति गेरूए रंग के मृद्भांड में कहाँ पतली होती है।
Body
मुख्य हड़प्पा / उत्तर-हड़प्पा स्थल
- आलमगीरपुर (मेरठ जनपद), हिंडन पर, सबसे पूर्वी व्यापक रूप से स्वीकृत हड़प्पा स्थल है; वाई.डी. शर्मा के उत्खनन और बाद के काशी हिंदू विश्वविद्यालय काम में हड़प्पा मृद्भांड, ईंट, मनके और जौ-गेहूँ-धान सहित कृषि मिश्र मिला।
- हुलास (सहारनपुर जनपद) यमुना सहायक पर उत्तर-हड़प्पा दोआब बस्ती है, मोहनजोदड़ो पैमाने के नगर से अधिक छोटे गाँव स्थलों का प्रतिनिधि।
- बरगाँव (सहारनपुर) उसी उत्तर-हड़प्पा / ताम्राश्मीय समूह का दूसरा उत्खनित दोआब स्थल है।
संबंधित और विवादित पड़ोसी
- सनौली (बागपत जनपद) ने एएसआई काम (2005–06 और 2018) में बड़ा श्मशान, ताबूत, ताँबे की एंटीना तलवारें और ठोस-पहिया गाड़ियाँ दीं। इसे प्रायः उत्तर-हड़प्पा या गेरूए मृद्भांड / ताम्र निधि क्षितिज के साथ गिना जाता है; यह हड़प्पा पूर्व का संबंधी है, तीसरा हड़प्पा नहीं।
- कृष्णी और हिंडन के अन्य छोटे दोआब टीलों पर उत्तर-हड़प्पा मृद्भांड हैं; वे गाँव बिखराव दिखाते हैं, अवध या पूर्वांचल में दूसरा नगरीय हड़प्पा नहीं।
इस पहचान का अर्थ
- यूपी का हड़प्पा मानचित्र पश्चिमी दोआब और पूर्वी/उत्तर विस्तार है, सिंधु नगर स्वयं नहीं।
- चित्रित धूसर मृद्भांड और प्रारंभिक ऐतिहासिक परतें कुछ उन्हीं टीलों पर चढ़ती हैं (जैसा आलमगीरपुर), इसलिए स्थल बहु-कालीन हैं, सीलबंद हड़प्पा नगर नहीं।
Flow diagram
flowchart TD A[आलमगीरपुर मेरठ] --> E[पूर्वी हड़प्पा किनारा] H[हुलास सहारनपुर] --> E B[बरगाँव] --> E S[सनौली बागपत] --> L[उत्तर हड़प्पा ओसीपी] E --> D[हिंडन यमुना दोआब]
Conclusion
उत्तर प्रदेश में हड़प्पा-संबंधी स्थल मुख्यतः आलमगीरपुर (मेरठ), हुलास और बरगाँव (सहारनपुर), तथा सनौली (बागपत) के उत्तर/संबंधित श्मशान के रूप में पहचाने जाते हैं। वे यमुना–हिंडन दोआब में सभ्यता के पूर्वी ग्राम किनारे को चिह्नित करते हैं।
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क्या वाराणसी के नीचे हड़प्पा नगर है?
पूर्वांचल में कोई स्वीकृत हड़प्पा नगरीय स्थल नहीं; पूर्वी किनारा मेरठ–सहारनपुर–बागपत दोआब है।
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क्या सनौली शुद्ध हड़प्पा है?
वह उत्तर-हड़प्पा पूर्व और ओसीपी/ताम्र निधि से संबंधित है; उसे संबंधित मानें, हड़प्पा उचित नहीं।
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