Q18 · UPPSC PCS मुख्य परीक्षा 2024 · GS IV · 12 अंक · कक्ष में ~200 शब्द · 2 min read

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निजी संबंधों (परिवार, मित्रता) और सार्वजनिक संबंधों (व्यवसाय, राजनीति) में नैतिकता के बीच प्रमुख अंतर क्या हैं? स्पष्ट कीजिए।

विषय: Ethics and Human Interface. पाठ्यक्रम: Ethics and Human Interface — Essence, determinants and consequences of Ethics in human action. वही आधिकारिक प्रश्न वर्ष 2024 और Ethics and Human Interface से।

Revision summary

परिवार और मित्रों की निजी नीति पक्षपात, गोपनीयता और अनौपचारिक क्षमा देती है। व्यवसाय और राजनीति की सार्वजनिक नीति निष्पक्ष व्यवहार, ईमानदार खाते और प्रकाश माँगती है। वही भाई ऋण जो निजी सद्गुण है नगर ठेका अपराध है। करुणा घर से काउंटर जा सकती है; वरीयता टेंडर नहीं जा सकती। क्रूर निजी जीवन और क्रूर हवालात एक ही गरिमा परीक्षा हारते हैं।

Model answer

Introduction

निजी नीति निकट की नैतिकता है। सार्वजनिक नीति शक्ति, धन और अजनबियों की नैतिकता है। वे सत्य और अहानि साझा करते हैं, और पक्षपात, प्रचार और रहस्य के अधिकार पर बिछड़ते हैं।

Body

निजी संबंध

  • परिवार और मित्रता डिज़ाइन से पक्षपाती हैं: माता-पिता अपने बच्चे को वरीयता दे सकते हैं; मित्र विश्वास रख सकता है।
  • बंधन प्रेम, निष्ठा और देखभाल है, अक्सर अलिखित।
  • गोपनीयता सद्गुण है: पुत्तस्वामी घर को सार्वजनिक शिकार से बचाता है।
  • क्षमा अनौपचारिक हो सकती है; कठोर खाता संबंध मार सकता है।
  • उदाहरण: बिना टेंडर भाई-बहन को ऋण देना साधारण निजी नीति है।

व्यवसाय और राजनीति में सार्वजनिक संबंध

  • ग्राहक, श्रमिक और निवेशक के प्रति व्यावसायिक नीति निष्पक्ष व्यवहार, ईमानदार खाते और धोखा नहीं माँगती — कंपनी अधिनियम कर्तव्य और आंतरिक चोरी निवारण।
  • राजनीतिक और प्रशासनिक नीति निष्पक्षता माँगती है: अजनबी का दावा चचेरे जितना ही है।
  • प्रचार सद्गुण है: आरटीआई, अंकेक्षण और घोषणापत्र विश्वास जाँच के ढंग हैं।
  • प्रक्रिया बिना सार्वजनिक गलत की क्षमा करदाता के प्रति दूसरा गलत हो सकती है।
  • उदाहरण: बिना टेंडर भाई-बहन को नगर ठेका देना वही प्रेम है जो भ्रष्टाचार बन गया।

प्रमुख अंतर

  • पक्षपात: निजी जीवन अनुमति देता है; लोक पद उसे अपराध बनाता है जब राज्य वस्तु बाँटे।
  • दायरा: निजी नीति छोटा घेरा है; सार्वजनिक नीति प्रत्येक नागरिक है, मौन सहित।
  • प्रवर्तनीयता: निजी भंग शर्म या दीवानी वाद है; सार्वजनिक भंग आचरण नियम, पीसीए, सेबी और मतदाता है।
  • पारदर्शिता: पारिवारिक बजट बंद हो सकता है; बंद सार्वजनिक बजट नैतिक असफलता है।
  • भूमिका संघर्ष: वही व्यक्ति पिता और रिटर्निंग अधिकारी है; मतदान दिवस पर दूसरी भूमिका पहली को चुप करे।
  • निकास: मित्रता छोड़ सकते हैं; नियम से नागरिक इसलिए बाहर नहीं कि नापसंद है।
  • वाणी: मित्र प्रचार कर सकता है; कार्यरत सिविल सेवक नहीं।

निरंतरताएँ

  • दोनों क्रूरता, नष्ट करने वाले झूठ, और व्यक्ति को केवल उपकरण बनाने से मना करते हैं।
  • निजी क्रूरता में प्रशिक्षित व्यक्ति विरले ही कोमल लोक न्यासी बनता है।
  • उदाहरण: घर पर घरेलू हिंसा और क्रूर पुलिस हवालात एक ही गरिमा परीक्षा हारते हैं।

व्यावहारिक नियम

  • घर से काउंटर तक करुणा ले जाएँ।
  • पत्रावली सार्वजनिक हो तो पारिवारिक वरीयता फाटक पर छोड़ दें।

Flow diagram

flowchart TD
  PR[निजी नीति] --> L[निष्ठा गोपनीयता]
  PU[सार्वजनिक नीति] --> I[निष्पक्ष प्रचार]
  L --> G[फाटक]
  I --> G
  G --> C[वरीयता बिना करुणा]

Conclusion

निजी नीति निष्ठावान और बंद हो सकती है। व्यवसाय और राजनीति में सार्वजनिक नीति निष्पक्ष, खुली और अजनबी के प्रति देय होनी चाहिए। प्रमुख अंतर यह है कि रात के भोजन का सद्गुण प्रेम टेंडर मेज पर अपराध है।

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  • क्या निजी फर्म में मित्र की मदद सदा अनैतिक है?

    निजी परिचय साधारण हो सकता है। लोक पद, अंदरूनी सूचना या राज्य ठेका से मदद नहीं।

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