Q1 · UPPSC PCS मुख्य परीक्षा 2023 · GS IV · 8 अंक · कक्ष में ~125 शब्द · 2 min read

Q2 →

नैतिक अन्तर्दृष्टि से आप क्या समझते हैं? लोकसेवकों की नैतिक परिस्थिति में यह किस प्रकार सहायक है?

विषय: Civil Service aptitude and values. पाठ्यक्रम: Aptitude and foundational values for Civil Service — integrity, impartiality, non-partisanship, objectivity, dedication to public services. वही आधिकारिक प्रश्न वर्ष 2023 और Civil Service aptitude and values से।

Revision summary

नैतिक अन्तर्दृष्टि व्यावहारिक बुद्धि है जो मामले को पढ़े, मूल्यों को नाम दे और सार्वजनिक रूप से टिकने वाला कर्म चुने। अरस्तू का फ्रौनेसिस, कांट की साध्य परीक्षा और गांधी की अंतरात्मा वह दृष्टि बताते हैं। सेवा में यह संविधान, अधिनियम और सबसे कमजोर दावेदार को मौखिक दबाव से ऊपर रखती है। द्वितीय एआरसी ने यह क्रम आचार नीति के रूप में सिखाना चाहा, संयोग पर नहीं छोड़ा। बाढ़ सूची, लिखित असहमति और सकारण आदेश पत्रावली पर अन्तर्दृष्टि हैं।

Model answer

Introduction

नैतिक अन्तर्दृष्टि वह प्रशिक्षित क्षमता है जो देखे कि परिस्थिति नैतिक रूप से क्या माँगती है, केवल यह नहीं कि पत्रावली क्या अनुमति देती है। लोकसेवक में यह आदेश, स्वार्थ और भय के टकराव को तर्कयुक्त लोक कर्तव्य बनाती है।

Body

नैतिक अन्तर्दृष्टि का अर्थ

  • नैतिक अन्तर्दृष्टि व्यावहारिक बुद्धि है: ठोस मामले को पढ़ना, दांव पर लगे मूल्यों को नाम देना, और ऐसा मार्ग चुनना जो जनता के सामने टिके।
  • अरस्तू इसे फ्रौनेसिस कहते हैं, विशेष परिस्थिति में उचित मध्य का निर्णय, केवल नियम रटने नहीं।
  • कांट दूसरी परीक्षा जोड़ते हैं: प्रत्येक नागरिक को साध्य मानें, पदस्थापन, आँकड़ा या राजनीतिक कृपा का मात्र साधन नहीं।
  • गांधी की अंतरात्मा और गीता का निष्काम कर्म दोनों माँगते हैं कि अधिकारी खिड़की पर व्यक्ति को देखे, केवल टिप्पणी पर हस्ताक्षर नहीं।
  • अतः अन्तर्दृष्टि अंतःकरण, तर्क और सहानुभूति है; बिना कारण की झलक आवेग है, और बिना व्यक्ति का नियम क्रूरता है।

लोकसेवकों की नैतिक परिस्थिति में सहायता

  • नैतिक परिस्थिति वह द्वार है जहाँ विधि, वरिष्ठ की इच्छा, निजी कीमत और लोक हानि अलग खींचते हैं; अन्तर्दृष्टि द्वार को नाम देती है, विलंब का नाटक नहीं करती।
  • यह कर्तव्यों को क्रम देती है: संविधान, अधिनियम और सबसे कमजोर दावेदार सुविधा या फुसफुसाए मौखिक आदेश से पहले आते हैं।
  • द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग की शासन में नैतिकता रिपोर्ट ने आचार नीति माँगी ताकि यह क्रम सिखाया जाए, संयोग पर न छूटे।
  • अन्तर्दृष्टि आचरण नियमों को सतर्कता के भय से सकारात्मक कर्तव्य बनाती है: असहमति दर्ज करना, अवैध आदेश लिखित माँगना, सकारण आदेश देना।
  • मामले के लिए तैयार: पूर्वी उत्तर प्रदेश के बाढ़ शिविर में क्षति सूची पार्टी बूथ से ऊपर; खनन पट्टे में पर्यावरण स्वीकृति स्थानीय प्रभावशाली की कॉल से ऊपर।
  • कुर्सी पर विचारक: कौटिल्य की अमात्य-परीक्षा और एस.आर. शंकरन का आदिवासी भूमि कार्य दिखाते हैं कि अन्तर्दृष्टि सार्वजनिक तर्क से जुड़ा साहस है, निजी भक्ति नहीं।
  • प्रशिक्षण, मामले की चर्चा और सुरक्षित टिप्पणी संस्कृति अन्तर्दृष्टि बढ़ाती हैं; भय की संस्कृति उसे मौन कर देती है।

Flow diagram

flowchart TD
  S[नैतिक परिस्थिति] --> I[नैतिक अन्तर्दृष्टि]
  I --> R[लोक कर्तव्य क्रम]
  R --> F[सकारण आदेश]
  F --> C[नागरिक साध्य]

Conclusion

नैतिक अन्तर्दृष्टि कठिन मामले में कर्तव्य की प्रशिक्षित दृष्टि है। यह संविधान और सबसे कमजोर नागरिक को भय, कृपा और अवैध फुसफुसाहट से ऊपर रखती है, और पत्रावली पर कारण छोड़ती है।

Quick related

Students also ask

  • Examine the relevance of the following in the context of civil service: a) Spirit of service b) Courage of firm conviction.

    Next question in the 2023 paper (Q2). View answer →

  • क्या नैतिक अन्तर्दृष्टि नियमावली पालन के समान है?

    नियमावली आवश्यक है। अन्तर्दृष्टि तब चाहिए जब नियम टकराएँ, विधि मौन हो, या आदेश संविधान के अधिकार को चोट पहुँचाए।

  • क्या अन्तर्दृष्टि विधि तोड़ने को उचित ठहराती है?

    नहीं। अन्तर्दृष्टि विधिवत लोक कर्तव्य का क्रम है। यदि अधिनियम अन्यायपूर्ण लगे तो अधिकारी दर्ज करे, ऊपर ले जाए और विधिवत उपाय ले; निजी वीरता छूट नहीं।

समान विषय · पिछले पेपर

UPPSC ने यह पहले भी पूछा है

ये पिछले वर्षों के प्रश्न उसी विषय पर हैं। अभ्यास के लिए खोलें।

  1. 2022 · Q8 · UPGS4 · 8 marks

    What do you understand by 'voice of conscience'? How does it help in performing the duty of civil servants?

    उत्तर देखें →

  2. 2024 · Q20 · UPGS4 · 12 marks

    "An environmental movement led by youth gains popularity through social media, rallies and collaboration with influencers and scientists. With time the movement gained public support and led the government to propose changes in the policy." What will be your stand to cope with the situation as a civil servant?

    उत्तर देखें →

  3. 2022 · Q15 · UPGS4 · 12 marks

    Crowd is a temporary group which immediately collects at one place in a situation of accident or protest or demonstration. The probability of this crowd becoming violent is always possible. Many times this crowd creates unnecessary situations of violence. Through which persuasion method can the crowd be controlled and satisfied? Explain.

    उत्तर देखें →

  4. 2021 · Q5 · UPGS4 · 8 marks

    A peaceful protest was being carried out by a group of milk traders. The Superintendent of Police instructs the Police Officials to prevent the group from committing any type of violence. He, however, tells them to ‘teach them a lesson’, if situation warrants. A police official on duty indulges into an argument with a protestor and beats him up. When inquired about his action, he says that he was told to teach them a lesson by the Superintendent of Police. Give your comment on ethical behaviour of both the Superintendent of Police and the Police official in the light of the above-mentioned incident.

    उत्तर देखें →

  5. 2024 · Q9 · UPGS4 · 8 marks

    Explain your suggestions to promote tolerance and compassion among civil servants to serve better the weaker sections.

    उत्तर देखें →

More from this paper

Q2 · UPSC Mains 2023 · UPGS4 · 8 marks · Solution

सिविल सेवा के सन्दर्भ में निम्नलिखित की प्रासंगिकता का परीक्षण कीजिए: (अ) सेवा भाव (ब) दृढ़ विश्वास का साहस।

Civil Service aptitude and values

सेवा भाव कुर्सी को सबसे कमजोर नागरिक के कल्याण का साधन मानता है, जैसा गांधी की कसोटी में है। द्वितीय एआरसी और सेवोत्तम इस भाव को वितरण और शिष्टता का कर्तव्य बनाते हैं, नारा नहीं। दृढ़ विश्वास का साहस दबाव के विरुद्ध विधिवत तर्कयुक्त मत रखता है। नोलन सत्यनिष्ठा और असहमति टिप्पणी नियमों में वही साहस है। बाढ़ शिविर, स्वच्छ नामावली और लिखित अवैध-आदेश माँग दोनों को मैदान पर दिखाते हैं।

Q3 · UPSC Mains 2023 · UPGS4 · 8 marks · Solution

“बालक अपने चतुर्दिक जो देखता है, उससे मूल्यों को सीखता है”—इस कथन के आलोक में मूल्यों के निर्माण में परिवार और समाज की भूमिका की विवेचना कीजिए।

Civil Service aptitude and values

बच्चे व्याख्यान से अधिक पुरस्कृत और दोहराए आचरण की नकल करते हैं, जैसा बंदूरा का सामाजिक अधिगम कहता है। परिवार विश्वास, न्याय, लिंग और धन-सत्य का पहला विद्यालय है। बंद घर जाति गर्व और हिंसा को सामान्य बना सकता है। समाज — साथी, मीडिया, बाजार और दृश्य राज्य — उस मानचित्र को पुष्ट या भ्रष्ट करते हैं। रिश्वत संस्कृति और कतार तोड़ना निराशा सिखाते हैं; स्वच्छ खिड़की और साझा भोजन गरिमा सिखाते हैं।

Q4 · UPSC Mains 2023 · UPGS4 · 8 marks · Solution

“वैश्वीकरण के युग में राष्ट्रों के मध्य शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय नीतिशास्त्र समय की मांग है।” आलोचनात्मक व्याख्या कीजिए।

Ethics and Human Interface

अन्तर्राष्ट्रीय नीतिशास्त्र सीमा पार कर्तव्य है: अनाक्रमण, संधि-सत्य और वैश्विक वस्तुओं का न्यायसंगत हिस्सा। कांट, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और वसुधैव कुटुम्बकम् उस कर्तव्य को नाम देते हैं। जलवायु, महामारी और परमाणु जोखिम एक संप्रभु के स्वार्थ से नहीं सँभलते। नीति विश्वास बनाती है, किंतु बिना प्रवर्तन चयनात्मक मुखौटा भी बन सकती है। शांति को नीति के साथ विधि, सत्यापन और कमजोर राष्ट्रों की आवाज चाहिए।

PDF