Revision summary
साइबर अपराध कंप्यूटर या फोन को उपकरण या लक्ष्य बनाता है। मुख्य प्रकार वित्तीय धोखा, पहचान चोरी, मालवेयर, हैकिंग, स्टॉकिंग और बाल-शोषण सामग्री, तथा नकली-सामग्री अपराध हैं। आईटी अधिनियम 2000 और आईपीसी अपराध नाम देते हैं; आई4सी और सर्ट-इन संघ परत हैं। व्यक्तिगत सुरक्षा अनोखे पासवर्ड, 2FA, ओटीपी न बाँटना, अद्यतन और बैकअप है। 1930 और cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें; गति देर एफआईआर से अधिक धन लौटाती है।
Model answer
Introduction
साइबर अपराध वह अपराध है जिसमें कंप्यूटर, फोन या नेटवर्क उपकरण या लक्ष्य हो। प्रकार नकली ओटीपी कॉल से अस्पताल पर रैंसमवेयर तक हैं। सुरक्षा आंशिक क़ानून और पुलिस है, और आंशिक उपयोगकर्ता की स्वयं स्वच्छता, क्योंकि अधिकांश पहला प्रहार संदेश है जिसे पीड़ित स्वयं खोलती है।
Body
विभिन्न प्रकार
- वित्तीय धोखा: फिशिंग, विशिंग, यूपीआई और ओटीपी चोरी, नकली केवाईसी, तथा निवेश या नौकरी लिंक जो खाता खाली करें।
- पहचान और डेटा चोरी: चुराए आधार, पैन या मेलबॉक्स से ऋण खोलना या ब्लैकमेल।
- मालवेयर और रैंसमवेयर: सॉफ्टवेयर जो जासूसी करे, फाइलें ताला लगाए और भुगतान माँगे, फर्मों और क्लिनिकों सहित।
- हैकिंग और अनधिकृत पहुँच: मेल, सोशल मीडिया या सर्वर तोड़ना; सेवा-इनकार जो साइट गिरा दे।
- सामाजिक और यौन अपराध: साइबर स्टॉकिंग, मॉर्फिंग, बिना सहमति चित्र, और बाल यौन शोषण सामग्री — सबसे गंभीर वर्ग।
- सामग्री और वाणिज्य अपराध: दंगे के लिए नकली समाचार, मानहानि, आईपीआर पायरेसी, तथा नशे या डेटा के डार्क-वेब बाजार।
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (संशोधित), भारतीय दंड संहिता और अब विशिष्ट प्रकोष्ठ कानूनी नाम देते हैं; ऊपर के प्रकार दैनिक जीवन में आने का ढंग हैं।
स्वयं कैसे सुरक्षित रखें
- लंबे अनोखे पासवर्ड और दो-कारक प्रमाणीकरण प्रयोग करें; ओटीपी कभी न बाँटें, उस आवाज से भी जो बैंक होने का दावा करे।
- फोन और ऐप अद्यतन रखें; केवल आधिकारिक स्टोर से डाउनलोड करें; अज्ञात क्यूआर और यूएसबी को गंदा मानें।
- यूआरएल जाँचें, सोशल प्रोफाइल ताला लगाएँ, और पुरस्कार, गिरफ्तारी या केवाईसी धमकी संदेश को तब तक चारा मानें जब तक असली संस्था आपके पास पहले से नंबर पर पुष्टि न करे।
- जरूरी फाइलें ऑफलाइन बैकअप करें ताकि रैंसमवेयर की पकड़ कम हो।
- तेज रिपोर्ट करें: वित्तीय साइबर धोखा के लिए 1930, cybercrime.gov.in और स्थानीय साइबर प्रकोष्ठ, तथा ज्ञात अभियानों के लिए सर्ट-इन की सार्वजनिक सलाह।
- बच्चों के लिए उपकरण साझा जगह रखें और स्कूल की रिपोर्ट पंक्ति जानें; विलंब वही है जिस पर शोषक गिनती करते हैं।
स्व-सुरक्षा स्वच्छता plus रिपोर्ट की गति है। वह आई4सी, सर्ट-इन या बैंक दायित्व नियमों की जगह नहीं लेती, पर वह परत है जो अधिकांश घरेलू मामले रोकती है।
Flow diagram
flowchart TD T[फिश ओटीपी मालवेयर स्टॉक] --> V[पीड़ित उपकरण] H[पासवर्ड 2FA अद्यतन] --> P[व्यक्तिगत ढाल] R[1930 cybercrime.gov.in] --> P C[सर्ट-इन आई4सी आईटी अधिनियम] --> S[राज्य ढाल] P --> L[कम हानि] S[S] --> L[L]
Conclusion
साइबर अपराधों में वित्तीय फिशिंग, पहचान चोरी, मालवेयर, हैकिंग, स्टॉकिंग और बाल-शोषण सामग्री, तथा सामग्री धोखा शामिल हैं। व्यक्ति अनोखे पासवर्ड, दो-कारक लॉगिन, ओटीपी और केवाईसी कॉल पर संदेह, बैकअप, तथा 1930 और cybercrime.gov.in पर तेज रिपोर्ट से स्वयं बचाती है। आईटी अधिनियम और सर्ट-इन राज्य का ढाँचा हैं; दैनिक सुरक्षा अभी खुले फोन से शुरू होती है।
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Do you agree with the statement that success of ‘Make in India’ programme depends on the success of ‘Skill India’ Programme and radical labour reforms? Discuss with logical arguments.
Next question in the 2021 paper (Q13). View answer →
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यदि ओटीपी पहले बाँट चुकी तो क्या धन गया?
तुरंत 1930 रिपोर्ट करें। जल्दी फ्रीज कभी आगे की छलाँग रोकता है। विलंब वही है जो ठग चाहता है।
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क्या हर रूखा संदेश साइबर अपराध है?
नहीं। अपमान हमेशा अपराध नहीं। स्टॉकिंग, धमकी, मॉर्फिंग और धोखा हैं। सबूत रखें और साइबर प्रकोष्ठ पूछें।
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