Revision summary
भारत के पास औपनिवेशिक शैली की एकल राष्ट्रीय रक्षा परिषद सांविधिक बोर्ड नहीं है। प्रधानमंत्री अध्यक्ष सीसीएस सर्वोच्च राजनीतिक रक्षा व नाभिकीय कैबिनेट निकाय है। एनएससी (1998), भी प्रधानमंत्री अध्यक्ष, एनएसए सचिव के साथ समर्पित सुरक्षा-सलाह परिषद है। डीएसी, डीपीसी, एचक्यू आईडीएस और बाद में सीडीएस उसी स्टैक के नीचे निष्पादन करते हैं। राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय और राष्ट्रीय रक्षा कोष वह परिषद नहीं हैं।
Model answer
Introduction
भारत एक औपनिवेशिक शैली की एकल राष्ट्रीय रक्षा परिषद को स्थायी सांविधिक बोर्ड के रूप में राजपत्रित नहीं करता। व्यवहार में हिंदी वाक्यांश ‘राष्ट्रीय रक्षा परिषद’ युद्ध, नाभिकीय और उच्च रक्षा नीति तय करने वाली शीर्ष राजनीतिक व सलाहकार परिषदों—कैबिनेट सुरक्षा समिति और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद—की ओर संकेत करता है।
Body
कैबिनेट सुरक्षा समिति
- प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली सीसीएस रक्षा, नाभिकीय, अंतरिक्ष और आंतरिक सुरक्षा के कैबिनेट स्तर के निर्णयों का सर्वोच्च राजनीतिक निकाय है।
- इसमें सामान्यतः रक्षा, गृह, वित्त और विदेश मंत्री होते हैं; राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और सेवा प्रमुख आवश्यकतानुसार उपस्थित होते हैं।
- बल संरचना, बड़े अधिग्रहण और कारगिल-प्रकार या सीमा-पार संकट की प्रतिक्रिया सीसीएस का काम है, लाइन मंत्रालय परिपत्र नहीं।
राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद प्रणाली (1998)
- प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली एनएससी 1998 परीक्षणों और कारगिल समीक्षा के बाद एकीकृत राष्ट्रीय-सुरक्षा सलाह की समर्पित परिषद है।
- राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सचिव और कब्जा है; सामरिक नीति समूह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड और संयुक्त आसूचना समिति इसे फीड करते हैं।
- दीर्घकालिक रक्षा व सुरक्षा रणनीति के लिए यही निकटतम नामित “परिषद” है, दैनिक मंत्रालय फाइलों से भिन्न।
सहायक रक्षा परिषदें और मुख्यालय
- रक्षा अधिग्रहण परिषद (रक्षा मंत्री) और 2018 से रक्षा योजना समिति (एनएसए) राजनीतिक निर्देश को क्षमता योजनाओं में बदलती हैं।
- मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ और बाद में रक्षा प्रमुख (2019) उसी राजनीतिक परिषद स्टैक के नीचे बैठते हैं; वे सीसीएस या एनएससी की जगह नहीं लेते।
विस्तार में क्या भ्रमित न करें
- राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय प्रशिक्षण संस्थान है, परिषद नहीं।
- राष्ट्रीय रक्षा कोष सार्वजनिक योगदान कोष है, निर्णय निकाय नहीं।
Flow diagram
flowchart TD PM[प्रधानमंत्री] --> CCS[कैबिनेट सुरक्षा समिति] PM --> NSC[राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद] NSC --> NSA[एनएसए एसपीजी एनएसएबी जेआईसी] CCS --> DAC[रक्षा अधिग्रहण परिषद] NSA --> DPC[रक्षा योजना समिति] CCS --> D[उच्च रक्षा निर्णय] NSC[NSC] --> D[D]
Conclusion
कार्यशील संवैधानिक व्यवहार में भारत की राष्ट्रीय रक्षा परिषद द्वि-स्तरीय शीर्ष है: कैबिनेट निर्णयों के लिए सीसीएस और एकीकृत सलाह के लिए एनएससी, नीचे एनएसए, डीएसी और योजना निकाय। परिषद पर प्रकाश डालना इसलिए उन परिषदों और फीडरों को नामित करना है, सांविधिक पुस्तकों में न होने वाला अलग बोर्ड गढ़ना नहीं।
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क्या राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय राष्ट्रीय रक्षा परिषद है?
नहीं। महाविद्यालय वरिष्ठ अधिकारियों को प्रशिक्षित करता है। परिषद कार्य सीसीएस और एनएससी में बैठता है।
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पाठ्यपुस्तकें ‘राष्ट्रीय रक्षा परिषद’ क्यों लिखती हैं?
यूपीपीएससी हिंदी ‘राष्ट्रीय रक्षा परिषद’ शीर्ष सीसीएस–एनएससी स्टैक पर मैप होती है, अलग राजपत्रित बोर्ड पर नहीं।
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