Revision summary
जैव प्रौद्योगिकी कोशिकाओं, एंजाइमों और जीनों से उत्पाद व प्रक्रिया बनाती है। स्वास्थ्य: पुनः संयोजक टीके, एंटीबॉडी, निदान, बायोसिमिलर। कृषि: ऊतक संवर्धन, जैव इनपुट, चिह्नक प्रजनन, बीटी कपास। उद्योग व पर्यावरण: एंजाइम, जैव ईंधन, जैव प्लास्टिक, जैव उपचार। पशु व समुद्री बायोटेक तथा बायोइंफॉर्मेटिक्स विनियमित पैमाना सक्षम करते हैं।
Model answer
Introduction
जैव प्रौद्योगिकी जीवित कोशिकाओं, एंजाइमों और आनुवंशिक उपकरणों को उत्पाद व प्रक्रिया बनाने में लागू करती है। भारत में कार्य स्वास्थ्य, खेत, कारखाने और पर्यावरण में फैला है, जैव प्रौद्योगिकी विभाग और क्षेत्र नियामकों के अधीन, केवल एक टीका प्रयोगशाला में नहीं।
Body
स्वास्थ्य और फार्मा
- पुनः संयोजक टीके, मोनोक्लोनल एंटीबॉडी, निदान, जीन थेरेपी अनुसंधान और बायोसिमिलर चिकित्सा का केंद्र हैं; कोविड-काल के टीका मंच बाद में उसी क्षेत्र को पैमाने पर दिखाए।
- स्टेम-सेल व पुनर्योजी कार्य और जीनोमिक चिकित्सा अस्पतालों तथा डीबीटी–आईसीएमआर कार्यक्रमों में बैठते हैं।
कृषि और खाद्य
- ऊतक संवर्धन, जैव उर्वरक, जैव कीटनाशक, चिह्नक-सहायता प्रजनन और आनुवंशिक अभियांत्रित फसलें (भारत में व्यावसायिक मामला बीटी कपास) उपज, कीट और तनाव पर लक्षित हैं।
- खाद्य जैव प्रौद्योगिकी एंजाइम, किण्वन और फोर्टिफाइड प्रसंस्कृत खाद्य कवर करती है।
उद्योग, ऊर्जा और पर्यावरण
- औद्योगिक (श्वेत) जैव प्रौद्योगिकी एंजाइम, जैव ईंधन, जैव प्लास्टिक और स्वच्छ रसायन मार्गों के लिए सूक्ष्मजीवों का उपयोग करती है।
- जैव उपचार, सूक्ष्मजीवी कंसोर्टिया से मल उपचार और अपशिष्ट-से-ऊर्जा पर्यावरण अनुप्रयोग हैं।
- पशु जैव प्रौद्योगिकी (टीके, भ्रूण स्थानांतरण) और समुद्री/जलजैव प्रौद्योगिकी (झींगा, शैवाल, जैव सक्रिय यौगिक) खेत-से-समुद्र सेट पूरा करते हैं।
सहायक रेल
- बायोइंफॉर्मेटिक्स, जीनोमिक्स और बायोमैन्युफैक्चरिंग पार्क प्रयोगशाला स्ट्रेन को सीडीएससीओ, जीईएसी और एफएसएसएआई के अधीन विनियमित उत्पाद बनाते हैं।
Flow diagram
flowchart TD BT[जैव प्रौद्योगिकी] --> H[स्वास्थ्य टीके बायोलॉजिक्स] BT --> A[कृषि बीटी ऊतक संवर्धन] BT --> I[उद्योग एंजाइम जैव ईंधन] BT --> E[पर्यावरण जैव उपचार] BT --> M[पशु समुद्री जलजैव] H --> U[अनुप्रयुक्त क्षेत्र] A --> U I --> U E --> U M --> U
Conclusion
जैव प्रौद्योगिकी स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, पर्यावरण, पशुपालन और समुद्री प्रणालियों में लागू हो रही है। साझा सूत्र कोशिकाओं और जीनों को कारखाना व सेंसर की तरह उपयोग करना है। भारत का कार्य क्षेत्र सूची नहीं, टीके और बीटी कपास जैसी कुछ व्यावसायिक सफलताओं से व्यापक, विनियमित और सस्ता उपयोग है।
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क्या जैव प्रौद्योगिकी केवल आनुवंशिक रूप से संशोधित फसलें हैं?
नहीं। टीके, एंजाइम, निदान और अपशिष्ट उपचार भारत में जीएम खाद्य फसलों से दैनिक उपयोग में बड़े हैं।
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क्या प्रत्येक अनुप्रयोग के लिए नया कानून चाहिए?
उत्पाद उपयोग के अनुसार मौजूदा नियामकों—सीडीएससीओ, एफएसएसएआई, जीईएसी—के अधीन आते हैं, प्रत्येक क्षेत्र के लिए अलग कानून नहीं।
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