Q10 · UPPSC PCS मुख्य परीक्षा 2023 · GS II · 8 अंक · कक्ष में ~125 शब्द · 2 min read

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समूह-20 (G-20) में भारत की अध्यक्षता का क्या महत्व है? विवेचना कीजिए।

विषय: Indian Constitution. पाठ्यक्रम: Indian Constitution — historical underpinnings, evolution, features, amendments, significant provisions and basic structure. वही आधिकारिक प्रश्न वर्ष 2023 और Indian Constitution से।

Revision summary

भारत की जी-20 अध्यक्षता 1 दिसंबर 2022 से 30 नवंबर 2023 चली; शिखर 9–10 सितंबर 2023 को नई दिल्ली में हुआ। विषय वसुधैव कुटुंबकम् था। अफ्रीकी संघ स्थायी जी-20 सदस्य बना। डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन और हरित विकास समझौता प्रमुख परिणाम थे। यूक्रेन युद्ध के बावजूद नेता घोषणा अध्यक्ष-कौशल दिखाती है; जी-20 पाठ अभी संयुक्त राष्ट्र विधि की तरह बाध्य नहीं।

Model answer

Introduction

भारत ने 1 दिसंबर 2022 से 30 नवंबर 2023 तक जी-20 अध्यक्षता संभाली और 9–10 सितंबर 2023 को नई दिल्ली नेता शिखर मेजबान किया। महत्व वैश्विक दक्षिण के लिए एजेंडा-निर्धारण में है, नई संधि में नहीं।

Body

कूटनीतिक महत्व

  • विषय वसुधैव कुटुंबकम् / एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य ने भारत को सभ्यतागत और विकासशील-देश अध्यक्ष के रूप में बोलने दिया, केवल पाँचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में नहीं।
  • नई दिल्ली में अफ्रीकी संघ स्थायी जी-20 सदस्य बना, जिससे वह उच्च मेज चौड़ी हुई जो जी-7-plus-बड़े-उभरते बाजार रही थी।
  • यूक्रेन युद्ध के बावजूद नेता घोषणा मिली, जो अध्यक्ष-प्रबंधन सफलता थी भले संघर्ष की भाषा सावधानी से संतुलित रही।

विकासात्मक और संस्थागत महत्व

  • वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन, हरित विकास समझौता और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना पर काम ने भारत की यूपीआई–आधार–डीबीटी कथा जी-20 लोक वस्तु के रूप में निर्यात की।
  • इंडोनेशिया और ब्राजील के साथ ट्रोइका निरंतरता तथा वैश्विक दक्षिण की आवाज़ शिखर ने अध्यक्षता को ऋण, जलवायु वित्त और बहुपक्षीय विकास बैंकों पर व्यापक दक्षिण एजेंडे से बाँधा।
  • उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के लिए नगर बैठकें और पर्यटन परिपथ घरेलू पार्श्व-लाभ थे; मूल लाभ भारत का नियम-गढ़ने वाले के रूप में बैठने का दावा रहता है, नियम-लेने वाले का नहीं।

सीमा

  • जी-20 विज्ञप्तियाँ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद संकल्पों की तरह बाध्य नहीं; प्रदाय अभी राष्ट्रीय बजट और बाद के ब्राजील तथा दक्षिण अफ्रीका अध्यक्षों पर निर्भर है।

Flow diagram

flowchart TD
  P[भारत जी-20 अध्यक्षता 2022-23] --> S[नई दिल्ली शिखर सितं 2023]
  S --> AU[अफ्रीकी संघ सदस्य]
  S --> D[डीपीआई जैव ईंधन हरित समझौता]
  S --> L[नेता घोषणा]

Conclusion

भारत की जी-20 अध्यक्षता इसलिए मायने रखी कि उसने 2023 की मेज पर वैश्विक दक्षिण, अफ्रीकी संघ, डिजिटल लोक वस्तुएँ और कठिन नेता घोषणा रखी। महत्व एजेंडा शक्ति और सक्षम अध्यक्ष की छवि है, नई विश्व सरकार नहीं।

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Students also ask

  • Critically examine the increasing powers and role of the Prime Minister. How does it impact other institutions?

    Next question in the 2023 paper (Q11). View answer →

  • क्या जी-20 अध्यक्षता ने भारत को विश्व वित्त में वीटो दिया?

    नहीं। उसने एक वर्ष के लिए एजेंडा-निर्धारण और आयोजन शक्ति दी। आईएमएफ और विश्व बैंक मत नई दिल्ली को नहीं गए।

  • क्या नेता घोषणा गारंटी थी?

    नहीं। कई हाल शिखर यूक्रेन पर सहमति से जूझे। भारत की अध्यक्षता ने संतुलित भाषा से घोषणा हासिल की।

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