Q9 · UPPSC PCS मुख्य परीक्षा 2021 · GS II · 8 अंक · कक्ष में ~125 शब्द · 1 min read

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भारत एवं नेपाल के मध्य तनावपूर्ण सम्बन्धों के पीछे चीनी कारक की भूमिका की विवेचना कीजिए।

विषय: India and its neighbours. पाठ्यक्रम: India and its relationship with neighbouring countries. वही आधिकारिक प्रश्न वर्ष 2021 और India and its neighbours से।

Revision summary

चीन नेपाल को भारत के विकल्प के रूप में व्यापार, सहायता और बीआरआई कनेक्टिविटी देता है। काठमांडू दल उस विकल्प से नई दिल्ली के विवादों में स्वायत्तता दावा करते हैं। कालापानी–लिपुलेख पर 2020 मानचित्र टकराव त्रिकोणीय परिवेश में कठोर हुआ। भारत चीनी परियोजनाओं को हिमालयी सुरक्षा समस्या पढ़ता है। पुरानी संधि और जन-संबंध अभी मायने रखते हैं; चीन हर झगड़ा जन्म देने से अधिक बिगाड़ता है।

Model answer

Introduction

भारत–नेपाल संबंध खुली सीमा, 1950 संधि और गहरे सामाजिक सूत्रों पर टिके हैं। हाल के तनाव में चीनी कारक है: बीजिंग काठमांडू को वैकल्पिक साझेदार देता है, जिससे मानचित्र और संधि विवाद खेले जाते हैं।

Body

चीन संबंध में कैसे आता है

  • बेल्ट एंड रोड परियोजनाएँ, हिमालयी कनेक्टिविटी बात और बढ़ता व्यापार-निवेश नेपाल को उत्तरी विकल्प देते हैं जब वह नई दिल्ली संतुलित करना चाहे।
  • काठमांडू के दल गठबंधन सौदों में चीन कार्ड चला सकते हैं, जिससे भारत पर भाषा कठोर होती है जबकि सड़क अभी भारतीय बंदरगाह और ईंधन पर निर्भर है।

द्विपक्षीय तनाव से अंतःक्रिया

  • भारत की लिपुलेख सड़क (2020) और नेपाल के संवैधानिक मानचित्र संशोधन के बाद कालापानी–लिपुलेख–लिम्पियाधुरा झगड़ा अधिक ज्वलनशील हुआ क्योंकि नेपाल संकेत दे सका कि वह केवल भारत-बंद राज्य नहीं।
  • भारत को दूसरे हिमालयी मोर्चे पर खींच रखने की चीन की रणनीतिक रुचि सीमा के पास हर चीनी परियोजना पर भारतीय संदेह बढ़ाती है।
  • बीजिंग की सहायता और प्रोटोकॉल कूटनीति भारत के नेबरहुड फर्स्ट दावे से प्रतिस्पर्धा करती है, इसलिए छोटे सीमा घटना भू-राजनीतिक परीक्षा पढ़े जाते हैं।

सीमा

  • हर भारत–नेपाल झगड़ा चीन-निर्मित नहीं: जल, नागरिकों का व्यवहार और 1950 संधि संशोधन के पुराने मूल हैं।
  • भूगोल नेपाल की अर्थव्यवस्था को भारत से अभी बाँधता है; चीनी कारक दक्षिणी जीवन-रेखा बदलने से अधिक राजनीति बिगाड़ता है।

Flow diagram

flowchart TD
  CN[चीन बीआरआई और कूटनीति] --> NP[नेपाल संतुलन]
  NP --> ST[भारत से तनाव]
  MP[कालापानी लिपुलेख मानचित्र] --> ST
  IN[भारत सुरक्षा पाठ] --> ST

Conclusion

चीनी कारक काठमांडू को संतुलन साझेदार देकर और मानचित्र-कनेक्टिविटी विवादों को हिमालयी त्रिकोण दिखाकर भारत–नेपाल संबंध तनावपूर्ण करता है। वह अविश्वास बढ़ाता है; पुरानी भारत-केंद्रित आर्थिक वास्तविकता मिटाता नहीं।

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    नहीं। मानचित्र संशोधन नेपाल का संप्रभु कार्य था। चीनी कारक व्यापक रणनीतिक संदर्भ है, सिद्ध मानचित्र लेखक नहीं।

  • क्या नेपाल भारतीय पारगमन को चीन से पूरी तरह बदल सकता है?

    अल्पकाल में नहीं। हिमालयी रसद कठिन और महँगी है; भारतीय बंदरगाह और सड़क व्यावहारिक डिफ़ॉल्ट हैं।

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