Revision summary
उप्र का बड़ा कृषि क्षेत्र जीएसटी-काल स्वकर आधार सीमित करता है। पेट्रोलियम वैट, मद्य शुल्क, स्टांप और मोटर कर अवशिष्ट राज्य कर का बड़ा भाग उठाते हैं। संघ अंतरण और जीएसटी मुआवजा अंत राजकोषीय जोखिम पैदा करते हैं। स्टांप, उत्पाद, खनन रिसाव और कमजोर स्थानीय संपत्ति कर वसूली काटते हैं। वेतन, पेंशन और सब्सिडी पूँजीगत खर्च को किनारे करते हैं।
Model answer
Introduction
उत्तर प्रदेश को विशाल आबादी, बड़ी नौकरशाही और फैलते कल्याण का वित्त अभी संकरे स्व-राजस्व आधार से करना है। चुनौतियाँ संरचनात्मक हैं, केवल एक वर्ष की वसूली कमी नहीं।
Body
स्वकर और आधार चुनौतियाँ
- बड़ी कृषि अर्थव्यवस्था जीएसटी से अधिकांशतः बाहर रहती है, इसलिए राज्य का लोचदार स्वकर आधार आकार के अनुपात में पतला है।
- जीएसटी के बाद शेष स्तंभ मुख्यतः पेट्रोलियम वैट, मद्य उत्पाद शुल्क, स्टांप-पंजीकरण और मोटर यान कर हैं—प्रत्येक राजनीतिक या चक्रीय रूप से नाजुक।
- संपत्ति और स्थानीय कर कम वसूल होते हैं; शहरी आधार शहरीकरण से मेल नहीं खाता।
केंद्र निर्भरता और जीएसटी
- वित्त आयोग अंतरण और केंद्र प्रायोजित योजनाएँ बजट का बड़ा अंश हैं, इसलिए संघ अंतरण मंदी या जीएसटी मुआवजा अंत राज्य को दबाते हैं।
- विभाज्य पूल से बाहर रखे उपकर राष्ट्रीय कर वृद्धि से लखनऊ को वास्तव में कम देते हैं।
प्रशासन और व्यय
- स्टांप, उत्पाद और खनन रॉयल्टी में रिसाव तथा कुछ स्थानीय निकायों में कमजोर अंकेक्षण-पगडंडी वसूल राजस्व काटते हैं।
- वेतन, पेंशन, ब्याज और सब्सिडी उच्च प्रतिबद्ध अंश खा जाते हैं, भले शीर्षक ऊँचा जीएसटी दिखाएँ, पूँजीगत व्यय कम रह जाता है।
सुधार जरूरत
- बेहतर संपत्ति मूल्यांकन, डिजिटल स्टांप, स्थिर उत्पाद व्यवस्था और व्यापक जीएसटी अनुपालन व्यावहारिक उत्तर हैं, केवल नए उपकर नहीं।
Flow diagram
flowchart TD B[संकरा स्वकर आधार] --> R[उप्र राजस्व तनाव] G[जीएसटी और संघ अंतरण] --> R L[रिसाव और कमजोर स्थानीय] --> R E[प्रतिबद्ध व्यय] --> R
Conclusion
उप्र की राजस्व व्यवस्था संकरे जीएसटी-बाद स्वकर मिश्रण, दिल्ली पर उच्च निर्भरता, रिसावयुक्त प्रशासन और भारी प्रतिबद्ध खर्च से चुनौती में है। खाली तिजोरी पर नई योजना घोषणा से अधिक आधार चौड़ा करना और रिसाव काटना मायने रखते हैं।
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क्या उप्र की समस्या केवल यह है कि लोग जीएसटी नहीं देते?
नहीं। कई आजीविकाएँ डिज़ाइन से जीएसटी बाहर हैं, और शेष राज्य कर रिसावयुक्त या राजनीतिक रूप से बढ़ाना कठिन हैं।
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क्या केवल अधिक केंद्रीय अनुदान व्यवस्था ठीक कर देंगे?
अनुदान एक वर्ष सहज करते हैं; टिकाऊ हल व्यापक स्व आधार, बेहतर स्टांप और संपत्ति कर, तथा प्रतिबद्ध खर्च नियंत्रण है।
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