Revision summary
डब्ल्यूएचओ आईएचआर 2005 के अधीन अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य समन्वय करता है। उसने जनवरी 2020 में पीएचईआईसी और मार्च 2020 में महामारी घोषित की। मार्गदर्शन, सॉलिडैरिटी परीक्षण और कोवैक्स मुख्य संचालन भूमिकाएँ थीं। आलोचना: विलंब, चीन राजनीति, ताइवान और वित्त निर्भरता। वह राज्यों के भीतर प्रवर्तित नहीं कर सकता; वैश्विक स्वास्थ्य का एकमात्र कंडक्टर रहता है।
Model answer
Introduction
कोविड-19 उस पीढ़ी की पहली महामारी थी जिसने सीमाएँ और वार्ड साथ बंद किए। विश्व स्वास्थ्य संगठन अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियमों के अधीन ऐसे झटके का समन्वय करने को लिखा गया। 2020 में उसकी भूमिका केन्द्रीय, विवादित और अभी अपरिहार्य थी।
Body
अधिदेश और प्रारंभिक भूमिका
- डब्ल्यूएचओ स्वास्थ्य का संयुक्त राष्ट्र विशिष्ट अभिकरण है; आईएचआर 2005 के अधीन वह प्रकोप समाचार लेता, अंतरराष्ट्रीय चिंता का लोक स्वास्थ्य आपात घोषित करता, तथा यात्रा, परीक्षण और नैदानिक देखभाल सलाह देता है।
- उसने 30 जनवरी 2020 को पीएचईआईसी घोषित की और 11 मार्च 2020 को महामारी शब्द प्रयोग किया, जिसके बाद अधिकांश राज्य कोविड को वुहान नहीं, वैश्विक घटना मानने लगे।
- तकनीकी उत्पाद—केस परिभाषा, पीपीई मार्गदर्शन, सॉलिडैरिटी औषधि परीक्षण और बाद में टीका मानक—गरीब और धनी मंत्रालयों को साझा पन्ना देते हैं।
समन्वय और समता
- डब्ल्यूएचओ राज्यों को बुलाता, इन्फोडेमिक से चेताता, और चिकित्सा आपूर्ति श्रृंखला को शुद्ध नीलामी बनने से रोकने का प्रयास करता।
- गावी और सीईपीआई के साथ कोवैक्स समता भुजा थी: साझा खरीद ताकि टीका राष्ट्रवाद निम्न-आय देशों को कतार के अंत में न छोड़े।
- भारत के लिए संगठन मानक-निर्धारक और राजनयिक मंच था, जबकि भारत विनिर्माण केंद्र बना और अपना राष्ट्रीय उत्तर चलाता रहा।
आलोचना जो विवेचन में आनी चाहिए
- आलोचक कहे कि मानव-से-मानव प्रसार देर से माना गया, चीन लॉकडाउन की प्रारंभिक प्रशंसा उद्भव पारदर्शिता से बेमेल बैठी, और ताइवान बहिष्कार निगरानी को चोट पहुँचाता।
- निर्धारित और स्वैच्छिक अंशदान पर वित्त निर्भरता, 2020 में अमेरिकी निकासी घोषणा सहित, दिखाती है कि डब्ल्यूएचओ महाशक्ति राजनीति से दंडित हो सकता है।
- आईएचआर कमजोर प्रवर्तन रखता है: डब्ल्यूएचओ नाम, सलाह और लज्जा दे सकता है; लखनऊ में लॉकडाउन या हुबेई में कारखाना नहीं आदेशित कर सकता।
संतुलित विवेचन
- भूमिका: महामारी में विज्ञान और एकजुटता का आवश्यक कंडक्टर जिसे कोई राज्य प्रयोगशाला अकेले स्कोर नहीं कर सकती।
- सीमाएँ: देर पुकार, राजनीतिक कब्जा जोखिम, और अपने सैनिक नहीं।
- 2020 की सुधार बात—स्वतंत्र पैनल, मजबूत आईएचआर और स्थायी वित्त—उसी मिश्रण से आती है, डब्ल्यूएचओ मिटाने से नहीं।
Flow diagram
flowchart TD IHR[आईएचआर 2005] --> W[डब्ल्यूएचओ] W --> P[पीएचईआईसी महामारी] W --> G[मार्गदर्शन सॉलिडैरिटी] W --> C[कोवैक्स समता] K[राज्य संप्रभुता महाशक्ति वित्त] --> L[सीमाएँ]
Conclusion
कोरोना काल में डब्ल्यूएचओ ने आपात घोषित किया, साझा प्रोटोकॉल दिया और कोवैक्स से टीके बराबर करने का प्रयास किया। वह धीमा और राजनीतिक रूप से दबा था, फिर भी विकल्प प्रत्येक राजधानी का अंधेरे में विषाणु उत्तर गढ़ना था। विवेचन को संगठन सुधारना चाहिए, कंडक्टर की कुर्सी खाली नहीं करनी चाहिए।
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क्या डब्ल्यूएचओ किसी देश को लॉकडाउन बाध्य कर सकता है?
नहीं। वह आईएचआर के अधीन अस्थायी सिफारिशें देता है। पुलिस शक्ति संप्रभु राज्यों के पास रहती है।
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2020 की आलोचना के बाद डब्ल्यूएचओ क्यों रखें?
क्योंकि रोगजनक समाचार, टीका मानक और गरीब देश पहुँच को अभी एक मेज चाहिए। सुधार एजेंडा स्वतंत्रता और गति है, शून्य नहीं।
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