Q13 · UPPSC PCS मुख्य परीक्षा 2025 · GS I · 12 अंक · कक्ष में ~200 शब्द · 2 min read

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जर्मनी का एकीकरण ‘राष्ट्रवाद के आदर्श’ और ‘शक्ति-राजनीति की वास्तविकताओं’ के विरोधाभास का प्रतीक माना जाता है। इस संदर्भ में एकीकरण के मार्गों तथा उसके अंतरराष्ट्रीय निहितार्थों का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

विषय: World history. पाठ्यक्रम: History of the world from the 18th century to the middle of the 20th century. वही आधिकारिक प्रश्न वर्ष 2025 और World history से।

Revision summary

1848 उदार जर्मन राष्ट्र चाहता था; फ्रैंकफर्ट उसे थोप नहीं सका। बिस्मार्क ने ऑस्ट्रिया हटाकर क्लाइनडॉय्च मार्ग से जर्मनी जोड़ा। 1864, 1866 और 1870-71 के युद्ध लोहे और रक्त की विधि थे। 1871 का साम्राज्य राइखस्टाग को प्रशियाई सैन्य राजतंत्र से मिलाता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ्रांस अपमानित हुआ और यूरोपीय संतुलन जर्मन शक्ति के गिर्द नया बना।

Model answer

Introduction

1871 का जर्मन एकीकरण वह राष्ट्र-राज्य बना जिसे कई राष्ट्रवादी चाहते थे। वह बिस्मार्क के अधीन प्रशियाई युद्धों और कूटनीति से हुआ, इसलिए उसे राष्ट्रवाद के आदर्श और शक्ति-राजनीति की वास्तविकताओं के विरोधाभास के रूप में पढ़ा जाता है।

Body

आदर्श बनाम शक्ति

  • 1848 का राष्ट्रवादी आदर्श उदार जर्मन संसद और नागरिकता तथा संस्कृति पर आधारित राष्ट्र चाहता था।
  • फ्रैंकफर्ट संसद सेना नहीं चला सकी और प्रशियाई राजा से नीचे से मुकुट स्वीकार नहीं करा सकी।
  • शक्ति-राजनीति का अर्थ था कि प्रशिया, ऑस्ट्रिया, फ्रांस और छोटे राज्य संविधान मात्र से नहीं, युद्ध और गठबंधन से जर्मनी तय करेंगे।
  • बिस्मार्क ने कहा कि बड़े प्रश्न लोहे और रक्त से तय होंगे, जो 1848 के आदर्श पर शक्ति का खुला दावा है।

एकीकरण के मार्ग

  • ग्रॉसडॉय्च मार्ग में ऑस्ट्रिया शामिल होता; क्लाइनडॉय्च मार्ग ऑस्ट्रिया हटाकर प्रशिया केंद्रित था।
  • बिस्मार्क ने 1864 के डेनमार्क युद्ध, 1866 के ऑस्ट्रिया युद्ध और 1870-71 के फ्रांस युद्ध से प्रतिद्वंद्वी अलग किए और जर्मन राजाओं को जोड़ा।
  • उत्तर जर्मन संघ और फिर जनवरी 1871 में वर्साय पर जर्मन साम्राज्य की घोषणा ने प्रशियाई राजा के अधीन क्लाइनडॉय्च साम्राज्य पूरा किया।
  • राइखस्टाग के लिए वयस्क पुरुष मताधिकार सेना और सम्राट के प्रति उत्तरदायी चांसलर के साथ बैठा, इसलिए उदार राष्ट्रवाद केवल आंशिक सम्मान पाता है।

अंतरराष्ट्रीय निहितार्थ

  • यूरोप के मध्य में शक्तिशाली जर्मनी ने उस पुराने संतुलन को समाप्त किया जो जर्मन भूमि को कमजोर केंद्र मानता था।
  • फ्रांस हारा और अल्सास-लोरेन खोया, जिससे स्थायी शत्रुता जमी।
  • ऑस्ट्रिया जर्मन मामलों से बाहर धकेला गया और बाल्कन की ओर मुड़ा, जिसने 1914 से पहले गठबंधन तंत्र को भोजन दिया।
  • ब्रिटेन और रूस को जर्मनी को नया औद्योगिक और सैन्य ध्रुव मानना पड़ा, यही शक्ति द्वारा एकीकरण का यूरोपीय निहितार्थ है।

Flow diagram

flowchart TD
  F[1848 उदार आदर्श] --> X[फ्रैंकफर्ट असफल]
  B[बिस्मार्क प्रशिया] --> W[1864 1866 1870]
  W --> E[साम्राज्य 1871]
  E --> I[फ्रांस ऑस्ट्रिया संतुलन]

Conclusion

जर्मन एकीकरण ने रूप में राष्ट्रीय आदर्श पूरा किया और विधि में उसे अस्वीकार किया। बिस्मार्क के युद्धों ने प्रशिया-नेतृत्व साम्राज्य बनाया, और अंतरराष्ट्रीय निहितार्थ नई जर्मन शक्ति थी जिसने फ्रांस और यूरोपीय संतुलन अस्थिर किए।

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  • क्या एकीकरण केवल बिस्मार्क का कार्य था?

    बिस्मार्क ने प्रशियाई नीति चलाई। कोयला, रेल और राष्ट्रवादी समाज भी मायने रखते थे, किंतु निर्णायक मार्ग प्रशियाई युद्ध और कूटनीति था।

  • क्या 1871 के बाद राष्ट्रवाद गायब हो गया?

    नहीं। साम्राज्य ने राष्ट्रीय भावना प्रयोग की। विरोधाभास यह है कि भावना राजवंशीय शक्ति से साकार हुई, 1848 के संविधान से नहीं।

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