Revision summary
नगर उत्तर भारतीय मंदिर शैली है: मोल्डेड जगती पर वर्गाकार गर्भगृह। दीवार के रथ प्रक्षेपण शिखर की ऊर्ध्व पट्टियों में चलते हैं। लतिना या रेखा शिखर वक्र है और अमलक-कलश पर समाप्त होता है। फामसन और वलभी छतें मंडप और कुछ आयताकार मंदिर ढकती हैं। देओगढ़, भीतरगाँव, खजुराहो, मोढेरा और ओडिशा रेखा देउल मुख्य उदाहरण हैं; द्रविड़ विमान नगर नहीं है।
Model answer
Introduction
नगर उत्तर भारत की मंदिर भाषा है: वर्गाकार गर्भगृह और वक्र शिखर। 12 अंक के वर्णन में योजना, उत्थान और शीर्ष सदस्य आने चाहिए, और द्रविड़ विमान को नगर उपप्रकार नहीं, विरोधाभास रखना चाहिए।
Body
योजना और अक्ष
- नगर योजना सामान्यतः वर्गाकार गर्भगृह, प्रायः अंतराल, फिर मंडप, कभी अर्ध-मंडप—एक पूर्व-पश्चिम अक्ष पर।
- जगती या पीठ मंदिर को उठाती है; खुर, कुंभ, कलश जैसे मोल्डेड आधार दीवार से पहले पत्थर का तल्ला पढ़े जाते हैं।
- दीवारें रथ प्रक्षेपणों—त्रिरथ, पंचरथ, सप्तरथ—से टूटती हैं ताकि शिखर की ऊर्ध्व पट्टियाँ उन्हीं प्रक्षेपणों को जारी रखें।
- पंचायतन समूह जगती के कोनों पर चार सहायक मंदिर रखते हैं, जैसा कुछ खजुराहो और ओसियां परिसरों में है।
- गर्भगृह के चारों ओर प्रदक्षिणा हो सकती है; बाद के लतिना मंदिर प्रायः पूर्ण प्रदक्षिणा छोड़ सघन कक्ष रखते हैं।
उत्थान और शिखर
- लतिना या रेखा-प्रसाद शिखर गर्भगृह के ऊपर निरंतर वक्र मीनार है और परिपक्व नगर की पहचान है।
- अमलक और कलश लतिना शिखर का मुकुट हैं; अमलक के ठीक नीचे ग्रीवा रहती है।
- फामसन छतें मंडपों पर पिरामिड-सी सीढ़ीदार छतें हैं; वलभी या वैगन-वॉल्ट आयताकार मंदिरों पर आती है, जैसे तेली का मंदिर प्रकार।
- शेखरी और भूमिज विस्तार मुख्य शिखर पर छोटे शिखर (उरुशृंग) बढ़ाते हैं, जैसा खजुराहो के कंदरिया महादेव पर है।
- ओडिशा की कलिंग शाखा (लिंगराज, मुक्तेश्वर, कोणार्क) नगर परिवार है—रेखा देउल और पिढ़ा जगमोहन—द्रविड़ शैली नहीं।
अलंकरण और उदाहरण
- द्वार पर नदी देवियाँ, द्वारपाल और अलंकृत लिंटल होते हैं; दीवार निशों में दिक्पाल और आख्यान पैनल।
- प्रारंभिक पत्थर उदाहरण देओगढ़ (ललितपुर, उत्तर प्रदेश) का दशावतार मंदिर और भीतरगाँव (कानपुर देहात) का ईंट मंदिर हैं।
- बाद का उच्च नगर खजुराहो (मध्य प्रदेश), मोढेरा सूर्य मंदिर (गुजरात) और ओडिशा रेखा देउल हैं।
- तलों वाला द्रविड़ विमान और स्तूपी दक्षिणी विरोधाभास है; वेसर दक्कन का मेल है, नगर का तीसरा शिखर प्रकार नहीं।
Flow diagram
flowchart TD P[वर्गाकार गर्भगृह जगती] --> W[रथ प्रक्षेपण] W --> L[लतिना रेखा शिखर] L --> C[अमलक कलश] P --> M[मंडप फामसन वलभी]
Conclusion
नगर मंदिर वर्गाकार गर्भगृह, रथ दीवार, लतिना या संबंधित शिखर, अमलक-कलश मुकुट, और फामसन या वलभी मंडप छतों से वर्णित होते हैं। देओगढ़, भीतरगाँव, खजुराहो, मोढेरा और कलिंग देउल परिवार दिखाते हैं; द्रविड़ विमान अलग दक्षिणी भाषा रहती है।
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क्या कोणार्क द्रविड़ मंदिर है?
नहीं। सूर्य मंदिर कलिंग नगर रचना है: रथ मंच पर रेखा देउल विचार और विशाल पिढ़ा जगमोहन।
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क्या हर नगर मंदिर में ऊँचा लतिना शिखर होता है?
लतिना शिखर गर्भगृह के लिए विशिष्ट है। मंडप प्रायः फामसन छत रखते हैं, और कुछ प्रारंभिक या आयताकार मंदिर वलभी रूप प्रयोग करते हैं।
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