Revision summary
पटेल और वी.पी. मेनन ने विलय-पत्र और स्टैंडस्टिल से अधिकांश रियासतें संघ में लाईं। विलय से सौराष्ट्र और मध्य भारत जैसी बड़ी प्रशासनिक इकाइयाँ बनीं। जूनागढ़ 1948 जनमत संग्रह से, हैदराबाद सितंबर 1948 के ऑपरेशन पोलो से जुड़ा। कश्मीर का विलय नेहरू के साथ मंत्रिमंडलीय पट्टा था, केवल पटेल का नहीं। प्रिवी पर्स और सेवा एकीकरण उस प्रक्रिया को पूरा करते हैं जो पटेल ने 1950 की मृत्यु से पहले खोली।
Model answer
Introduction
15 अगस्त 1947 के बाद पाँच सौ से अधिक रियासतें नए अधिराज्य और एक नक्शे के बीच खड़ी थीं। उप प्रधानमंत्री और राज्य मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने सचिव वी.पी. मेनन के साथ विलय को कार्यशील संघ बना दिया।
Body
विलय-पत्र और राज्य मंत्रालय
- राज्य मंत्रालय ने इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन और स्टैंडस्टिल समझौते से रक्षा, विदेश और संचार केंद्र को दिए, जबकि आंतरिक स्वायत्तता पहले वचनबद्ध रही।
- पटेल और मेनन ने समझाइश, प्रिवी पर्स और शासकों की गरिमा के वचन जोड़े, जिससे अधिकांश रियासतें 15 अगस्त 1947 से पहले आ गईं।
- छोटी रियासतें सौराष्ट्र, मध्य भारत और पेप्सू जैसे संघों में मिलाई गईं, इसलिए नक्शा केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, प्रशासन के लिए सरल हुआ।
जूनागढ़, हैदराबाद और अन्य कठिन प्रकरण
- जूनागढ़ के नवाब ने 1947 में पाकिस्तान विलय किया, यद्यपि जनसंख्या हिंदू-बहुसंख्यक और गुजराती पृष्ठ प्रदेश था; भारत ने नियंत्रण लिया और फरवरी 1948 के जनमत संग्रह ने भारत विलय पुष्ट किया।
- हैदराबाद, स्थलबद्ध, मुस्लिम शासक और हिंदू बहुसंख्यक, विलय टालता रहा; सांप्रदायिक हिंसा और रजाकार अभियान के बाद सितंबर 1948 के ऑपरेशन पोलो ने निजाम की पकड़ समाप्त कर राज्य जोड़ा।
- त्रावणकोर की प्रारंभिक स्वतंत्रता चर्चा, जोधपुर का संक्षिप्त पाकिस्तान संकेत और ऐसे प्रकरण उसी दबाव और शर्तों से बंद हुए।
संक्षेप की सीमाएँ
- जम्मू-कश्मीर का विलय कबायली आक्रमण के बाद मुख्यतः नेहरू और माउंटबेटन के साथ चला; पटेल एकीकरण के पक्ष में थे, किंतु उस पट्टे के एकमात्र शिल्पी नहीं।
- सेवाओं का एकीकरण, आईएएस, और बाद में प्रिवी पर्स की समाप्ति उस प्रक्रिया को पूरा करती है जिसे पटेल ने आरंभ किया, पर दिसंबर 1950 में मृत्यु से पहले समाप्त नहीं किया।
Flow diagram
flowchart TD P[पटेल राज्य मंत्रालय] --> I[विलय पत्र] P --> J[जूनागढ़ 1948] P --> H[हैदराबाद पोलो 1948] I --> U[भारतीय संघ]
Conclusion
पटेल की भूमिका रियासती भारत को विलय, विलय-संघ, जूनागढ़ और ऑपरेशन पोलो से भारतीय संघ बनाना थी। एकीकरण प्रशासनिक और राजनीतिक था, केवल सैन्य नहीं, और कश्मीर पहले मंत्रिमंडल की साझा अधूरी पट्टे रहा।
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क्या पटेल ने कश्मीर को हैदराबाद की तरह जोड़ा?
नहीं। कश्मीर 1947 के आक्रमण के दौरान विलय हुआ और नेहरू-माउंटबेटन तथा मंत्रिमंडल का प्रश्न बना। हैदराबाद पटेल के अधीन राज्य मंत्रालय की सैन्य-राजनीतिक कार्रवाई था।
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क्या सभी रियासतें बल से ली गईं?
नहीं। अधिकांश ने विलय-पत्र पर हस्ताक्षर किए। बल या नियंत्रण कुछ कठिन प्रकरणों में प्रयुक्त हुआ, विशेषकर हैदराबाद और जूनागढ़ क्रम।
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