Revision summary
स्मार्ट सिटी मिशन (2015) लगभग 100 नगरों में क्षेत्र-आधारित और नगर-व्यापी परियोजनाएँ निधि देता है। योजना के अधीन पूर्वी यूपी चयन वाराणसी और प्रयागराज हैं। वाराणसी का चरित्र घाट, गलियाँ, बुनाई और तीर्थ घनत्व है। प्रयागराज का चरित्र संगम, कुंभ और प्रशासनिक सिविल स्टेशन है। दोनों को ग्रीनफील्ड टाउनशिप से अधिक नदी तट, अपशिष्ट और भीड़ तंत्र चाहिए।
Model answer
Introduction
स्मार्ट सिटी मिशन 2015 में शुरू संघीय नगरीय कार्यक्रम है जो लगभग सौ नगरों को क्षेत्र-आधारित और नगर-व्यापी डिजिटल तथा अवसंरचना परियोजनाओं से पुनर्संयोजित करता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में चयनित नगर वाराणसी और प्रयागराज हैं, और उनका चरित्र हरित क्षेत्र नए नगर से अधिक पवित्र-नदी नगरीयता है।
Body
स्मार्ट सिटी मिशन
- मिशन प्रत्येक नगर में विशेष प्रयोजन वाहन को संहत क्षेत्र-आधारित विकास तथा नगर-व्यापी आईसीटी: यातायात, जल, सड़क प्रकाश और ई-शासन के लिए निधि देता है।
- चयन नगरपालिकाओं के बीच प्रतियोगी था; उत्तर प्रदेश को कई नगर मिले, जिनमें स्पष्ट पूर्वी युग्म वाराणसी और प्रयागराज है।
- लक्ष्य रहनीयता और स्थानीय अर्थव्यवस्था है, केवल गैजेट नहीं; विरासत और बाढ़-प्रवण नदी तट पूर्वी यूपी संक्षेप का भाग हैं।
चयनित पूर्वी यूपी नगर
- वाराणसी गंगा पर जीवंत पवित्र नगर है, घाट, गलियाँ, बुनाई और तीर्थ शिखरों के साथ; यहाँ स्मार्ट सिटी कार्य घने ऐतिहासिक केंद्र में नदी तट, प्रकाश, ठोस अपशिष्ट और गतिशीलता है, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर समानांतर विरासत परियोजना के साथ।
- प्रयागराज त्रिवेणी प्रशासनिक और कुंभ नगर है: चौड़ी सिविल-स्टेशन बनावट, संगम बाढ़ मैदान, और आवधिक महा-सभा; स्मार्ट सिटी विशेषताएँ नदी तट, यातायात-भीड़ तंत्र, और कुंभ भार के नागरिक सेवा आकार हैं।
- दोनों गंगा नगर हैं जिनकी तैरती जनसंख्या ऊँची है, अनुष्ठान स्नान की तुलना में सीवरेज कमजोर है, और अर्थव्यवस्था पर्यटन-प्रशासन है, भारी कारखाना केंद्र नहीं।
- कानपुर यद्यपि बड़ा गंगा औद्योगिक नगर है, प्रायः मध्य दोआब माना जाता है, इसलिए पूर्वी विवेचना मिशन के पूर्वांचल मुख वाराणसी और प्रयागराज पर रहनी चाहिए।
Flow diagram
flowchart TD M[स्मार्ट सिटी मिशन 2015] --> V[वाराणसी घाट शिल्प] M --> P[प्रयागराज संगम कुंभ] V --> G[गंगा विरासत घनत्व] P --> G
Conclusion
स्मार्ट सिटी मिशन 2015 का क्षेत्र-आधारित तथा नगर-व्यापी नगरीय मिशन है। पूर्वी यूपी के चयनित मुख वाराणसी और प्रयागराज हैं: पवित्र गंगा नगर जिनकी स्मार्ट परियोजनाओं को घाट, कुंभ भीड़ और विरासत घनत्व की सेवा करनी चाहिए, केवल सामान्य आईटी डैशबोर्ड की नहीं।
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क्या गोरखपुर स्मार्ट सिटी चुना गया था?
गोरखपुर प्रमुख पूर्वी नगर है किंतु मूल स्मार्ट सिटी मिशन सूची में नहीं था; वाराणसी और प्रयागराज पूर्वी यूपी चयन हैं।
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क्या काशी विश्वनाथ कॉरिडोर स्मार्ट सिटी मिशन है?
यह वाराणसी की बड़ी विरासत परियोजना है जो स्मार्ट सिटी कार्यों के साथ चलती है; मिशन का एकमात्र या आधिकारिक नाम नहीं है।
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