Revision summary
वर्तमान उत्तर प्रदेश गंगा मैदान है, उत्तरी शिवालिक झालर और दक्षिणी बुंदेलखंड-विंध्य उच्च भूमि के साथ। भाबर कंकर पेडिमोंट है जहाँ हिमालयी धाराएँ मोटे जलोढ़ में गायब होती हैं। तराई दक्षिण की आर्द्र पेटी है जहाँ धाराएँ दलदल और ऊँचे जल स्तर के रूप में लौटती हैं। निकासी के बाद तराई धान और गन्ना पालती है किंतु बाढ़ग्रस्त रहती है। दोनों पेटियाँ तलहटी संक्रमण हैं, पूरे गांगेय राज्य के पर्याय नहीं।
Model answer
Introduction
2000 में उत्तराखंड बनने के बाद उत्तर प्रदेश मुख्यतः जलोढ़ मैदान है, उत्तर में पतली हिमालयी झालर और दक्षिण में पठारी देश के साथ। विभाजन में वे खंड नामित हों, फिर भाबर और तराई को दो तलहटी पेटियों के रूप में लिया जाए, पूरे राज्य के रूप में नहीं।
Body
उत्तर प्रदेश के प्रमुख भौतिक प्रदेश
- शिवालिक और बाहरी हिमालयी झालर सहारनपुर, बिजनौर, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज और नेपाल-मुखी तराई किनारे जैसे जिलों में पतली उत्तरी पट्टी है।
- उस झालर के दक्षिण में भाबर फिर तराई हैं, विशाल गंगा मैदान से पहले संक्रमण पेटियाँ।
- गंगा-यमुना जलोढ़ मैदान — बांगर (पुराना जलोढ़) और खादर (बाढ़ मैदान) — राज्य का केंद्र है, शिक्षण में पश्चिमी, मध्य (अवध) और पूर्वी (पूर्वांचल) मैदानों में बँटा।
- दक्षिणी उच्च भूमि झाँसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट का ग्नैस-ग्रेनाइट बुंदेलखंड पठार है, तथा मिर्जापुर-सोनभद्र में बलुआ पत्थर और पठार का विंध्य-कैमूर-सोनभद्र कगार है।
भाबर
- भाबर शिवालिक तल के साथ छिद्रिल कंकर-बजरी पेडिमोंट है, जहाँ हिमालयी धाराएँ मोटे जलोढ़ में धँसती हैं और शुष्क ऋतु में सतही प्रवाह प्रायः गायब हो जाता है।
- मृदा मोटी है, जल स्तर गहरा है, वन ऐतिहासिक रूप से साल और मिश्रित थे, और तराई से बस्ती पतली है क्योंकि कुएँ गहरे चाहिए और नहरें थामना कठिन है।
तराई
- तराई भाबर के ठीक दक्षिण में है: महीन जलोढ़, ऊँचा जल स्तर, और झरनों व दलदल के रूप में धाराओं का पुनः उभरना।
- वह स्वाभाविक रूप से दलदली है, पुराने वर्णन में मलेरिया वाला, लंबे घास और साल के साथ; उन्नीसवीं-बीसवीं सदी की निकासी और उपनिवेशन के बाद पीलीभीत से खीरी होते महाराजगंज तक धान, गन्ना और बस्ती की पेटी बना।
- दुधवा और संबंधित वन शेष आर्द्र वन्य क्षेत्र चिह्नित करते हैं; पेटी बाढ़ग्रस्त है क्योंकि ढाल कम है और शारदा, घाघरा, राप्ती जैसी नदियाँ फैलती हैं।
Flow diagram
flowchart TD N[शिवालिक झालर] --> B[भाबर बजरी धँसान] B --> T[तराई दलदल पुनःउभार] T --> P[गंगा बांगर खादर] P --> U[बुंदेलखंड विंध्य दक्षिण]
Conclusion
उत्तर प्रदेश हिमालयी झालर, भाबर, तराई, गंगा जलोढ़ मैदान, बुंदेलखंड और विंध्य दक्षिण में बँटता है। भाबर शुष्क छिद्रिल बजरी है जहाँ धाराएँ धँसती हैं; तराई दलदल, उथले जल और बाद की कृषि बस्ती की आर्द्र पुनः-उभार पेटी है।
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क्या पूरा उत्तरी उत्तर प्रदेश हिमालय है?
नहीं। वर्तमान राज्य में केवल पतली शिवालिक झालर है। अधिकांश पहाड़ी भूदृश्य 2000 में उत्तराखंड गया।
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क्या भाबर और तराई गंगा मैदान के समान हैं?
नहीं। वे तलहटी संक्रमण पेटियाँ हैं। गंगा बांगर-खादर मैदान तराई के दक्षिण है और राज्य का केंद्र है।
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