Revision summary
जनसंख्या में यूपी भारत का सबसे बड़ा राज्य है, 2011 की वृद्धि राष्ट्रीय दर से ऊपर। प्रजनन गिरा है किंतु पश्चिम, बुंदेलखंड और पूर्वांचल में असमान है। महिला शिक्षा और बाद विवाह मुख्य प्रजनन ब्रेक हैं। मिशन परिवार विकास, आशा नेटवर्क और बीबीबीपी कार्यक्रम परत हैं। केवल महिला नसबंदी पर टिकी सफलता अधूरा आकलन है।
Model answer
Introduction
उत्तर प्रदेश भारत का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है; जनगणना 2011 ने लगभग 20 करोड़ निवासी और अभी भी ऊँची दशकीय वृद्धि गिनी। आकलन में दिखना चाहिए कि प्रजनन गिर रहा है, फिर भी कई जनपदों में प्रतिस्थापन से ऊपर है, और नारे नहीं बल्कि महिलाओं की स्कूली शिक्षा, विलंबित विवाह और गर्भनिरोधक चुनाव जनसांख्यिकीय काम करते हैं।
Body
वृद्धि पैटर्न
- जनगणना 2011 ने उत्तर प्रदेश की जनसंख्या लगभग 19.98 करोड़ और दशकीय वृद्धि लगभग 20.2 प्रतिशत बताई, अखिल भारतीय 17.7 प्रतिशत से ऊपर; घनत्व और युवा उभार अभी पूर्वी और मध्य जनपदों में स्कूल, रोजगार और जल पर दबाव डालते हैं।
- एनएफएचएस-4 (2015–16) ने राज्य कुल प्रजनन दर भारत के 2.2 के विरुद्ध लगभग 2.7 दिखाई; एनएफएचएस-5 ने बाद में कई पश्चिमी जनपदों में प्रतिस्थापन की ओर और गिरावट दर्ज की जबकि बुंदेलखंड और पूर्वांचल के भाग ऊँचे रहे।
- उच्च वांछित प्रजनन अब एकमात्र चालक नहीं; अंतराल की अपूर्ण जरूरत, शीघ्र विवाह और पुत्र प्राथमिकता वृद्धि इंजन चलाए रखते हैं भले दो-संतान बात आधिकारिक हो।
- नगरीय पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर किनारा पहले से निम्न-प्रजनन भारत जैसा दिखता है; आकलन राज्य को एक गाँव नहीं मान सकता।
नियंत्रण चर के रूप में महिलाएँ
- महिला साक्षरता, माध्यमिक स्कूली शिक्षा और प्रथम विवाह की आयु निम्न टीएफआर के सबसे मजबूत, सबसे दोहराए गए सहसंबंध हैं; मिशन शक्ति, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (2015) और स्कूल प्रोत्साहन जनसंख्या नीति के रूप में मायने रखते हैं, केवल जेंडर नीति नहीं।
- आशा, एएनएम और उच्च-प्रजनन जनपदों में मिशन परिवार विकास (2016) आईयूसीडी, इंजेक्टेबल और प्रसवोत्तर गर्भनिरोध बढ़ाते हैं; नसबंदी अभी महिलाओं पर झुकती है, जो ‘सफलता’ अंकों के भीतर न्याय समस्या है।
- मातृ स्वास्थ्य योजनाएँ (जेएसवाई, जेएसएसके) और बाद के उत्तर प्रदेश जनसंख्या-नीति मसौदे जो विलंबित विवाह और अंतराल को पुरस्कार देते हैं महिलाओं को कर्ता मानते हैं, किंतु पुरुष नसबंदी दुर्लभ रहती है और अवैतनिक देखभाल कार्य अभी महिलाओं की सौदेबाजी शक्ति सीमित करता है।
- आकलन: वृद्धि वहाँ धीमी होती है जहाँ लड़कियाँ स्कूल में रहती हैं और अंतराल चुनती हैं; बाल विवाह, रक्तहीनता और पुत्र प्राथमिकता रहते लक्ष्य अकेले इसे ‘नियंत्रित’ नहीं करेंगे।
Flow diagram
flowchart TD G[यूपी जनसंख्या भंडार] --> F[टीएफआर अभी असमान] W[लड़कियाँ स्कूल विलंबित विवाह] --> C[निम्न प्रजनन] P[आशा मिशन परिवार विकास] --> C S[पुत्र प्राथमिकता शीघ्र विवाह] --> F
Conclusion
उत्तर प्रदेश की जनसंख्या वृद्धि भंडार में बड़ी और प्रवाह में असमान रहती है। महिलाएँ प्रजनन तब घटाती हैं जब शिक्षा, विलंबित विवाह और गुणवत्तापूर्ण गर्भनिरोध वास्तविक हों; जो कार्यक्रम केवल महिला नसबंदी गिनते हैं वे जनसांख्यिकी और गरिमा दोनों में असफल होते हैं।
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क्या उत्तर प्रदेश ने हर जगह प्रतिस्थापन प्रजनन पा लिया है?
नहीं। कुछ पश्चिमी जनपद उसके निकट हैं; कई पूर्वी और बुंदेलखंड जनपद ऊँचे हैं। राज्य औसत वह विभाजन छिपाते हैं।
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क्या जनसंख्या नियंत्रण केवल महिलाओं का कर्तव्य है?
नहीं। पुरुषों का विलंबित विवाह, नसबंदी और अवैतनिक काम बाँटना मायने रखते हैं। जो कार्यक्रम केवल महिलाओं पर बोझ डालते हैं वे आकलन में असफल होते हैं।
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